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Jaspal Rana: चयन नीति में बदलाव से नाखुश मनु के कोच जसपाल, NRAI की आलोचना की, बोले- इससे हो रहा नुकसान

Sun, 18 Aug 2024 07:59 PM IST
Mayank Tripathi स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Mayank Tripathi Updated Sun, 18 Aug 2024 07:59 PM IST
सार

एनआरएआई ने रियो ओलंपिक के बाद टोक्यो ओलंपिक में भी पदक नहीं जीतने के बाद 2021 में अपने चयन मानदंडों में संशोधन किया। उसने कोटा हासिल करने वाले निशानेबाजों को मिलने वाले बोनस अंकों में भारी कटौती की और लंबे अंतराल के बाद टीम के चयन के लिए ट्रायल्स की शुरुआत की।

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Manu coach Jaspal unhappy with the change in selection policy, criticized NRAI, said - it is causing harm
कोच के साथ मनु - फोटो : PTI

विस्तार

पेरिस ओलंपिक में दो पदक जीतने वाली युवा निशानेबाज मनु भाकर के कोच जसपाल राणा ने राष्ट्रीय महासंघ की लगातार बदलती ओलंपिक चयन नीति की आलोचना की। उन्होंने कहा कि इससे होनहार प्रतिभाओं को नुकसान हुआ है और अगर इसमें सुधार नहीं किया गया तो आगे भी ऐसा होता रहेगा।
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एशियाई खेल 2006 में तीन स्वर्ण पदक जीतने वाले राणा ने भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ (एनआरएआई) की अपनी नीतियों में अंतिम समय में बदलाव करने की प्रवृत्ति की आलोचना की। राणा ने शुक्रवार को पीटीआई से बात करते हुए कहा- (महासंघ की) चयन नीति हर छह महीने में बदलती है। मैंने खेल मंत्री से मुलाकात करके इस पर उनसे बात की। उन्हें निर्णय लेने दें... वे जो भी निर्णय लेते हैं, सही या गलत, हम उस पर चर्चा नहीं कर रहे हैं, और फिर उस पर कायम रहो। आप इसके बाद निशानेबाजों के प्रदर्शन में अंतर देखेंगे।
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Manu coach Jaspal unhappy with the change in selection policy, criticized NRAI, said - it is causing harm
अभिनव बिंद्रा, मनु भाकर, जसपाल राणा - फोटो : Instagram
टोक्यो ओलंपिक खेलों में 10 मीटर एयर पिस्टल के फाइनल में जगह बनाने वाले एकमात्र खिलाड़ी सौरभ चौधरी और एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक विजेता पिस्टल निशानेबाज जीतू राय जैसे कई प्रतिभाशाली निशानेबाज कुछ ही वर्षों में फीके पड़ गए, जबकि वे सबसे प्रतिभाशाली निशानेबाजों में से एक थे। राणा ने कहा- सौरभ चौधरी कहां हैं, जीतू राय कहां हैं? क्या कोई उनके बारे में बात करता है? नहीं। क्या हम (10 मीटर एयर राइफल निशानेबाज) अर्जुन बाबुता के बारे में बात कर रहे हैं, जो पेरिस में चौथे स्थान पर रहे थे। वह मामूली अंतर से पदक से चूक गए थे। क्या कोई उनकी सुध ले रहा है।

एनआरएआई ने रियो ओलंपिक के बाद टोक्यो ओलंपिक में भी पदक नहीं जीतने के बाद 2021 में अपने चयन मानदंडों में संशोधन किया। उसने कोटा हासिल करने वाले निशानेबाजों को मिलने वाले बोनस अंकों में भारी कटौती की और लंबे अंतराल के बाद टीम के चयन के लिए ट्रायल्स की शुरुआत की। राणा ने कहा कि वह बदलाव के खिलाफ नहीं हैं लेकिन ओलंपिक चक्र के दौरान अधिक निरंतरता बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने कहा - अभी हमारे पास ओलंपिक और विश्व कप के पदक विजेताओं को सुरक्षा प्रदान करने के लिए कोई तंत्र नहीं है। हम ओलंपिक पदक विजेताओं को लंबे समय तक नहीं देखते क्योंकि हमारे पास उन्हें सुरक्षा प्रदान करने के लिए कोई प्रणाली नहीं है।
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