{"_id":"5ca1b439bdec2214463190c0","slug":"reena-awarded-as-himachal-kesari-in-wrestling","type":"story","status":"publish","title_hn":"पहलवान की बेटी रीना बनीं हिमाचल केसरी","category":{"title":"Local Sports","title_hn":"स्थानीय खेल","slug":"local-sports"}}
पहलवान की बेटी रीना बनीं हिमाचल केसरी
Mon, 01 Apr 2019 12:18 PM IST
अरविन्द ठाकुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, राजा का तालाब (कांगड़ा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, राजा का तालाब (कांगड़ा)
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Mon, 01 Apr 2019 12:18 PM IST
विज्ञापन
रीना देवी
- फोटो : अमर उजाला
राजा का तालाब की रीना देवी ने गरीबी के साये में पलकर पहलवानी के शौक को अपनाया है। 12वीं की परीक्षा दे चुकीं रीना देवी बंगाली समुदाय से हैं। उनके पिता काला पहलवान भी प्रदेश के विभिन्न दंगलों में हिस्सा लेकर परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं। रीना ने हाल ही में कांगड़ा जिले के बौड़ क्यालू में हुए दंगल में प्रदेश के विभिन्न जिलों और पठानकोट की महिला पहलवानों को शिकस्त दी।
विज्ञापन
60 किलोग्राम भारवर्ग में बिलासपुर की पहलवान तनु को हराकर उन्होंने हिमाचल केसरी खिताब के साथ एक गुर्ज और 6100 रुपये की नकद राशि जीती। इससे पहले बैजनाथ के बीड़ में हुई जिला स्तरीय प्रतियोगिता के 60 किलोग्राम भार में स्वर्ण पदक जीतकर राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए पात्रता हासिल की थी। अगस्त 2018 में रोहतक में नेशनल ग्रेपलिंग अंडर-17 प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीता।
विज्ञापन
रीना ने पिता से 14 साल की आयु में कुश्ती सीखने की जिद की। पिता के मना करने के बावजूद वे जिद पर अड़ीं रहीं। मात्र चार साल की कुश्ती के जीवन में उन्होंने कई अच्छी पहलवानों पर जीत हासिल कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। देश के लिए खेलने की तमन्ना पाले हुए रीना की कुश्ती में आगे बढ़ने की चाहत में गरीबी आड़े आ रही है।
विज्ञापन