पढ़िए, कोटला टेस्ट की कैमरे के पीछे की तीन कहानियां
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कोटला टेस्ट में टीम इंडिया ने मेहमान दक्षिण अफ्रीका को 337 रनों से बुरी तरह रौंदा और सीरीज 3-0 से अपने नाम कर ट्रॉफी पर कब्जा किया। इस जीत के साथ ही टीम इंडिया आईसीसी टेस्ट रैंकिंग में तीसरे से दूसरे पायदान पर आ गई है। पहले नंबर पर दक्षिण अफ्रीका का कब्जा है। अफ्रीकी टीम भारत से 4 अंक आगे है।
कोटला की जीत में टीम इंडिया के फिरकी गेंदबाज आर अश्विन का खासा योगदान रहा। हालांकि मैन ऑफ द मैच रहे अजिंक्य रहाणे के लगातार दो शतक भी कम नहीं।
चलिए आपको बताते हैं भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच हुए आखिरी टेस्ट मैच की तीन ऐसी बातें जो शायद ही आपको याद रही हो।
सबसे पहले बात करते हैं भारत के ओपनर मुरली विजय की। टेस्ट मैच के पांचवें और अंतिम दिन फिल्डिंग करते समय मुरली बाउंड्री लाइन से बाहर टेबल पर रखी गोल्डन चमचमाती ट्रॉफी को देखने पहुंच गए। उस समय पेसर उमेश यादव गेंदबाजी कर रहे थे।
उमेश जब गेंदबाजी के लिए अपना रनअप ले रहे थे उस वक्त बाउंड्री लाइन पर फिल्डिंग कर रहे विजय ने बाहर निकलकर विजेता टीम को दी जाने वाली ट्रॉफी को अपने दोनों हाथों से पकड़कर उसे बड़े ध्यान से देखने लगे।
पढ़िए, और दो बातें
दक्षिण अफ्रीका के साथ खेले गए सीरीज के चौथे और आखिर मैच के पांचवें और अंतिम दिन जब मेहमान टीम बल्लेबाजी कर रही थी उस समय कोटला स्टेडियम की कुछ लाइटें दोपहर एक बजे ही जला दी गई थीं। इससे पहले मैच के चारों दिन लाइटें तीन बजे जलाई गई थीं। सोमवार को राजधानी हल्का कोहरा छाया हुआ था।
40,000 स्कूली बच्चों ने मैच का लुत्फ उठाया
राजधानी के फिरोजशाह कोटला स्टेडियम में खेले गए चौथे टेस्ट मैच को देखने के लिए स्कूली छात्रों की तादाद अच्छी खासी रही। हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज व इस टेस्ट मैच के पर्यवेक्षक मुकुल मुद्गल के मुताबिक पांचों दिन को मिलाकर कुल 40,000 छात्रों ने स्टेडियम पहुंचकर मैच का लुत्फ उठाया।