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दमदार काउंटर अटैक है हमारी ताकत
सत्येन्द्र पाल सिंह
Updated Fri, 23 May 2014 03:17 PM IST
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सरदार सिंह को एक बार फिर वर्ल्ड कप में भारतीय हॉकी टीम की ‘सरदारी’ सौंपी गई है। उनकी कप्तानी में भारतीय टीम 2010 में नई दिल्ली में वर्ल्ड कप में शानदार आगाज करने के बावजूद आठवें नंबर पर रही थी।
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दुनिया के बेहतरीन मिडफील्डर सरदार को भरोसा है कि हेग में भारतीय टीम कम से कम टॉप सिक्स में जरूर रहेगी। 180 अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुके सरदार भारत के आक्रमण और रक्षण के धुरी हैं। काउंटर अटैक को वह अपनी टीम की ताकत मानते हैं। वर्ल्ड कप के लिए टीम के हेग रवाना होने से पहले सत्येन्द्र पाल सिंह की सरदार सिंह से खास बातचीत।
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कैसी है भारत की विश्व कप की तैयारी?
टीम के हर खिलाड़ी ने पिछले तीन चार महीने से मानसिक और शारीरिक मजबूती, 400 मीटर की दौड़, तैराकी, फिटनेस बेहतर करने की ड्रिल शिद्दत से की। पेनाल्टी कॉर्नर को गोल में बदलने में दक्षता पाने के साथ पेनाल्टी कॉर्नर पर अपने किले की चौकसी के कोच द्वारा बनाई रणनीति पर अमल कर रहा है। आखिरी क्षणों पर गोल खाने की कमजोरी करीब-करीब दूर हो गई है।
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1975 में वर्ल्ड कप जीतने के बाद क्या थम पाएगा भारत का नीचे, और नीचे लुढ़कने का सिलसिला?
बिल्कुल। मुझे पूरा यकीन है हम इस पर लगाम लगाने में कामयाब होंगे। मैं हॉलैंड में ब्लूमोंडेल क्लब में बतौर पेशेवर खिलाड़ी खेल चुका है। वहां खेलने का अनुभव मेरे लिए जरूर मददगार रहेगा। भारतीय टीम ने पिछले चार-पांच महीने यूरोपीय खिलाड़ियों के साथ कठोर ट्रेनिंग की है। इसका फायदा हमें जरूर मिलेगा।
कहां तक पहुंचेगी इस वर्ल्ड कप में भारत की चुनौती?
हम टीम पर किसी तरह का दबाव नहीं डाल रहे हैं। मैं मानता हूं कि खिताब जीतना जरूर मुश्किल है। हमारा ध्यान फिलहाल बेल्जियम के खिलाफ अपने पहले पूल मैच पर है। हमारी कोशिश बढ़िया आगाज पर है। हम वर्ल्ड कप में पांचवें-छठे स्थान पर जरूर रहेंगे।
टीम की ताकत आपकी निगाह में?
हमारी ताकत हमारे दमदार काउंटर अटैक यानी जवाबी हमले हैं। हमने अब पेनाल्टी कॉर्नर पर गोल तो कर ही रहे हैं हम पेनाल्टी कॉर्नर पर बचाव भी मुस्तैदी से कर रहे हैं। टीम की फिटनेस बेहतर हुई है। बतौर मिडफील्डर और कप्तान मुझ पर अनुभवी धर्मवीर सिंह के साथ मिलकर चिंगलेनसाना सिंह, मनप्रीत सिंह, एसके उथप्पा का मार्गदर्शन कर उनसे बेस्ट कराने की जिम्मेदारी है।
यंग फॉरवर्ड लाइन क्या कसौटी पर खरी उतरेगी?
मुझे भरोसा है कि अनुभवी फॉरवर्ड एसवी सुनील के मार्गदर्शन में आकाशदीप सिंह, मंदीप सिंह, रमणदीप सिंह और निकिन थिमैया गोल के अच्छे अभियान बनाने के साथ खूब गोल दागेंगे।
बतौर दूसरी बार कप्तान आप पर किस तरह का दबाव है?
मैं बतौर खिलाड़ी और कप्तान किसी तरह के दबाव में नहीं हूं। हमने हाल ही में हॉलैंड का दौरा किया था। मेरी जिम्मेदारी यंग खिलाड़ियों से बेहतरीन प्रदर्शन कराने की है। जब मैं नया-नया भारतीय टीम में आया था तो सीनियर साथियों ने मेरी गलतियां बताकर उन्हें दूर कराने और मुझे प्रदर्शन बेहतर करने में मदद की थी।