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Yogeshwar Dutt: कुश्ती विवाद से लड़कियों को नुकसान, लेकिन पदक जीत रहे पहलवान; पढ़ें योगेश्वर दत्त का इंटरव्यू
Fri, 08 Sep 2023 05:35 PM IST
शक्तिराज सिंह
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शक्तिराज सिंह
Updated Fri, 08 Sep 2023 05:35 PM IST
सार
पहलवानों ने जंतर-मंतर पर धरने में बैठने के बाद बृजभूषण सिंह पर जो आरोप लगाए थे, उनकी जांच के लिए एक समिति बनाई गई थी। इस समिति का हिस्सा पूर्व भारतीय पहलवान योगेश्वर दत्त भी थे। 2012 लंदन ओलंपिक में पदक जीतने वाले योगेश्वर दत्त भी एशियाई खेलों में भारतीय दल को रवाना करने पहुंचे थे, इस दौरान उन्होंने अमर उजाला के साथ बातचीत की। प्रस्तुत हैं बातचीत के खास अंश...
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योगेश्वर दत्त
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
भारत का अब तक का सबसे बड़ा 634 सदस्यीय दल एशियाई खेलों मे भाग लेगा। लंबे समय बाद भारत की फुटबॉल टीम भी एशियाई खेलों में भाग ले रही है, लेकिन सबसे ज्यादा पदक की आस भारतीय पहलवानों से ही है। पिछले कुछ समय में भारतीय कुश्ती जमकर विवादों में रही है, लेकिन पहलवानों के प्रदर्शन पर इसका ज्यादा असर नहीं हुआ है। भारतीय कुश्ती संघ को अंतरराष्ट्रीय कुश्ती संघ ने अस्थायी तौर पर निलंबित भी कर दिया है। इन मुश्किल हालातों में भी भारतीय पहलवान पदक जीत रहे हैं और एशियाई खेलों में पहलवानों से कई पदक की उम्मीद है।
भारतीय पहलवान जनवरी के महीने में दिल्ली के जंतर-मंतर में धरने पर बैठ गए थे। इसके बाद से कुश्ती संघ लगातार विवादों में रहा है। पहलवानों की मांग के बाद बृजभूषण सिंह कुश्ती संघ से अलग हो चुके हैं। हालांकि, उनका कार्यकाल भी खत्म हो चुका है और चुनाव नहीं हो पाने की वजह से अब तक भारतीय कुश्ती संघ के नए अध्यक्ष का चयन नहीं हुआ है। इसी वजह से भारतीय कुश्ती संघ को निलंबित किया गया है।
पहलवानों ने जंतर-मंतर पर धरने में बैठने के बाद बृजभूषण सिंह पर जो आरोप लगाए थे, उनकी जांच के लिए एक समिति बनाई गई थी। इस समिति का हिस्सा पूर्व भारतीय पहलवान योगेश्वर दत्त भी थे। 2012 लंदन ओलंपिक में पदक जीतने वाले योगेश्वर दत्त भी एशियाई खेलों में भारतीय दल को रवाना करने पहुंचे थे, इस दौरान उन्होंने अमर उजाला के साथ बातचीत की। प्रस्तुत हैं बातचीत के खास अंश...
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सवालः हाल ही में भारतीय कुश्ती काफी विवादों में रही है, इस पर आप क्या कहना चाहेंगे?
योगेश्वर दत्त: पहलवानों के प्रदर्शन और कुश्ती संघ पर लगे आरोपों का कुश्ती में बहुत ज्यादा प्रभाव पड़ा है। खासकर लड़कियों पर प्रभाव पड़ा है। क्योंकि, उनके परिवार वाले काफी चिंतित हुए हैं, ये प्रकरण सुनकर। इससे उबरने में काफी समय लगेगा। उसके बाद भी हमारे पहलवान अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। मेडल जीत रहे हैं। ये बड़ी अच्छी बात है। बुरे दौर में भी नकारात्मकता जहां पर फैली हुई है, उसमें भी हमारे पहलवानों के हौसले बुलंद हैं और वह मेडल जीत रहे हैं। मैं चाहता हूं कि एशियाई खेलों में भी हमारे पहलवान ज्यादा से ज्यादा मेडल जीतें।
सवालः एशियाई खेलों में कौन-कौन मेडल जीतने का दावेदार है?
योगेश्वर दत्तः अंतिम हैं, अमन है, दीपक पुनिया है। ग्रीक और रोमन में भी मेरा मानना है कि एक या दो मेडल आएगा तो हम पांच-छह मेडल तक हम पहुंच सकते हैं।
सवालः भारतीय कुश्ती संघ को हाल ही में निलंबित किया गया है, इस पर आपका क्या कहना है?
योगेश्वर दत्तः सबसे बड़ी दिक्कत एशियाई खेलों में नहीं है। विश्व चैंपियनशिप में है। उसमें हम खेलेंगे और मेडल जीतते हैं तो उसका फायदा देश को होगा या नहीं होगा। क्योंकि, कोटा मिलता है देश को, उसमें अगर हम भारत के झंडे के साथ नहीं खेल सकते तो कोटा नहीं मिलेगा। ओलंपिक कोटा भी नहीं मिलेगा। यह बड़ी समस्या है। इसलिए इसका समाधान करना जरूरी है।
सवालः जो पहलवान धरने में बैठे थे, उनसे आपकी क्या बात हुई?
योगेश्वर दत्तः उनसे मेरी बात नहीं होती है।
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भारतीय पहलवान जनवरी के महीने में दिल्ली के जंतर-मंतर में धरने पर बैठ गए थे। इसके बाद से कुश्ती संघ लगातार विवादों में रहा है। पहलवानों की मांग के बाद बृजभूषण सिंह कुश्ती संघ से अलग हो चुके हैं। हालांकि, उनका कार्यकाल भी खत्म हो चुका है और चुनाव नहीं हो पाने की वजह से अब तक भारतीय कुश्ती संघ के नए अध्यक्ष का चयन नहीं हुआ है। इसी वजह से भारतीय कुश्ती संघ को निलंबित किया गया है।
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पहलवानों ने जंतर-मंतर पर धरने में बैठने के बाद बृजभूषण सिंह पर जो आरोप लगाए थे, उनकी जांच के लिए एक समिति बनाई गई थी। इस समिति का हिस्सा पूर्व भारतीय पहलवान योगेश्वर दत्त भी थे। 2012 लंदन ओलंपिक में पदक जीतने वाले योगेश्वर दत्त भी एशियाई खेलों में भारतीय दल को रवाना करने पहुंचे थे, इस दौरान उन्होंने अमर उजाला के साथ बातचीत की। प्रस्तुत हैं बातचीत के खास अंश...
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सवालः हाल ही में भारतीय कुश्ती काफी विवादों में रही है, इस पर आप क्या कहना चाहेंगे?
योगेश्वर दत्त: पहलवानों के प्रदर्शन और कुश्ती संघ पर लगे आरोपों का कुश्ती में बहुत ज्यादा प्रभाव पड़ा है। खासकर लड़कियों पर प्रभाव पड़ा है। क्योंकि, उनके परिवार वाले काफी चिंतित हुए हैं, ये प्रकरण सुनकर। इससे उबरने में काफी समय लगेगा। उसके बाद भी हमारे पहलवान अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। मेडल जीत रहे हैं। ये बड़ी अच्छी बात है। बुरे दौर में भी नकारात्मकता जहां पर फैली हुई है, उसमें भी हमारे पहलवानों के हौसले बुलंद हैं और वह मेडल जीत रहे हैं। मैं चाहता हूं कि एशियाई खेलों में भी हमारे पहलवान ज्यादा से ज्यादा मेडल जीतें।
सवालः एशियाई खेलों में कौन-कौन मेडल जीतने का दावेदार है?
योगेश्वर दत्तः अंतिम हैं, अमन है, दीपक पुनिया है। ग्रीक और रोमन में भी मेरा मानना है कि एक या दो मेडल आएगा तो हम पांच-छह मेडल तक हम पहुंच सकते हैं।
सवालः भारतीय कुश्ती संघ को हाल ही में निलंबित किया गया है, इस पर आपका क्या कहना है?
योगेश्वर दत्तः सबसे बड़ी दिक्कत एशियाई खेलों में नहीं है। विश्व चैंपियनशिप में है। उसमें हम खेलेंगे और मेडल जीतते हैं तो उसका फायदा देश को होगा या नहीं होगा। क्योंकि, कोटा मिलता है देश को, उसमें अगर हम भारत के झंडे के साथ नहीं खेल सकते तो कोटा नहीं मिलेगा। ओलंपिक कोटा भी नहीं मिलेगा। यह बड़ी समस्या है। इसलिए इसका समाधान करना जरूरी है।
सवालः जो पहलवान धरने में बैठे थे, उनसे आपकी क्या बात हुई?
योगेश्वर दत्तः उनसे मेरी बात नहीं होती है।