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हॉकी विश्व कप के लिए टीम चुनने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ेगी: क्रिस सिरिलो
सत्येन्द्र पाल सिंह, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Wed, 07 Nov 2018 08:46 AM IST
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भारतीय हॉकी टीम
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अपने जमाने के ऑस्ट्रेलिया और दुनिया के बेहतरीन ड्रैग फ्लिकर और भारतीय पुरुष हॉकी टीम के एनालिटिकल कोच क्रिस सिरिलो कहते हैं कि 34 कोर ग्रुप के खिलाड़ियों का राष्ट्रीय शिविर हॉकी विश्व कप के लिए अपनी दावेदारी पेश करने का मौका है। अब भुवनेश्वर में ओडिशा हॉकी विश्व कप के शुरू होने में 22 दिन बाकी हैं।
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क्रिस सिरिलो ने 'अमर उोजाला' से मंगलवार को कहा, 'मस्कट में एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी में बारिश के कारण फाइनल के धुलने के कारण भले ही भारत संयुक्त विजेता रहा, लेकिन खिताब बरकरार रखना खासा अहम रहा। इसमें खिताब जीतने से हमारी टीम को घर में हॉकी विश्व कप के लिए जरूरी विश्वास मिलेगा। हॉकी विश्व कप के लिए भारत की 18 सदस्यीय टीम चुनने के लिए चयनकर्ताओं को खासी मशक्कत करनी होगी क्योंकि भारत के पास पर्याप्त विकल्प हैं।'
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'कई सीनियर खिलाड़ियों ने फिट होकर कोर ग्रुप लिए वापसी की है। उदीयमान यंग खिलाड़ी बेहतरीन खेल से अपनी दावेदारी ठोक रहे हैं। हम भुवनेश्वर में शिविर में खासतौर पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलने पर जोर दे रहे हैं। हमारी टीम ने एक भी मैच हारे बिना एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी खिताब बरकरार रख कर यह दिखाया है कि उसकी रक्षापंक्ति खासी मजबूत है। हमारी टीम की ताकत है उसकी आक्रामक हॉकी है।'
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उन्होंने कहा, 'सबसे अच्छी बात यह है कि हार्दिक सिंह जैसे यंग खिलाड़ी के साथ टीम में वापसी करने वाले सीनियर खिलाड़ी कोथाजीत सिंह ने भी शांत रह कर एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी में भारत के किले की चौकसी की। बेशक सरदार सिंह जैसे सदाबहार सेंटर हाफ के अंतर्राष्ट्रीय हॉकी को अलविदा कहने से खाली हुई जगह को भरना मुश्किल है। हमारे लिए सबसे अच्छी बात यह रही कि मनप्रीत सिंह ने बतौर सेंटर हाफ और कप्तान अपनी भूमिका बहुत शिद्दत से निभाई। मनप्रीत सिंह ने अनुकरणीय खेल दिखा कर बाकी साथी खिलाड़ियों को बेहतरीन खेल के लिए प्रेरित किया।'
सिरिलो कहते हैं, 'जकार्ता एशियाई खेलों में मलयेशिया के खिलाफ सेमीफाइनल में हार वाकई बड़ी झटका थी। अच्छी बात यह है कि हमारी टीम ने मस्कट में एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी हॉकी में खिताब बरकरार रख कर दिखाया कि वह इसे भुला चुकी है। हमारी टीम का ध्यान अब भुवनेश्वर में ओडिशा हॉकी विश्व कप पर है।'