18वें एशियन गेम्स का समापन हो चुका है। जकार्ता और पालेमबांग में हुए इन खेलों के समापन समारोह में भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान रानी रामपाल को भारतीय दल का ध्वजवाहक चुना गया था। इसी के साथ वो इस ऐतिहासिक पल की साक्षी बनीं। रानी का बचपन काफी मुसीबतों से गुजरा है। रानी के पिता तांगा चलाकर गुजर बसर कर रहे हैं। आइए जानते हैं हॉकी खिलाड़ी रानी रामपाल के बारे में...
पिता चलाते हैं तांगा और अब बेटी ने एशियन गेम्स में फहराया तिरंगा, रानी रामपाल के संघर्ष की कहानी
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
Updated Sun, 02 Sep 2018 08:43 PM IST
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