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भारतीय महिला हॉकी खिलाड़ी सुनीता लाकड़ा का संन्यास, घुटने की इंजरी करती थी परेशान
Thu, 02 Jan 2020 01:21 PM IST
अंशुल तलमले
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
Published by: अंशुल तलमले
Updated Thu, 02 Jan 2020 01:21 PM IST
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सुनीता लाकड़ा
- फोटो : हॉकी इंडिया
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भारतीय हॉकी टीम की डिफेंडर और पूर्व कप्तान सुनीता लाकड़ा ने हमेशा-हमेशा के लिए खेल को अलविदा कह दिया। 2018 में खेले गए जकार्ता एशियाई खेलों की सिल्वर मेडलिस्ट टीम की अहम सदस्य रहीं सुनीता लंबे समय से घुटने की परेशानी से जूझ रही थीं। सुनीता ने कहा कि, 'उन्हें चोट के कारण दोबारा घुटने की सर्जरी करानी पड़ेगी। इस तरह 28 साल की खिलाड़ी का टोक्यो ओलंपिक के लिए भारतीय टीम में जगह बनाने का सपना टूट गया।
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हॉकी इंडिया द्वारा जारी बयान के अनुसार उन्होंने कहा, ‘आज मेरे लिए बहुत भावुक दिन है क्योंकि मैंने अंतरराष्ट्रीय हॉकी से संन्यास लेने का फैसला किया है।' सुनीता ने 2008 से टीम से जुड़ने के बाद 2018 की एशियाई चैम्पियंस ट्रॉफी के दौरान भारत की कप्तानी की जिसमें टीम दूसरे स्थान पर रही थी। उन्होंने भारत के लिए 139 मैच खेले और वह 2014 के एशियाई खेलों की कांस्य पदक विजेता टीम का भी हिस्सा रहीं।
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उन्होंने कहा, ‘मैं भाग्यशाली रही कि 2016 में रियो ओलंपिक में खेल सकी जिसमें तीन दशक में पहली बार भारतीय महिला टीम ने शिरकत की, लेकिन घुटने की चोटों ने टोक्यो ओलंपिक के लिए भारतीय टीम का हिस्सा बनने का मेरा सपना तोड़ दिया।’
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सुनीता ने कहा, ‘डॉक्टरों ने मुझे कहा कि मुझे इसके लिए आगामी दिनों में एक और सर्जरी करानी होगी। मुझे नहीं पता कि पूरी तरह उबरने में कितना समय लगेगा।’ उन्होंने कहा कि सर्जरी से उबरने के बाद वह घरेलू हाकी में खेलना जारी रखेंगी।
उन्होंने कहा, ‘मेरे उपचार के बाद मैं घरेलू हॉकी खेलूंगी। नाल्को के लिए खेलूंगी, जिन्होंने नौकरी देकर मेरे करियर में बहुत मदद की।’ सुनीता ने परिवार के साथ टीम के साथियों, हॉकी इंडिया और मुख्य कोच सोर्ड मारिने का शुक्रिया अदा किया।