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तो सिक्स पैक एब्स दिखाएगी हॉकी टीम
Updated Tue, 14 Aug 2012 12:14 PM IST
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भारतीय हॉकी टीम ओलंपिक में अगर पदक जीतती है तो तो खिलाड़ी कुछ अलग अंदाज में जश्न मनाएंगे। टीम के उपकप्तान सरदारा सिंह ने कहा कि अगर हमने अच्छा खेल दिखाया तो भारतीय खिलाडि़यों की योजना अपने सिक्स पैक एब्स प्रदर्शित करने की है।
भारत ही नहीं बल्कि दुनिया के सर्वाधिक फिट खिलाडि़यों में से एक हरियाणा के सिरसा जिले के संतनगर गांव के रहने वाले मृदुभाषी सरदारा ने खिलाडि़यों के संतुलित शरीर बनाने का श्रेय टीम के फिजियोलॉजिस्ट डेविड जॉन को दिया।
सरदारा ने स्पेन के ला अलबेरिसिया से कहा कि पिछले एक वर्ष में हमारी फिटनेस में काफी बदलाव आया है और यह अंतर पैदा करने का सारा श्रेय डेविड को जाता है। पहले हमें अपना शरीर दिखाने में संकोच होता था, लेकिन अब स्थिति बदल गई है।
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मुख्य कोच माइकल नोब्स की नजर में लंदन में भारत की सफलता का दारोमदार सरदारा पर होगा। लेकिन लगातार दो वर्ष एफआइएच ऑल स्टार टीम में रह चुके सरदारा इसको लेकर दबाव में नहीं हैं।
उन्होंने कहा, देश के लिए अच्छा प्रदर्शन करने का दबाव है, लेकिन मैं खुद पर कोई अतिरिक्त दबाव नहीं महसूस कर रहा। एक पेशेवर खिलाड़ी होने के नाते मैं जानता हूं कि इससे किस तरह निपटा जाता है। हमारे ऊपर सिर्फ एक दबाव है कि भारतीय हॉकी को उसकी पुरानी प्रतिष्ठा लौटानी है। हम में सेमीफाइनल तक पहंुचने की क्षमता है। हमारे पास सभी पोजीशन पर अच्छे खिलाड़ी हैं।
भाग्य साथ दे तो हम आश्चर्यजनक परिणाम दे सकते हैं। वह उस टीम का हिस्सा थे जो चिली के सैंटियागो में 2008 के क्वालीफायर में ब्रिटेन के हाथों हारकर पहली बार ओलंपिक से बाहर हुई थी। उन्होंने कहा कि सभी को टीम से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीदें हैं। हमें यकीन है कि इस बार हम 2008 की चिली की कड़वी यादों को मिटा देंगे। यूरोप दौरे के बारे में उन्होंने कहा कि इसमें हार जीत बेमानी थी, क्योंकि फोकस सही टीम संयोजन तलाशने पर था।
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भारत ही नहीं बल्कि दुनिया के सर्वाधिक फिट खिलाडि़यों में से एक हरियाणा के सिरसा जिले के संतनगर गांव के रहने वाले मृदुभाषी सरदारा ने खिलाडि़यों के संतुलित शरीर बनाने का श्रेय टीम के फिजियोलॉजिस्ट डेविड जॉन को दिया।
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सरदारा ने स्पेन के ला अलबेरिसिया से कहा कि पिछले एक वर्ष में हमारी फिटनेस में काफी बदलाव आया है और यह अंतर पैदा करने का सारा श्रेय डेविड को जाता है। पहले हमें अपना शरीर दिखाने में संकोच होता था, लेकिन अब स्थिति बदल गई है।
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मुख्य कोच माइकल नोब्स की नजर में लंदन में भारत की सफलता का दारोमदार सरदारा पर होगा। लेकिन लगातार दो वर्ष एफआइएच ऑल स्टार टीम में रह चुके सरदारा इसको लेकर दबाव में नहीं हैं।
उन्होंने कहा, देश के लिए अच्छा प्रदर्शन करने का दबाव है, लेकिन मैं खुद पर कोई अतिरिक्त दबाव नहीं महसूस कर रहा। एक पेशेवर खिलाड़ी होने के नाते मैं जानता हूं कि इससे किस तरह निपटा जाता है। हमारे ऊपर सिर्फ एक दबाव है कि भारतीय हॉकी को उसकी पुरानी प्रतिष्ठा लौटानी है। हम में सेमीफाइनल तक पहंुचने की क्षमता है। हमारे पास सभी पोजीशन पर अच्छे खिलाड़ी हैं।
भाग्य साथ दे तो हम आश्चर्यजनक परिणाम दे सकते हैं। वह उस टीम का हिस्सा थे जो चिली के सैंटियागो में 2008 के क्वालीफायर में ब्रिटेन के हाथों हारकर पहली बार ओलंपिक से बाहर हुई थी। उन्होंने कहा कि सभी को टीम से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीदें हैं। हमें यकीन है कि इस बार हम 2008 की चिली की कड़वी यादों को मिटा देंगे। यूरोप दौरे के बारे में उन्होंने कहा कि इसमें हार जीत बेमानी थी, क्योंकि फोकस सही टीम संयोजन तलाशने पर था।