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जीते पर आयरलैंड के सामने खुली पोल
नई दिल्ली/ब्यूरो/हेमंत रस्तोगी
Updated Fri, 22 Feb 2013 12:19 AM IST
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अब तक कमजोर टीमों के खिलाफ गोलों की बौछार करती आ रही भारत को वर्ल्ड हॉकी लीग-2 में बृहस्पतिवार को आयरलैंड से कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा। सही मायनों पर 15वीं रैंकिंग वाली आयरिश टीम 2-3 से हार जरूर गई लेकिन उसने भारतीय हॉकी टीम की असलियत सामने ला दी। खेल के अंतिम मिनट तक भारत की जीत पक्की नहीं लग रही थी।
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70 मिनट की अवधि का हूटर बजते ही कप्तान सरदार सिंह का तमतमाए चेहरे के साथ विरोधियों से बिना हाथ मिलाए मैदान छोड़ना और कोच माइकल नॉब्स केसमक्ष गर्दन हिलाकर निराशा जताना। साफ बता रहा था कि वह टीम के प्रदर्शन से बिलकुल खुश नहीं है। यहां तक कोच नॉब्स ने आयरिश कोच एंड्रयू मेरेडिथ को गले लगाकर उनकी टीम को हतप्रभ करने के लिए बधाई दी। भारत ने खेल की काफी तेज शुरुआत की।
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पहले आठ मिनट में उसे तीन पेनाल्टी कार्नर हासिल हुए लेकिन तीनों ही बेकार गए। 14वें मिनट में मिले चौथे पेनाल्टी कार्नर को रूपिंदर पाल सिंह ने गोल में बदलकर बढ़त दिलाई। इसके बाद आयरिश टीम ने न सिर्फ भारतीयों की रफ्तार थामी बल्कि हमलों का क्रम शुरू कर दिया। 24वें मिनट में एक के बाद एक मिले तीन पेनाल्टी कार्नर ने आयरलैंड की बराबरी का रास्ता खोल दिया। तीसरे पेनाल्टी कार्नर पर कोनर हारटे ने रिबाउंड पर रिवर्स हिट के जरिए खूबसूरत गोल भेदा। हाफ टाइम तक यही गोल हुए।
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दूसरे हाफ में भी भारत ने तेज शुरुआत कर 38वें मिनट में पेनाल्टी कार्नर हासिल किया। यहां रघुनाथ नहीं चूके उन्होंने टीम को फिर बढ़त दिला दी। लेकिन आयरलैंड ने 49वें मिनट में यूजीन मैगी के रिवर्स हिट के जरिए किए गए गोल से फिर बराबरी हासिल कर ली। लेकिन 55वें मिनट में मैच का सबसे बेहतरीन मूव बनाते हुए मंदीप सिंह ने गोल से डी में बैक पास फेंका। यहां धरमवीर ने रिवर्स हिट के जरिए गोल कर भारत को 3-2 से बढ़त दिला दी।
एक मिनट बाद ही भारत को बढ़त मजबूत करने का मौका मिला। लेकिन गोली डेविड हारटे ने वीरेंद्र लाकड़ा की कोशिश बेकार कर दी। इसके बाद तो आयरलैंड ने भूखे शेर की तरह टूटते हुए ताबड़तोड़ हमले शुरू कर दिए। अंतिम चार मिनट में उन्हें तीन पेनाल्टी कार्नर मिले। लेकिन तीनों ही बेकार गए। धरमवीर को मैन ऑफ द मैच चुना गया। कोच नॉब्स ने स्वीकार किया कि फिनिशिंग में सुधार की जरूरत है। लेकिन उन्हें आयरिश टीम से इस तरह के मुकाबले की ही उम्मीद थी। उनके ज्यादातर खिलाड़ी डच, बेल्जियम व जर्मन लीग में खेलते हैं। वहीं आयरिश कोच एंड्रयू मेरेडिथ का कहना है कि ड्रा बेहतर परिणाम होता।