अब फोकस ओलंपिक क्वालिफायर्स पर : हरमनप्रीत
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भारतीय हॉकी टीम के उपकप्तान और ड्रैग फ्लिकर हरमनप्रीत सिंह का प्रदर्शन जिम्मेदारी ने और निखारा है। बतौर कप्तान टोक्यो में ओलंपिक टेस्ट इवेंट जिताने के बाद बेल्जियम दौरे पर भी उन्होंने मेजबान व विश्व चैंपियन और रूस के खिलाफ पांचों मुकाबले जिताने में अहम भूमिका निभाई।
उन्होंने पेनाल्टी कॉर्नर पर टूर्नामेंट में सर्वाधिक पांच गोल किए। अब उनकी निगाह टीम को टोक्यो ओलंपिक का टिकट दिलाने पर हैं। हरमनप्रीत ने अमर उजाला से कहा कि बेल्जियम के सफल दौरे का श्रेय पूरी टीम को जाता है। अब हमारा फोकस अगले महीने भुवनेश्वर में ओलंपिक क्वालिफायर्स में रूस से दोनों मैच जीतकर टोक्यो के लिए क्लालिफाई करने पर है।
ढील की जरा भी गुंजाइश नहीं है। भले ही रूस रैंकिंग में हमसे नीचे है। हमें ओलंपिक के लिए क्वालिफाई करने का पूरा भरोसा है। टीम में मेरे, रूपिंदर पाल, अमित रोहिदास और वरुण कुमार के रूप में चार ड्रैग फ्लिकर हैं। ऐसे में हमारी टीम को जब भी पेनल्टी कॉर्नर मिले तो उसे गोल में बदलने के लिए उसके पास मैच में हर समय कम से कम एक ड्रैग फ्लिकर तो मौजूद रहेगा ही।
हर चुनौती को तैयार हैं हम : उपाध्याय
उधर चोट के करीब आठ माह बाद वापसी करने वाले बनारसी बाबू ललित उपाध्याय के लिए बेल्जियम दौरा अपनी कलाकारी दिखाकर खुद को फिर से भारत के शीर्ष हॉकी स्ट्राइकर के रूप में स्थापित करने का शानदार मौका था। उन्होेंने कहा कि टीम का फोकस अपने प्रतिद्वंद्वी की बजाय अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन पर रहता है। हमने बेल्जियम दौरे पर ऐसा ही किया और नतीजा सामने है। रूस के खिलाफ ओलंपिक क्वालिफायर्स के टीम हर चुनौती के लिए पूरी तरह से तैयार है। उस्ताद ग्राहम रीड का जितना जोर आक्रमण पर है उतना ही मजबूत रक्षण पर भी है।