इतिहास नहीं आगे वाले मैचों की बाबत सोचता हूं : हरेन्द्र
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भारत के चीफ हॉकी कोच हरेन्द्र सिंह ने अपनी टीम के कनाडा के खिलाफ हॉकी विश्व कप में पूल सी के अंतिम लीग मैच की पूर्व संध्या पर ‘अमर उजाला’ के सवाल के जवाब में कहा, ‘भारत और कनाडा के मैचों में पहले मैच हुए वह इतिहास है। मैं इतिहास की बाबत नहीं सोचता। मैं आगे आने वाले मैचों की बाबत सोचता है। मैं बेल्जियम और दक्षिण अफ्रीका के मैच की बाबत नहीं सोच रहा है। हमने कनाडा के खिलाफ मैच की रणनीति की बाबत चर्चा की है। हम बेशक कनाडा के खिलाफ बेल्जियम के मैच से एक अलग रणनीति से खेलेंगे। हमारी टीम का फोकस बिना कोई गोल खाए कनाडा के खिलाफ मैच जीत कर पूल में शीर्ष स्थान पाने पर रह कर सीधे क्वॉर्टर फाइनल पर है। मैंने इस विश्व कप में शिरकत करने आई टीम के खिलाड़ियों का आकलन किया है। क्रिस सिरिलो इसमें खेलने आए बहुत खिलाड़ियों के खिलाफ खेल चुके हैं। मैच की रणनीति बनाते हुए उनकी जानकारी को जेहन में रखता हूं। जहां तक पूल में मौजूदा सूरते हाल और गोल अंतर का सवाल है तो हम कनाडा से गोल अंतर में बहुत आगे हैं। मैं भारत की 1982 में हार के बाद मैच से हर सुबह मंदिर जाता हूं।’
उन्होंने कहा, ‘जहां तक रैंकिंग में कमतर टीमों के उलटफेर करने की बात है तो हर मैच को यही समझ कर खेलती हैं यही उनका अंतिम मैच है। इसीलिए वे मैच में उतर कर अपना सब कुछ झोंक देती है। ये टीमें यह साबित करने के मकसद से मैदान पर उतरती हैं कि वे इसमें शिरकत करने की हकदार हैं। जहां तक इस विश्व कप चीन और फ्रांस की टीमों और इससे पहले एशियाई खेलों में जापान की टीम को मैंने भविष्य की टीम बताया था। हॉकी जैसे टीम गेम में मेरी निगाह में आज के जमाने में रैंकिंग केवल कागजों की लिए है।’