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Hockey: हॉकी इंडिया ने कहा- महासंघ में गुटबाजी और मतभेद नहीं; पूर्व सीईओ नॉर्मन ने लगाए थे आरोप
Wed, 28 Feb 2024 10:50 PM IST
रोहित राज
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: रोहित राज
Updated Wed, 28 Feb 2024 10:50 PM IST
सार
13 साल बाद भारतीय हॉकी से नाता तोड़ने के बाद पूर्व सीईओ एलेना नॉर्मन ने कहा था कि हॉकी इंडिया में जिस तरह का माहौल बन गया था, उसमें काम करना मुश्किल होता जा रहा था और ऐसे में उनके पास त्यागपत्र देने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था।
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दिलीप टिर्की
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
हॉकी इंडिया ने महासंघ में गुटबाजी और आपसी मतभेदों के आरोपों को खारिज कर दिया है। महासंघ के अध्यक्ष दिलीप टिर्की और महासचिव भोलानाथ सिंह ने बुधवार को एक संयुक्त बयान में कहा कि हॉकी की बेहतरी के लिए वे मिलकर काम करते रहेंगे। उन्होंने कहा, ''हाल ही में कुछ निवर्तमान अधिकारियों ने मीडिया में कहा है कि हॉकी इंडिया में गुटबाजी है। यह सही नहीं है। हॉकी के हित के लिए हम एकजुट होकर काम करते रहेंगे।''
13 साल बाद भारतीय हॉकी से नाता तोड़ने के बाद पूर्व सीईओ एलेना नॉर्मन ने कहा था कि हॉकी इंडिया में जिस तरह का माहौल बन गया था, उसमें काम करना मुश्किल होता जा रहा था और ऐसे में उनके पास त्यागपत्र देने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था।
टिर्की और भोलानाथ ने संयुक्त बयान में कहा, ''हॉकी इंडिया भारतीय हॉकी के विकास के लिए गठित स्वायत्त और पेशेवर ईकाई है। हमारा लक्ष्य हॉकी और अपने खिलाड़ियों की बेहतरी और प्रगति है। हमारी राष्ट्रीय टीमों को वैश्विक स्तर पर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए हर तरह का सहयोग दिया जाता है। महासंघ ने हर खिलाड़ी और टीम के साथ समानता का रुख रखा है। सभी को समान सुविधाएं और लाभ दिए गए।''
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13 साल बाद भारतीय हॉकी से नाता तोड़ने के बाद पूर्व सीईओ एलेना नॉर्मन ने कहा था कि हॉकी इंडिया में जिस तरह का माहौल बन गया था, उसमें काम करना मुश्किल होता जा रहा था और ऐसे में उनके पास त्यागपत्र देने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था।
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टिर्की और भोलानाथ ने संयुक्त बयान में कहा, ''हॉकी इंडिया भारतीय हॉकी के विकास के लिए गठित स्वायत्त और पेशेवर ईकाई है। हमारा लक्ष्य हॉकी और अपने खिलाड़ियों की बेहतरी और प्रगति है। हमारी राष्ट्रीय टीमों को वैश्विक स्तर पर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए हर तरह का सहयोग दिया जाता है। महासंघ ने हर खिलाड़ी और टीम के साथ समानता का रुख रखा है। सभी को समान सुविधाएं और लाभ दिए गए।''
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