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Boxing: 'अनुराग ठाकुर का नामांकन स्वीकार करें', हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय का बीएफआई को निर्देश
Thu, 20 Mar 2025 02:32 PM IST
स्वप्निल शशांक
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, शिमला
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Thu, 20 Mar 2025 02:32 PM IST
सार
बीएफआई प्रमुख ने कहा कि 34 पन्नों का आदेश पढने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। सिंह ने कहा, 'हम आदेश का अध्ययन कर रहे हैं और कानूनी सलाह के बाद इस फैसले के खिलाफ अपील करेंगे।'
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सांसद अनुराग ठाकुर
- फोटो : ANI
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विस्तार
पूर्व खेल मंत्री अनुराग ठाकुर का भारतीय मुक्केबाजी महासंघ के अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने का मार्ग प्रशस्त हो गया जब हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने निर्वाचन मंडल से उनकी अयोग्यता पर रोक लगा दी और बीएफआई को उनकी उम्मीदवारी के लिए नामांकन की तिथि बढ़ाने का निर्देश दिया। हमीरपुर से लोकसभा सांसद ठाकुर को बीएफआई अध्यक्ष अजय सिंह के आदेश से सात मार्च को चुनाव लड़ने से अयोग्य घोषित किया गया था। आदेश में कहा गया था कि सिर्फ चुने हुए सदस्य ही चुनावी प्रक्रिया में भाग ले सकते हैं।
ठाकुर हिमाचल प्रदेश मुक्केबाजी संघ का प्रतिनिधित्व करना चाहते थे और उन्हें चुनकर आया सदस्य नहीं होने के कारण अयोग्य करार दिया गया। जस्टिस अजय मोहन गोयल ने हालांकि बृहस्पतिवार को फैसला सुनाया कि 13 मार्च को निर्वाचन अधिकारी आर के गॉबा द्वारा अनुमोदित निर्वाचन मंडल ‘प्रथम दृष्टया खराब है और कानून की नजर में टिकने योग्य नहीं है।’ इसमें ठाकुर को शामिल नहीं किया गया था।
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इसमें कहा गया, 'इस परिप्रेक्ष्य में सुविधा का संतुलन भी याचिकाकर्ताओं के पक्ष में है और यदि अंतरिम राहत प्रदान नहीं की जाती है, तो उन्हें अपूरणीय क्षति होगी।' इसमें आगे कहा गया, 'अंतरिम उपाय के रूप में, यह न्यायालय दिनांक सात मार्च 2025 के नोटिस के संचालन पर रोक लगाता है, साथ ही दो नामित सदस्यों में से एक यानी श्री अनुराग सिंह ठाकुर के नामांकन को अस्वीकार करने के आदेश पर भी रोक लगाई जाती है।'
बीएफआई प्रमुख ने कहा कि 34 पन्नों का आदेश पढने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। सिंह ने कहा, 'हम आदेश का अध्ययन कर रहे हैं और कानूनी सलाह के बाद इस फैसले के खिलाफ अपील करेंगे।' अदालत ने बीएफआई को निर्देश दिया कि ठाकुर और एचपीबीए के अधिकारी राजेश भंडारी के नामांकन को निर्वाचक मंडल में वैध नामांकन के रूप में देखा जाए।
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इसमें कहा गया कि बीएफआई अध्यक्ष ने सात मार्च को बिना किसी अधिकार के आदेश जारी किया। अदालत के आदेश ने ठाकुर के लिए 28 मार्च को होने वाले चुनाव लड़ने का रास्ता साफ कर दिया है, क्योंकि इसने बीएफआई को निर्देश दिया है कि वह नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि को आगे बढ़ाए, ताकि वह अपना नामांकन दाखिल कर सकें। ठाकुर को वार्षिक आम बैठक में हिमाचल प्रदेश का प्रतिनिधित्व करने और उसमें पूरी तरह से भाग लेने की भी अनुमति दी गई है। एचपीबीए ने कहा है कि ठाकुर 2008 से राज्य इकाई के निर्वाचित सदस्य हैं और उन्होंने अध्यक्ष सहित विभिन्न पदों पर काम किया है।
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ठाकुर हिमाचल प्रदेश मुक्केबाजी संघ का प्रतिनिधित्व करना चाहते थे और उन्हें चुनकर आया सदस्य नहीं होने के कारण अयोग्य करार दिया गया। जस्टिस अजय मोहन गोयल ने हालांकि बृहस्पतिवार को फैसला सुनाया कि 13 मार्च को निर्वाचन अधिकारी आर के गॉबा द्वारा अनुमोदित निर्वाचन मंडल ‘प्रथम दृष्टया खराब है और कानून की नजर में टिकने योग्य नहीं है।’ इसमें ठाकुर को शामिल नहीं किया गया था।
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इसमें कहा गया, 'इस परिप्रेक्ष्य में सुविधा का संतुलन भी याचिकाकर्ताओं के पक्ष में है और यदि अंतरिम राहत प्रदान नहीं की जाती है, तो उन्हें अपूरणीय क्षति होगी।' इसमें आगे कहा गया, 'अंतरिम उपाय के रूप में, यह न्यायालय दिनांक सात मार्च 2025 के नोटिस के संचालन पर रोक लगाता है, साथ ही दो नामित सदस्यों में से एक यानी श्री अनुराग सिंह ठाकुर के नामांकन को अस्वीकार करने के आदेश पर भी रोक लगाई जाती है।'
बीएफआई प्रमुख ने कहा कि 34 पन्नों का आदेश पढने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। सिंह ने कहा, 'हम आदेश का अध्ययन कर रहे हैं और कानूनी सलाह के बाद इस फैसले के खिलाफ अपील करेंगे।' अदालत ने बीएफआई को निर्देश दिया कि ठाकुर और एचपीबीए के अधिकारी राजेश भंडारी के नामांकन को निर्वाचक मंडल में वैध नामांकन के रूप में देखा जाए।
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इसमें कहा गया कि बीएफआई अध्यक्ष ने सात मार्च को बिना किसी अधिकार के आदेश जारी किया। अदालत के आदेश ने ठाकुर के लिए 28 मार्च को होने वाले चुनाव लड़ने का रास्ता साफ कर दिया है, क्योंकि इसने बीएफआई को निर्देश दिया है कि वह नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि को आगे बढ़ाए, ताकि वह अपना नामांकन दाखिल कर सकें। ठाकुर को वार्षिक आम बैठक में हिमाचल प्रदेश का प्रतिनिधित्व करने और उसमें पूरी तरह से भाग लेने की भी अनुमति दी गई है। एचपीबीए ने कहा है कि ठाकुर 2008 से राज्य इकाई के निर्वाचित सदस्य हैं और उन्होंने अध्यक्ष सहित विभिन्न पदों पर काम किया है।