Exclusive News एक्सक्लूसिव खबरें
Free E-Paper फ्री में ई-पेपर पढ़ें
ऐप डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Sports ›   Football ›   world cup ends uncertainity looms over russia football stadiums

रूस के लिए नई चुनौती, राष्ट्रपति पुतिन नहीं चाहते कि स्टेडियम बाद में मार्केट बन जाएं

Mon, 16 Jul 2018 05:16 AM IST
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला Updated Mon, 16 Jul 2018 05:16 AM IST
विज्ञापन
world cup ends uncertainity looms over russia football stadiums
फुटबॉल स्टेडियम

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को पता है कि इस विश्व कप ने देश को स्टेडियम का एक ऐसा आधारभूत ढांचा दिया है, जिसका इस्तेमाल भविष्य में फुटबॉल के विकास में बड़ा सहायक साबित हो सकता है।  रूस ने एक महीने चलने वाले फुटबॉल विश्व कप के लिए स्टेडियम के निर्माण और नवीनीकरण में चार अरब डॉलर का खर्च किया है। कई स्टेडियम ऐसी जगह पर खड़े हुए जो मास्को से दूर थे बिल्कुल सपाट मैदान पड़े थे। निझनी नोवोगोरोद उनमें से एक है जो सांरस्क में वोल्गा नदी के किनारे स्थित है। 

विज्ञापन


विश्व कप से एक हफ्ते पहले एक टीवी फोन शो पर पुतिन बेहद भावुक हो गए थे। पिछले दो दशक में रूस के सबसे ताकतवर नेता ने कहा कि मैं अपने साथी अधिकारियों से कहना चाहूंगा कि विश्व कप के बाद इन स्थलों को मार्केट मत बन जाने देना जैसा नब्बे के दशक में हो गया था। मास्को का लुजनिकी स्टेडियम जहां रविवार को फाइनल मुकाबला खेला गया। वो लोग अपने आपको भाग्यशाली समझ रहे हैं जिन्हें फाइनल मुकाबला अस्सी हजार की दर्शक क्षमता वाले खूबसूरत स्टेडियम में देखने का मौका मिला।
विज्ञापन


कभी मास्को स्टेडियम के बाहर लगती थी कपड़े की मार्केट 

90 के दशक में सोवियत संघ के विघटन के समय रूस की आर्थिक स्थिति उतनी बेहतर नहीं थी। तब इस स्टेडियम के बाहर मैदान में स्टॉल लगा करते थे जहां पुराने कपड़े बिका करते थे। ये स्थिति कमोवेश तब तक बनी रही थी जब तब कि 2011 में स्टेडियम का फिर से नवीनीकरण नहीं किया गया। लुजिन्हकी को तो राष्ट्रीय स्टेडियम के रूप में भविष्य सुरक्षित नजर आता है, लेकिन सारंस्क और समारा इतने बड़े स्टेडियम नहीं हैं इनकी दर्शक क्षमता कम है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


यहां ऐसी टीमों के ही मैच हो सकते हैं जिनके समर्थकों की संख्या ज्यादा न हो। पहले निझजी नोवोगोरोद के एक हिस्से को मेडिकल क्लीनिक बनाने का प्रस्ताव था। कैलिनइनगराद में फ्री ट्रेड जोन बनाने की बात चल रही थी। येकेटेरिनबर्ग के परिसर का विस्तार किए जाने पर भी विचार हुआ था। 


11: शहरों में 12 स्टेडियम निर्मित हुए इस विश्व कप के लिए 

04: अरब डॉलर का खर्च किया है इन स्टेडियमों के निर्माण कार्यों में 

रखरखाव पर भी आएगा बड़ा खर्च 

एक अधिकारी का कहना है कि जिन भी स्टेडियम का निर्माण हुआ है या जिन्हें दोबारा बनाया गया है उन पर सालाना 100 मिलियन डॉलर का खर्च आने की संभावना है जोकि कम बड़ी राशि नहीं है। वैसे सरकार इसके लिए 200 डॉलर का एक फंड आवंटित करने की योजना बना रही है लेकिन यह राशि पांच वर्षों में दी जाएगी और इसमें युवा फुटबॉल विकास और अन्य मदों के खर्चें भी शामिल होंगे।  

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all Sports news in Hindi related to live update of Sports News, live scores and more cricket news etc. Stay updated with us for all breaking news from Sports and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed