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फीफा विश्व कप 2018: ग्रुप दौर में VAR तकनीक का हुआ 335 बार इस्तेमाल
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
Updated Sun, 01 Jul 2018 03:24 AM IST
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वार
विश्व कप में पहली बार रेफरी की मदद के लिए इस्तेमाल हो रही वीडियो असिस्टेंट रेफरी तकनीक (वार) का इस्तेमाल ग्रुप चरण में 335 बार हुआ और उसके सही निर्णयों का प्रतिशत 99.3 रहा। वैश्विक फुटबॉल संस्था (फीफा) ने कहा है कि ग्रुप चरण में हुए 122 गोलों की वार तकनीक के जरिए समीक्षा की गई इसके अलावा मैदान पर हुई अन्य घटनाओं को भी लेकर भी तकनीक का उपयोग हुआ।
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फीफा रेफरी कमेटी के चेयरमैन पिएरलुगई कोलिना ने कहा कि ग्रुप दौर में हुए 48 मैचों में प्रति मैच औसतन सात घटनाओं का आकलन किया गया। उन्होंने कहा कि इस तकनीक के जरिए 14 निर्णय बदले गए। रेफरी 14 बार मैदान के नजदीक रखे मानिटर के पास समीक्षा के लिए गए।
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तीन निर्णय सीधे वार तकनीक से लिए गए। ये तीनों ऑफ साइड के मामले थे। वीडियो अधिकारियों ने जितने भी निर्णय की समीक्षा की उनमें से 95 प्रतिशत रेफरी के निर्णय सही पाए गए थे जो उन्होंने बिना तकनीक की मदद से लिए थे। तकनीक की मदद शामिल किए जाने से यह प्रतिशत 99.3 हो गया।
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-वार तकनीक की समीक्षा के लिए औसतन समय 80 सेकंड लगता है। पिच पर रिव्यू के दौरान जरूर समय थोड़ा अतिरिक्त हो जाता है।
-कई मामलों में तो 80 सेकंड से भी कम में निर्णय हो जाता है लेकिन शत-प्रतिशत सही पाने के लिए पांच से दस सेकंड ज्यादा लगते हैं।