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ISL: आईएसएल निलंबन के मामले पर सामने आए छेत्री सहित अन्य फुटबॉल खिलाड़ी, फीफा से की हस्तक्षेप की मांग

Sat, 03 Jan 2026 09:45 AM IST
शोभित चतुर्वेदी स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शोभित चतुर्वेदी Updated Sat, 03 Jan 2026 09:45 AM IST
सार

आईएसएल को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है और अब इस मामले को लेकर सुनील छेत्री सहित भारत के कई दिग्गज खिलाड़ियों ने मोर्चा खोल लिया है। इन खिलाड़ियों ने फीफा से हस्तक्षेप की अपील की है।

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Sunil Chhetri among other footballers have come forward to address ISL issue seeking FIFA intervention
सुनील छेत्री - फोटो : ANI

विस्तार

सुनील छेत्री सहित भारतीय फुटबॉल के दिग्गज खिलाड़ियों और इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) में खेलने वाले कई विदेशी खिलाड़ियों नेफुटबॉल की वैश्विक संस्था फीफा से आईएसएल के निलंबन पर हस्तक्षेप की अपील की। अभी तक आईएसएल का 2025-26 सत्र शुरू नहीं हो पाया है। ऐसे में सीनियर राष्ट्रीय टीम के खिलाड़ी छेत्री, गुरप्रीत सिंह संधू और संदेश झिंगन ने लंबे समय से बनी अनिश्चितता पर चिंता जताते हुए चेतावनी दी कि भारतीय फुटबॉल स्थायी ठहराव की स्थिति में पहुंच रहा है। 
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खिलाड़ी बोले- एआईएफएफ जिम्मेदारी निभाने की स्थिति में नहीं
खिलाड़ियों ने कहा कि अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ) अब अपनी जिम्मेदारियां निभाने की स्थिति में नहीं है और उन्होंने देश में खेल के भविष्य की रक्षा के लिए फीफा से आगे आने की अपील की। गुरप्रीत ने सोशल मीडिया पर साझा किए गए संयुक्त वीडियो बयान में कहा, 'जनवरी का महीना है और हमें इस वक्त आईएसएल के प्रतिस्पर्धी फुटबॉल मैचों में आपकी स्क्रीन पर होना चाहिए था।' झिंगन ने जोड़ा, इसके बजाय हम डर और बेबसी के चलते वह बात कहने को मजबूर हैं, जिसे हम सभी जानते हैं। 
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अन्य खिलाड़ियों ने कहा, 'सबसे अहम बात यह है कि हम एक गुहार लगाने आए हैं। भारतीय फुटबॉल का प्रशासन अब अपनी जिम्मेदारियां निभाने में सक्षम नहीं है। हम अब स्थायी ठहराव की ओर हैं। जो कुछ बचाया जा सकता है, उसे बचाने की यह आख़िरी कोशिश है। इसलिए हम फीफा से अनुरोध कर रहे हैं कि वह आगे आए और भारतीय फुटबॉल को बचाने के लिए जो जरूरी हो, वह करे।' छेत्री ने निष्कर्ष में कहा, खिलाड़ी, स्टाफ, मालिक और प्रशंसक सभी स्पष्टता, सुरक्षा और सबसे बढ़कर एक भविष्य के हकदार हैं। 
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क्यों अब तक शुरू नहीं हुआ आईएसएल का सत्र?
आईएसएल के 2025-26 सत्र को जुलाई में इसलिए रोक दिया गया था क्योंकि लीग के पूर्व आयोजक फुटबॉल स्पोर्ट्स डेवलपमेंट लिमिटेड (एफएसडीएल) और एआईएफएफ के बीच मास्टर राइट्स एग्रीमेंट (एमआरए) के नवीनीकरण को लेकर अनिश्चितता बनी हुई थी। यह समझौता आठ दिसंबर को समाप्त हो गया जिससे एक संविदात्मक गतिरोध पैदा हो गया और इसमें उच्चतम न्यायालय के हस्तक्षेप की भी जरूरत पड़ी। उच्चतम न्यायालय द्वारा नियुक्त समिति की निगरानी में आईएसएल के व्यावसायिक अधिकारों के लिए निविदा जारी की गई, लेकिन कोई बोलीदाता सामने नहीं आया। आईएसएल के 14 में से 13 क्लबों ने गुरुवार को एआईएफएफ को कहा कि अगर उनसे भागीदारी शुल्क नहीं लिया जाए और राष्ट्रीय संस्था टूर्नामेंट के आयोजन व संचालन की वित्तीय जिम्मेदारी ले तो वे विलंबित सत्र में भाग लेने के लिए तैयार हो सकते हैं।
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