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पॉल को उम्मीद, 2023 एशियाई कप के लिए तीन साल बाद राष्ट्रीय टीम में कर सकते हैं वापसी
Sun, 09 Aug 2020 08:50 AM IST
Rajeev Rai
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
Published by: Rajeev Rai
Updated Sun, 09 Aug 2020 08:50 AM IST
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सुब्रत पॉल
- फोटो : Social Media
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पिछले कुछ वर्षों से राष्ट्रीय फुटबॉल टीम में जगह बनाने में असफल रहे ‘स्पाइडरमैन’ गोलकीपर सुब्रत पॉल को वापसी की उम्मीद है। उन्हें भरोसा है कि वह 2023 एशियाई कप के लिए टीम में वापसी कर लेंगे। इस 33 साल के खिलाड़ी ने पिछली बार भारतीय टीम के लिए 2017 में खेला था। इसके बाद से गुरप्रीत सिंह संधू नियमित रूप से भारतीय गोलकीपर रहे हैं। पॉल ने इंडियर सुपर लीग में जमशेदपुर एफसी के लिए अच्छा प्रदर्शन किया है। वह अब हैदराबाद एफसी से जुड़ गए हैं।
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पॉल ने एआईएफएफ टीवी से कहा, ‘मुझे दृढ़ विश्वास है कि राष्ट्रीय टीम में योगदान देने के लिए मेरे पास बहुत कुछ है। कोच (इगोर स्टिमक) ने कहा कि जिसके पास भी भारतीय पासपोर्ट है उसके पास देश के लिए खेलने का मौका है। मैं इसे हासिल करने के लिए दिन-रात मेहनत कर रहा हूं।’ उन्होंने कहा, ‘मैं एक और एशियाई कप खेलना चाहता हूं। यह सुनने में अजीब लग सकता है।’
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दोहा 2011 एशियाई कप में शानदार प्रदर्शन के बाद पॉल को एशियाई मीडिया ने ‘स्पाइडरमैन’ की उपाधि दी थी। उन्होंने स्वीकार किया कि टीम में जगह नहीं बना पाने से वह ‘परेशान’ रह रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘मैं आर्थिक रूप से स्थिर होने के लिए शुक्रगुजार हूं कि मेरे पास पहले से ही एक क्लब का अनुबंध है। लेकिन मेरे अंदर कुछ ऐसा है जो मुझे परेशान कर रहा है, और मुझे पता है कि मैं वहां (भारतीय टीम में) हो सकता हूं। मैंने खुद के लिए यह चुनौती स्वीकार की है।’
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पॉल ने कहा, ‘टीम में फिर से जगह बनाने की चुनौती के कारण मैच खेल रहा हूं। कोच स्टिमक के लिए मेरे मन में पूरा सम्मान है। अगर उन्हें लगता है कि मैं काफी अच्छा हूं तो वह मुझे वापस बुलाएंगे। मैं अहंकारी नहीं हूं। मैंने भारत के लिए 74 मैच खेले हैं।’ उन्होंने कहा कि अगर उन्हें लगा कि उनके पास राष्ट्रीय टीम को देने के लिए कुछ नहीं है तो वह संन्यास ले लेंगे। वह पूर्व भारतीय क्रिकेट कप्तान और वर्तमान बीसीसीआई प्रमुख सौरव गांगुली से प्रेरणा लेते है। जिन्होंने कुछ समय के लिए इससे बाहर रहने के बाद राष्ट्रीय टीम में वापसी की थी।
उन्होंने कहा, ‘वह (गांगुली) मेरे सबसे बड़े प्रेरणास्रोत है। जब उन्हें भारतीय टीम से बाहर कर दिया गया, तो उन्होंने संघर्ष किया। लेकिन उन्होंने मजबूज चरित्र और मानसिकता दिखायी। जिस तरह से उन्होंने संघर्ष किया, वह सभी को पता है और वापसी के बाद वह अपने चरम पर थे।’
बता दें कि भारत 2022 फीफा विश्व कप की दौड़ से पहले ही बाहर हो चुका है, लेकिन 2023 एशियाई कप के लिए स्टिमक की टीम के पास मौका है। टीम का संयुक्त क्वालीफिकेशन (फीफा और एशियाई कप) अभियान आठ अक्टूबर को भुवनेश्वर में एशियाई चैंपियन कतर के खिलाफ मैच के साथ फिर से शुरू होगा।