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गोलियां चलती रहीं, कर्फ्यू लगा रहा, पत्थर बरसते रहे, पर शाहनवाज ने फुटबॉल नहीं छोड़ी

Mon, 22 Oct 2018 09:42 PM IST
हेमंत रस्तोगी, स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
हेमंत रस्तोगी, स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला Updated Mon, 22 Oct 2018 09:42 PM IST
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shahnawaz bashir real kashmir club qualified for i league
real kashmir

श्रीनगर के फुटबॉलर शाहनवाज बशीर ने गोलियों की आवाजों के बीच कर्फ्यू में तैनात पुलिस कर्मियों से गुहार लगाते हुए और युवाओं के पत्थर फेंकने के बीच खुली आंखों से एक सपना देखा था। यह सपना था कश्मीर की टीम को आई लीग में खेलते देखने का। शाहनवाज को अब भी विश्वास नहीं हो रहा है कि उनका यह सपना हकीकत में तब्दील हो चुका है।

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उनका क्लब रियल कश्मीर आई लीग के लिए क्वालिफाई जो कर चुका है। कश्मीर में स्टार सरीखा दर्जा रखने वाले शाहनवाज का एक सपना तो पूरा हो गया है, लेकिन उन्होंने अभी से दूसरा सपना देखना शुरू कर दिया है। यह सपना है आई लीग में उनके क्लब की सफलता का जिससे कश्मीर का युवा प्रभावित हो और हाथों में लिए पत्थर को छोड़ फुटबॉल के मैदान का रुख कर ले।
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रियल कश्मीर के अटैकिंग मिडफील्डर शाहनवाज को उम्मीद है कि उनके क्लब की आई लीग में सफलता कश्मीर के युवाओं को प्रेरित करने में सफल रहेगी। इसका कारण कश्मीर में फुटबॉल का हद से ज्यादा लोकप्रिय होना है। यही कारण है कि शाहनवाज मानते हैं कि रियल कश्मीर का आई लीग में होना कश्मीरी युवाओं के मानसिक बदलाव का बहुत बड़ा प्लेटफार्म है।
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गोलियां चलती थीं तो नदी पार कर जाते थे ग्राउंड
11 साल की उम्र में फुटबॉल शुरू करने वाले शाहनवाज को प्रैक्टिस के लिए अक्सर दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। श्रीनगर में कर्फ्यू आम है लेकिन उन्हें प्रैक्टिस नहीं छोडनी थी। उनके घर के पास ब्रिज था जहां पुलिस तैनात रहती है।

कभी वह उनसे प्रार्थना करते थे कि वह फुटबॉलर हैं प्रैक्टिस के लिए जाने दें। कभी उन्हें इजाजत मिल जाती थी, लेकिन कभी भगा दिया जाता था। उन्हें रास्ते तो मालूम थे ही नदी के किनारे जाकर नाव पर बैठकर वह ग्राउंड चले जाते थे। इतना सब होने के बावजूद उन्होंने प्रैक्टिस को कभी नहीं छोड़ी।

दस साल बाद कश्मीर में होगी राष्ट्रीय फुटबॉल
कश्मीर में राष्ट्रीय स्तर का फुटबॉल टूर्नामेंट 10 साल बाद आयोजित किया जा रहा है। इससे पहले 2008 में संतोष ट्राफी आयोजित की गई थी। रियल कश्मीर के लगातार छह मैच टीआरसी एस्ट्रोटर्फ स्टेडियम में आयोजित किए जाएंगे। शाहनवाज कहते हैं कि जब ईस्ट बंगाल और मोहन बागान की टीमें स्टेडियम में पहुंचेंगी तो पूरा कश्मीर उन्हें स्टेडियम में देखने उमड़ पड़ेगा।


टीम के स्काटिश कोच डेविड राबर्टसन को पूरा विश्वास है कि श्रीनगर में मैच के दौरान सुरक्षा संबंधी कोई दिक्कत नहीं आएगी। वह पिछले दो साल से यहां हैं। उनका बेटा भी मेसन भी टीम में बतौर डिफेंडर खेल रहा है। उन्हें यहां कभी कोई दिक्कत नहीं आई।

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