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Pele Died: क्या पेले ने सच में एक युद्ध रोका था? 53 साल पहले की है घटना, पढ़ें यह दिलचस्प कहानी
Fri, 30 Dec 2022 05:24 AM IST
स्वप्निल शशांक
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, साओ पोलो
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, साओ पोलो
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Fri, 30 Dec 2022 05:24 AM IST
सार
पेले की वजह से सांतोस फुटबॉल क्लब दुनिया की सबसे मशहूर फुटबॉल क्लब में से एक थी। यह टीम पूरे विश्व में पहचानी जाती थी और दुनिया के हर कोने में फ्रेंडली मैचों में हिस्सा लेती थी। एक ऐसा ही मैच चार फरवरी 1969 को नाइजीरिया के एक युद्धग्रस्त क्षेत्र में खेला गया था।
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पेले
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
सर्वकालिक महान फुटबॉलरों में से एक ब्राजील के दिग्गज पेले का 82 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उनके निधन की खबर की पुष्टि उनकी बेटी ने गुरुवार देर रात इंस्टाग्राम पर की। कोलन कैंसर से जूझ रहे ब्राजील के पूर्व फुटबॉलर ने कीमोथेरेपी ट्रीटमेंट का जवाब देना बंद कर दिया था। पूरी दुनिया इस महान खिलाड़ी के निधन से स्तब्ध है। पर क्या आपको पता है कि 1960 के दशक में पेले की वजह से एक युद्ध रुक गया था। आइए इस दिलचस्प घटना के बारे में जानते हैं।
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1969 का है मामला
दरअसल, पेले ने अपने करियर का अधिकांश समय सांतोस फुटबॉल क्लब में बिताया। 1960 के दशक में पेले की वजह से सांतोस फुटबॉल क्लब दुनिया की सबसे मशहूर फुटबॉल क्लब में से एक थी। यह टीम पूरे विश्व में पहचानी जाती थी और दुनिया के हर कोने में फ्रेंडली मैचों में हिस्सा लेती थी। एक ऐसा ही मैच चार फरवरी 1969 को नाइजीरिया के एक युद्धग्रस्त क्षेत्र में खेला गया था। इस मैच में सांतोस का सामना बेनिन सिटी के एक क्लब से हुआ था। सांतोस की टीम 26 जनवरी 1969 को नाइजीरिया पहुंची थी। तब वहां मामला गंभीर था।
सांतोस क्लब के लिए खेलते पेले (सोशल मीडिया)
सांतोस क्लब के लिए खेलते पेले (सोशल मीडिया)
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नाइजीरिया में चल रहा था गृहयुद्ध
तब नाइजीरिया में गृहयुद्ध चल रहा था। नाइजीरिया और बायाफ्रा के बीच लड़ाई थी। इस लड़ाई में हजारों लोगों की जान गई थी, वहीं लाखों लोग बेघर हो गए थे। हालांकि, ऐसा कहा जाता है कि पेले के वहां पहुंचते ही नाइजीरिया और बायाफ्रा के बीच लड़ाई 48 घंटे से ज्यादा समय के लिए रुक गई थी। इतिहासकार ग्यूहरमें गॉरचे ने बताया था कि ब्राजील के खिलाड़ी और अधिकारी मैच से पहले टीम की सुरक्षा को लेकर काफी चिंतित थे। ऐसे में नाइजीरिया में युद्ध को रोकने का फैसला लिया गया था। इसके बाद मैच खेला जा सका। सांतोस ने उस मैच में बेनिन सिटी के क्लब को 2-1 से हराया था। हालांकि, इस घटना को लेकर अलग-अलग बातें भी कही गईं। 1977 में पेले की पहली आत्मकथा में इस घटना का कोई जिक्र नहीं किया गया था।
हालांकि, 30 साल बाद आई उनकी एक और आत्मकथा में इस घटना का जिक्र था। पेले ने इस किताब के जरिये बताया था कि खिलाड़ियों को देश के बड़े अधिकारियों की ओर से निर्देश जारी किया गया था। इसमें कहा गया था कि यह गृहयुद्ध एक फ्रेंडली मैच के लिए खत्म किया जा सकता है। पेले ने बताया- मुझे नहीं पता कि इस पूरी घटना में कितनी सच्चाई है, लेकिन नाइजीरिया ने यह जरूर सुनिश्चित किया कि हम जब तक वहां मौजूद रहे, तब तक कोई घुसपैठ या विवाद न हो।
पेले साथी पिक्सी लीजेंड लीमा ने एक इंटरव्यू में बताया था कि "एक युद्ध को रोकना हमारे पक्ष में अपना वर्चस्व दिखाने के लिए एक और बिंदु था। हम आसानी से घूम सकते थे और कह सकते थे कि युद्ध हमारे चारों ओर है, हम उस झंझट में क्यों पड़ें? लेकिन हमने ऐसा नहीं किया। हम मैच खेलना चाहते थे।
पेले साथी पिक्सी लीजेंड लीमा ने एक इंटरव्यू में बताया था कि "एक युद्ध को रोकना हमारे पक्ष में अपना वर्चस्व दिखाने के लिए एक और बिंदु था। हम आसानी से घूम सकते थे और कह सकते थे कि युद्ध हमारे चारों ओर है, हम उस झंझट में क्यों पड़ें? लेकिन हमने ऐसा नहीं किया। हम मैच खेलना चाहते थे।
यह कहानी 2005 में टाइम मैगजीन तक पहुंची। प्रसिद्ध मैगजीन के एक लेख में दावा किया गया कि राजनयिकों और दूतों ने गृहयुद्ध को रोकने के लिए दो साल तक व्यर्थ की कोशिशें की थीं, 1969 में ब्राजील के स्टार फुटबॉलर पेले ने तीन दिन का युद्ध रोक दिया था। हालांकि, कई ऐसे लेख भी सामने आए, जिसने इस घटना पर सवालिया निशान भी खड़े किए।
पेले की टीम के साथी गिलमार और कॉटिन्हो के अनुसार- युद्धविराम मुश्किल से मैच तक चला। जैसे ही मैच खत्म हुआ, गोलियों की आवाज सुनी जा सकती थीं। इसके अलावा नाइजीरियाई ब्लॉगर ओलोआजो एयेगबायो ने भी इस मामले पर एक रिपोर्ट छापी थी, जिससे लोगों के मन में संदेह पैदा हो गया था।
पेले की टीम के साथी गिलमार और कॉटिन्हो के अनुसार- युद्धविराम मुश्किल से मैच तक चला। जैसे ही मैच खत्म हुआ, गोलियों की आवाज सुनी जा सकती थीं। इसके अलावा नाइजीरियाई ब्लॉगर ओलोआजो एयेगबायो ने भी इस मामले पर एक रिपोर्ट छापी थी, जिससे लोगों के मन में संदेह पैदा हो गया था।
पेले को दुनिया के महानतम खिलाड़ियों में गिना जाता है। पेले ने अपने करियर में (1956-1974) काफी समय तक ब्राजीलियाई क्लब सांतोस का प्रतिनिधित्व किया। इस क्लब के लिए उन्होंने 659 मैचों में 643 गोल किए। अपने फुटबॉल करियर के अंतिम दो वर्षों में पेले ने यूएसए में न्यूयॉर्क कॉसमॉस के लिए खेला। पेले के रहते ब्राजील ने तीन बार विश्व कप (1958, 1962 और 1970) जीता। यह किसी भी खिलाड़ी द्वारा जीता गया सबसे ज्यादा विश्व कप खिताब भी है।