फीफा के बटलर और प्लाटिनी पर प्रतिबंध
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फीफा घोटाले से त्रस्त एक नैतिक न्यायाधिकरण ने सोमवार को सेप बटलर और आइकल प्लाटिनी पर आठ साल के लिए प्रतिबंध लगा दिया है। कोर्ट ने कहा कि उन्होंने अपने पद का गलत इस्तेमाल किया।
महत्वपूर्ण पदों पर पदासीन बटलर और प्लाटिनी के अचानक निलंबन से फीफा एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। बटलर और पलतीनी को तुरंत फटबाल से संबंधित सभी गतिविधियों से प्रतिबंधित कर दिया गया है।
बटलर का कैरियर लगभग खत्म हो गया है। प्लाटिनी के फीफा का अध्यक्ष बनने वाली इच्छाओं पर पानी फिर गया। 1998 से फीफा के अध्यक्ष रहे बटलर पर 50 हजार स्वीस फ्रैं स का जुर्माना लगया गया है।
नहीं साबित कर पाए बेगुनाही
यूरोपीय सरकारी संस्था यूईएफए के मुखिया और फीफा के उपाध्यक्ष प्लाटिनी पर
80 हजार स्वीस फैंस का जुर्माना लगाया गया है। न्यायिक पीठ ने कहा कि दोनों
ने पद का उपयोग गलत तरीके किया।
बटलर ने 2011 में प्लाटिनी को मौखिक आधार
पर 20 लाख स्वीस फ्रैंस दिया था । कोर्ट ने दोनों पर भ्रष्टाचार चार्ज भी
लगाते हुए कहा कि अगस्त 1999 में दोनों में किए गए मौखिक लेनदेन के कोई वैध
दस्तावेज नहीं है। कोर्ट ने कहा कि बटलर लिखित बयान और सुनवाई के दौरान
खुद की बेगुनाही की को साबित नहीं कर पाए।
उनकी कार्यप्रणाली में किसी तरह
के नैतिक रवैया के संकेत नहीं मिलते हैं जो कानून और फीफा के नियमों के
विरुद्ध है। कोर्ट ने प्लाटिनी को फटकार लगाते हुए कहा कि प्लटिनी अपनी
विश्वसनीय और निर्दोश होने के साबित करने में असफल रहें।