FIFA WC: क्या स्लावको विन्चिच अर्जेंटीना के लिए बने 'अनलकी' रेफरी? फाइनल में टीम की हार के बाद फिर छिड़ी बहस
स्पेन से विश्व कप फाइनल में अर्जेंटीना की हार के बाद रेफरी स्लावको विन्चिच सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गए हैं। प्रशंसकों ने दावा किया कि पिछले दो विश्व कप में अर्जेंटीना की एकमात्र हार उनके रेफरी रहने पर हुई। हालांकि, इसे महज एक संयोग माना जा रहा है।
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फीफा विश्व कप 2026 के फाइनल में स्पेन से अर्जेंटीना की 1-0 से हार के बाद सोशल मीडिया पर एक दिलचस्प संयोग चर्चा का विषय बन गया है। फाइनल में स्लोवेनिया के रेफरी स्लावको विन्चिच की नियुक्ति पहले ही सुर्खियों में थी और मैच खत्म होने के बाद कई फुटबॉल प्रशंसकों ने दावा किया कि पिछले दो विश्व कप में अर्जेंटीना की जितनी भी (दो हार) हार हुई है, उन दोनों मुकाबलों में रेफरी विन्चिच ही थे। इसी वजह से सोशल मीडिया पर उन्हें लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। हालांकि, इस दावे का कोई आधिकारिक या सांख्यिकीय महत्व नहीं है और विशेषज्ञ इसे महज एक रोचक संयोग मान रहे हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ यह संयोग
मैच के बाद कई फुटबॉल पेज और यूजर्स ने पोस्ट साझा करते हुए लिखा कि 2022 और 2026 विश्व कप में अर्जेंटीना की दो हारें स्लावको विन्चिच की रेफरिंग में आई। 2022 में जब अर्जेंटीना की टीम अपने ओपनिंग मैच में सऊदी अरब से 2-1 से हारी थी, तब भी स्लावको ही रेफरी थे। अब जब 2026 में टीम फाइनल में हारी है, तो भी स्लावको ही रेफरी रहे। इसी वजह से कुछ प्रशंसकों ने उन्हें अर्जेंटीना के लिए 'अनलकी रेफरी' तक कहना शुरू कर दिया। फाइनल से पहले भी यह आंकड़ा सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा था और कई फैंस इसे अर्जेंटीना के लिए खराब संकेत बता रहे थे। स्पेन की जीत के बाद यह चर्चा और तेज हो गई।
स्पेन के मैचों में शानदार रिकॉर्ड
सोशल मीडिया पर वायरल ग्राफिक्स के मुताबिक, स्लावको विन्चिच की रेफरिंग में स्पेन का रिकॉर्ड काफी मजबूत रहा है। उनकी निगरानी में स्पेन ने कोलंबिया, इटली और फ्रांस जैसी टीमों के खिलाफ जीत दर्ज की, जबकि स्वीडन से ड्रॉ खेला। दूसरी ओर, अर्जेंटीना का रिकॉर्ड उतना प्रभावशाली नहीं रहा और विश्व कप फाइनल में भी उसे हार का सामना करना पड़ा।
क्या रेफरी ने मैच का फैसला किया?
मैदान पर मुकाबले की तस्वीर कुछ और ही थी। स्पेन ने शुरुआत से अंत तक गेंद पर नियंत्रण बनाए रखा और अर्जेंटीना को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। अतिरिक्त समय के 106वें मिनट में फेर्रान टोरेस के गोल ने मैच का फैसला कर दिया।
अर्जेंटीना के गोलकीपर एमिलियानो मार्टिनेज ने कई शानदार बचाव किए, लेकिन टीम लगातार दबाव में रही। ऐसे में विशेषज्ञों का मानना है कि स्पेन की जीत उसके बेहतर प्रदर्शन का परिणाम थी, न कि रेफरी के किसी फैसले का।
संयोग या अंधविश्वास?
फुटबॉल में ऐसे संयोग अक्सर चर्चा का विषय बन जाते हैं। कभी किसी जर्सी नंबर को लेकर तो कभी किसी रेफरी या स्टेडियम को लेकर प्रशंसकों के बीच बहस छिड़ जाती है। स्लावको विन्चिच का नाम भी अब इसी तरह के एक दिलचस्प संयोग से जुड़ गया है।
हालांकि, यह याद रखना जरूरी है कि इस बात का कोई प्रमाण नहीं है कि किसी रेफरी की मौजूदगी से किसी टीम की हार या जीत तय होती है। विश्व कप फाइनल में स्पेन ने बेहतर फुटबॉल खेला और उसी के दम पर दूसरी बार विश्व चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया।