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दो दशक बाद खिताब उठाने का मौका दोनों टीमों के पास
अमर उजाला, दिल्ली
Updated Sat, 12 Jul 2014 08:41 PM IST
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करिश्माई स्ट्राइकर लियोनल मेस्सी के पास दुनिया के महान फुटबॉलरों में अपना नाम शुमार कराने के लिए इससे बेहतर मौका नहीं हो सकता, लेकिन उनकी टीम (अर्जेंटीना) और वर्ल्ड कप के बीच जर्मनी की मजबूत दीवार खड़ी है।
वर्ल्ड कप फाइनल में भले ही मेजबान ब्राजील न हो लेकिन अर्जेंटीना और जर्मनी के बीच मुकाबला रोचक होने की उम्मीद की जा रही है।
ऐसा नहीं है कि वर्ल्ड कप के फाइनल में पहली बार दोनों टीमें आमने-सामने हो रही हैं। इससे पहले दो बार दोनों टीमें आपस में भिड़ चुकी हैं।
जर्मनी और अर्जेंटीना तीसरी बार एक साथ खिताबी मुकाबले में होंगी। साल 1986 में मैक्सिको सिटी में अर्जेंटीना ने जर्मनी को 3-2 से हराया था, जबकि चार साल बाद 1990 में रोम में पश्चिम जर्मनी ने अर्जेंटीना पर 1-0 से जीत दर्ज कर पिछला हिसाब चुकता कर लिया था।
हालांकि माना जा रहा है कि इस खिताबी मुकाबले में दनादन गोल नहीं पड़ेंगे लेकिन मुकाबला रोमांचक हो सकता है।
मैच का परिणाम चाहे कुछ भी हो अर्जेंटीना के कोच अलेजांद्रो सबिला फाइनल के बाद इस दक्षिण अमेरिकी टीम के साथ नहीं रहेंगे। ऐसे में अगर उनकी टीम जीत जाती है तो वह अपने देश में हीरो बन जाएंगे।
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साथ ही यह केवल 2 टीमों के बीच खिताबी मुकाबला नहीं है बल्कि दो महाद्वीपों दक्षिण अमेरिका और यूरोप के बीच श्रेष्ठता की जंग भी है।
हाल में वर्षों में वर्ल्ड कप के खिताबी मुकाबलों में कम ही गोल हुए हैं। साल 1986 तक 6 खिताबी मुकाबलों में कुल 27 गोल हुए थे जबकि साल 1990 से साल 2010 तक केवल 9 गोल हुए हैं।
साल 1990 में अर्जेंटीना खिताबी मुकाबले में गोल नहीं करने वाली पहली टीम बनी थी।
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वर्ल्ड कप फाइनल में भले ही मेजबान ब्राजील न हो लेकिन अर्जेंटीना और जर्मनी के बीच मुकाबला रोचक होने की उम्मीद की जा रही है।
ऐसा नहीं है कि वर्ल्ड कप के फाइनल में पहली बार दोनों टीमें आमने-सामने हो रही हैं। इससे पहले दो बार दोनों टीमें आपस में भिड़ चुकी हैं।
जर्मनी और अर्जेंटीना तीसरी बार एक साथ खिताबी मुकाबले में होंगी। साल 1986 में मैक्सिको सिटी में अर्जेंटीना ने जर्मनी को 3-2 से हराया था, जबकि चार साल बाद 1990 में रोम में पश्चिम जर्मनी ने अर्जेंटीना पर 1-0 से जीत दर्ज कर पिछला हिसाब चुकता कर लिया था।
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हालांकि माना जा रहा है कि इस खिताबी मुकाबले में दनादन गोल नहीं पड़ेंगे लेकिन मुकाबला रोमांचक हो सकता है।
मैच का परिणाम चाहे कुछ भी हो अर्जेंटीना के कोच अलेजांद्रो सबिला फाइनल के बाद इस दक्षिण अमेरिकी टीम के साथ नहीं रहेंगे। ऐसे में अगर उनकी टीम जीत जाती है तो वह अपने देश में हीरो बन जाएंगे।
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साथ ही यह केवल 2 टीमों के बीच खिताबी मुकाबला नहीं है बल्कि दो महाद्वीपों दक्षिण अमेरिका और यूरोप के बीच श्रेष्ठता की जंग भी है।
हाल में वर्षों में वर्ल्ड कप के खिताबी मुकाबलों में कम ही गोल हुए हैं। साल 1986 तक 6 खिताबी मुकाबलों में कुल 27 गोल हुए थे जबकि साल 1990 से साल 2010 तक केवल 9 गोल हुए हैं।
साल 1990 में अर्जेंटीना खिताबी मुकाबले में गोल नहीं करने वाली पहली टीम बनी थी।