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शूटआउट में जीत दिलाकर इंग्लैंड के हीरो बने युवा गोलकीपर पिकफोर्ड
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
Updated Wed, 04 Jul 2018 11:21 PM IST
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जॉर्डन पिकफोर्ड
दिल के धड़कनें तेज थी। इंग्लैंड और कोलंबिया के बीच शूटआउट चल रहा था। कोलंबिया के कार्लोस बेका पेनल्टी लेने जा रहा था। पूरे इंग्लैंड की उम्मीदों का दारोमदार 24 साल के गोलकीपर जार्डन पिकफोर्ड पर टिका था। उधर कार्लोस ने किक ली और इधर पिकफोर्ड ने सही अंदाज लगाते हुए बायीं ओर डाइव लगाई और बाएं हाथ के दमदार शॉट को रोक दिया।
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यह बचाव निर्णायक साबित हुआ। उसके बाद इरिक डायर ने गोल करके विश्व कप इतिहास में इंग्लैंड को पहली बार शूटआउट में 4-3 से जीत दिलाकर क्वार्टर फाइनल में पहुंचा दिया। मानो विश्व कप के शूटआउट में हारने का इंग्लैंड का अभिशाप टूट गया। छह फुट एक इंच लंबे गोलकीपर रातों-रात इंग्लैंड के हीरो बन गए। उनकी तुलना सुपरस्टार बेकहम से की जा रही है। बेकहम का राइटफुटर मशहूर है तो अब हर तरफ पिकफोर्ड के बाएं हाथ की चर्चा है।
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खास शोध किया था शूटआउट को लेकर
इंग्लैंड के लिए महज सातवां मैच खेल रहे पिकफोर्ड ने शूटआउट के लिए काफी होमवर्क और शोध किया था। उनका कहना है कि इस दिशा में किया गया शोध उनके काम आ गया। पिकफोर्ड उस समय महज दो साल के थे जब इंग्लैंड ने पिछली बार पेनाल्टी शूटआउट में जीत हासिल की थी। उस समय वह और भी छोटे थे तब टीम के मौजूदा मैनेजर गैरेथ साउथगेट ने जर्मनी के खिलाफ यूरोपियन चैंपियनशिप के सेमीफाइनल में निर्णायक पेनाल्टी मिस की थी। यह हार के इंग्लैंड के लिए राष्ट्रीय आपदा बन गई थी।
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शूटआउट तो लाटरी जैसा होता है, लेकिन आपको मेहनत और शोध करने की जरूरत होती है। जीत आपके मनोदशा और मानसिकता पर टिकी होती है। हमें पता था कि अगर पेनाल्टी भी मैच गया तो भी जीत हमारी होगी। जार्डन पिकफोर्ड, इंग्लैंड गोलकीपर
इंग्लैंड के कोच गैरेथ साउथगेट ने कहा, 'क्या लाजवाब बचाव किया पिकफोर्ड ने। मैं तो हैरान हूं वो डाइव करके पहुंच कैसे गया। उनमें गजब की फुर्ती है और उन्होंने शूटआउट में योजना को सही ढंग से लागू किया।'
उम्र : 14 साल, कद: छह फीट एक इंच, उपनाम : पिकी, क्लब : एवर्टन
07: वां मैच खेल रहे थे पिकफोर्ड इंग्लैंड के लिए। नवंबर में ही इंग्लैंड के लिए पदार्पण किया है। जल्द ही मैनेजर गैरेथ साउथगेट की पसंद बन गए।
ब्रिटेन के सबसे महंगे गोलकीपर
इंग्लिश प्रीमियर लीग में खेलने वाले पिकफोर्ड के पिता ली संडरलैंड में एक बिल्डर है। मां सुई का भी बड़ा योगदान हैं जो बचपन में ट्रेनिंग के लिए अपने साथ टैक्सी में अकादमी ले जाती थीं। गर्लफ्रैंड मेघन डेविसन स्कूल के दिनों से दोस्त हैं और विश्व कप के उनके मैच देखने के लिए खासतौर पर रूस आई हैं। पिछले साल एवर्टन ने उनसे 30 मिलियन पौंड का करार किया था जोकि ब्रिटिश फुटबॉल में किसी गोलकीपर का सबसे महंगा करार है।
-इंग्लैंड के लिए अंडर-16 से अंडर-21 तक विभिन्न आयुवर्गों में खेल चुके हैं।
-पास्ता खाने के शौकीन हैं, मैच के लिए जाने से पहले कार में टिफिन में पास्ता रखना नहीं भूलते ।