बेल्जियम से हार के बाद गम के सागर में डूबा ब्राजील, आलोचनाओं के घेरे में नेमार की टीम
विश्व कप के क्वार्टर फाइनल में हार के बाद पूरा ब्राजील गमगीन हो गया है। शुक्रवार को बेल्जियम के हाथों क्वार्टर फाइनल में 1-2 की हार के साथ पांच बार की चैंपियन खिताब की दौड़ से आउट हो गई। प्रशंसकों ने सोशल मीडिया पर अपना गुस्सा निकाला है और कोच टिटे की रणनीति पर सवाल खड़े किए हैं।
नेमार, गैब्रिएल जीसस और आत्मघाती गोल करने वाले फर्नांडिन्हो की आलोचनाएं हो रही हैं। अनावश्यक ड्रिब्लिंग पर सवाल उठ रहे हैं। चार साल पहले जब ब्राजील सेमीफाइनल में जर्मनी से 1-7 से हारा था, तब ब्राजीली मीडिया ने उसे ऐतिहासिक और शर्मनाक हार करार दिया था। इस बार कुछ प्रमुख शीर्षक शह और मात और फिर मिली निराशा जैसे हैं।
ब्राजील का जहां रिकॉर्ड छठा विश्व कप जीतने का सपना टूट गया, वहीं बेल्जियम की टीम 32 साल बाद सेमीफाइनल में पहुंचने में सफल रही। बेल्जियम की सेमीफाइनल में फ्रांस से टक्कर होगी, जिसने उरुग्वे को 2-0 से पराजित कर दिया।
पिछले विश्व कप में अपनी मेजबानी में सुपरस्टार नेमार की चोट और सेमीफाइनल में जर्मनी से शर्मनाक हार के साथ ब्राजील खिताब जीतने से रह गई थी। इस बार उसका दावा मजबूत माना जा रहा था, लेकिन पड़ोसी लैटिन अमेरिकी देशों अर्जेंटीना, उरुग्वे और कोलंबिया के साथ टीम उम्मीद से पहले विदा हो गई।
ब्राजील की टीम टिटे के कार्यकाल में पिछले 15 मैचों से हारी नहीं थी। इस दौरान टीम ने केवल तीन गोल खाए थे। पहले हाफ के 31 मिनट में टीम की नियति तय हो गई थी जब 13वें मिनट में फर्नांडिन्हो ने आत्मघाती गोल कर दिया और उसके बाद केविन डि ब्रुइन के गोल ने गोल कर बेल्जियम को 2-0 से आगे कर दिया। हालांकि, एक गोल अगस्टो की मदद से ब्राजील ने भी किया लेकिन अंतिम क्षणों में जोरदार प्रयासों के बावजूद हार नहीं टाल सकी।
कोच टिटे ने भविष्य को लेकर साधा मौन
ब्राजील के विश्व कप से बाहर होने के बाद कोच टिटे के भविष्य पर सवाल खड़े हो रहे हैं। टिटे हार को लेकर किसी की आलोचना नहीं कर रहे है, लेकिन अपने भविष्य को लेकर भी उन्होंने मौन साध लिया है।
56 वर्षीय टिटे ने माना कि यह बेहद कड़वी हार, लेकिन उन सुझावों को सिरे से खारिज कर दिया कि उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए। मैं अपने भविष्य को लेकर कोई चर्चा नहीं करना चाहूंगा। मैं अपने अभियान और इस मैच की हार को लेकर आकलन करूंगा लेकिन मैं किसी खिलाड़ी को लेकर व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं करना चाहूंगा।
- 15 मैचों से हारी नहीं थी कोच टिटे के कार्यकाल में ब्राजील की टीम
- 2002 में विजेता बनने के बाद से विश्व कप में ब्राजील तीन बार क्वार्टर फाइनल में हारा है
रोते हुए मैदान से बाहर हुए नेमार
बेल्जियम के खिलाफ हार के बाद ब्राजील के स्टार नेमार आंखों में आंसू लिए मैदान से विदा हुए और मीडिया से बात करने से इनकार कर दिया। मैक्सिको के खिलाफ अंतिम-16 में 2-0 की जीत में एक गोल करने वाले और दूसरे में सहयोग करने वाले पेरिस सेंट जर्मेन के स्ट्राइकर ने बेल्जियम के खिलाफ अंतिम क्षणों में बेहतरीन प्रयास भी किया, लेकिन बेल्जियम के गोलकीपर ने खतरा टाल दिया था।
-पिछली बार 2014 में विश्व कप में कोलंबिया के खिलाफ क्वार्टर फाइनल में नेमार को चोट लग गई थी और उन्हें स्ट्रेचर पर बाहर आना पड़ा था। उसके बाद सेमीफाइनल में जर्मनी के खिलाफ वह नहीं खेले और 1-7 से हार मिली।
-इस बार विश्व कप से पहले दुनिया के सबसे महंगे खिलाड़ी को पांव में चोट लग गई थी और उन्हें तीन माह आराम करना पड़ा। कोस्टा रिका के खिलाफ जीत के बाद भी वह रोते नजर आए जिसे विश्लेषकों ने उनकी कमजोरी के रूप में गिना। मैक्सिको के खिलाफ मैच में उनकी इस बात को लेकर आलोचना हुई कि वह मैदान में गिरने के बाद ऐसी प्रतिक्रिया करते है जैसी असहनीय पीड़ा हो रही हो।
- अभी 26 साल के हैं नेमार और 2022 में कतर में होने वाले विश्व में 30 साल के होंगे। ऐसे में अभी उनके संन्यास को लेकर कोई अटकलें नहीं हो रही हैं।
कई सितारों के लिए होगा अंतिम विश्व कप
विश्व कप में हार के साथ विदाई के बाद ब्राजील के कई खिलाड़ियों की विश्व कप के साथ विदाई लेने की हसरत अधूरी रह गई। कई खिलाड़ियों के लिए यह अंतिम विश्व कप हो सकता है। टीम के 23 खिलाड़ियों में से नौ खिलाड़ी 30 वर्ष से ऊपर के हैं। 33 साल के डिफेंडर मिरांडा अभी अंतरराष्ट्रीय करियर को लेकर कुछ कहना नहीं चाहते। उनका कहना है कि अभी कुछ कहना मुश्किल है। हम सभी खिलाड़ी एक पीढ़ी के हिस्से हैं। मैं अभी बाय-बाय नहीं कह सकता लेकिन मैं यह भी निश्चित तौर पर नहीं कह सकता कि यह मेरा अंतिम विश्व कप होगा।
हार की पीड़ा
हमने जो मैच खेला उसमें गेंद पर हमारा कब्जा भी ज्यादा था। हमें मौके भी मिले लेकिन जहां तक गोल करने की बात है बेल्जियम की टीम चुनींदा मौकों को भुनाने में सफल रही। वे हमारे मुकाबले ज्यादा बेहतर नहीं खेले लेकिन कारगर रहे।- टिटे, ब्राजील कोच
हमारे लिए यह रात बेहद भयानक है। बेहद खराब लग रहा है, इस हार को पचा पाना आसान नहीं होगा। मैं यह नहीं कहूंगा कि हम दुर्भाग्यशाली रहे क्योंकि उनकी टीम में भी केविन डि ब्रुइन, लुकाकू, हेजार्ड, कोम्पानी और कोर्टियस जैसे शीर्ष स्तर के खिलाड़ी थे।- मार्सेलो
हमारी हर तरफ आलोचनाएं होगी। आप जीतते हो या हारते हो, यही फुटबॉल है, लेकिन जिंदगी तो चलती रहेगी। हम उदास हैं क्योंकि हर ब्राजीलवासी की तरह हम जीत को जी-जान से चाहते हैं। दुर्भाग्य से ऐसा नहीं हो सका।-फिलिप कौटिन्हो, ब्राजील डिफेंडर
फर्नांडिन्हो बने खलनायक
ब्राजील की ओर से आत्मघाती गोल करने वाले फर्नांनडिन्हो को लेकर ब्राजीली प्रशंसकों ने अपना गुस्सा निकाला है। कोच और अन्य खिलाड़ियों की भी सोशल मीडिया पर आलोचनाएं हो रही हैं। कुछ ट्विटर यूजर्स की प्रतिकियाएं इस प्रकार है
- मैं फर्नांनडिन्हो को लेकर काफी नाखुश हूं। दरअसल उसकी वजह से मैच हार गए लेकिन विश्व कप में हार एक सबक होती है।
- लगता है ब्राजील के खिलाड़ियों को वापसी की फ्लाइट पकड़ने की कुछ ज्यादा ही जल्दी थी।
- कहते हैं नेमार सबसे अच्छे हैं क्या इसी नेमार को लेकर इतनी चर्चा होती है