फीफा विश्वकप में काला जादू?: 'हैरी केन को रोक दूंगा...', तांत्रिक की चेतावनी के बाद इंग्लैंड का अटैक हुआ फेल!
घाना के चर्चित तांत्रिक नाना क्वाकू बोनसम ने मैच से पहले दावा किया था कि वह हैरी केन को घाना के खिलाफ प्रभावी नहीं होने देंगे। इसके बाद इंग्लैंड और घाना का मुकाबला 0-0 से ड्रॉ रहा और हैरी केन भी गोल नहीं कर सके। हालांकि काले जादू के दावों का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है, लेकिन मैच के बाद सोशल मीडिया पर इस बयान की खूब चर्चा हो रही है।
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घाना के चर्चित तांत्रिक नाना क्वाकू बोनसम, जिनका नाम 'डेविल ऑफ वेडनेसडे' के रूप में भी चर्चित है, ने मैच से पहले कहा था कि वह हैरी केन पर काम कर रहे हैं और उन्हें रोकने के लिए जो करना होगा, वह करेंगे। उन्होंने कहा था, 'मैं हैरी केन पर काम कर रहा हूं। मैं पहले भी दिखा चुका हूं कि मैं क्या कर सकता हूं। मैं उन्हें गंभीर चोट नहीं पहुंचाना चाहता, लेकिन इतना जरूर करूंगा कि वह मेरे देश के खिलाफ असरदार न रहें।'
बोनसम पहली बार चर्चा में 2014 विश्व कप के दौरान आए थे, जब उन्होंने दावा किया था कि पुर्तगाल के स्टार क्रिस्टियानो रोनाल्डो की घुटने की समस्या के पीछे उनका 'आध्यात्मिक हस्तक्षेप' था। हालांकि इस दावे का कभी कोई प्रमाण सामने नहीं आया, लेकिन तब से उनका नाम फुटबॉल की दुनिया में समय-समय पर सुर्खियां बटोरता रहा है।
घाना से पहले इंग्लैंड ने ग्रुप स्टेज में क्रोएशिया जैसी मजबूत टीम को 4-2 से शिकस्त दी थी, जिसमें केन ने दो गोल दागे थे। इसके अलावा बेलिंघम और रैशफोर्ड ने गोल किए थे। इंग्लैंड से क्रोएशिया की तुलना में कमजोर घाना के खिलाफ भी ऐसे ही प्रदर्शन की उम्मीद थी, लेकिन हुआ इसके उलट। मैच में इंग्लैंड ने गेंद पर कब्जा बनाए रखा और कई मौके भी बनाए, लेकिन घाना के डिफेंडर्स के सामने उनकी एक न चली। हैरी केन को भी सीमित मौके मिले और वह मैच में प्रभाव छोड़ने में असफल रहे। घाना का मकसद इंग्लैंड को निराश करना था और उसमें वह पूरी तरह सफल रहा।
मुकाबले के बाद सोशल मीडिया पर बोनसम का पुराना बयान तेजी से वायरल होने लगा। कुछ फैंस ने मजाकिया अंदाज में कहा कि तांत्रिक की 'भविष्यवाणी' काम कर गई, जबकि कई लोगों ने इसे महज संयोग और घाना की शानदार रणनीति का नतीजा बताया। फुटबॉल विशेषज्ञों का भी मानना है कि इंग्लैंड का गोल न कर पाना घाना की मजबूत डिफेंस और सामरिक अनुशासन का परिणाम था, न कि किसी अलौकिक शक्ति का। फिर भी, विश्व कप जैसे बड़े मंच पर ऐसे बयान खेल से इतर एक अलग तरह की दिलचस्पी पैदा कर देते हैं। और इस बार भी नाना क्वाकू बोनसम अपने दावों के कारण मैच खत्म होने के बाद चर्चा के केंद्र में बने हुए हैं।