ओजिल ने लिया जर्मन टीम छोड़ने का फैसला, यह विवाद बनी वजह
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नस्लीय टिप्पिणयों और अपमान से आहत आर्सेनल के मिडफील्डर मेसुत ओजिल ने सोमवार को अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास की घोषणा कर सभी को चौंका दिया। 2014 विश्व कप विजेता टीम के सदस्य रहे ओजिल ने कहा अब वह कभी भी जर्मनी के लिए नहीं खेलेंगे।
मई में लंदन में एक कार्यक्रम के दौरान तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तईप एर्दोआन के साथ 29 वर्षीय इस फुटबॉलर की एक तस्वीर सामने आने के बाद से वह लगातार विवादों में हैं। इसके बाद से उनकी काफी आलोचना हो रही है।
जर्मनी के मैनेजर ओलिवर बियरहॉफ ने तो इतना तक कह दिया था कि उन्हें टीम से हटा दिया जाना चाहिए था। यही नहीं फीफा विश्व कप में जर्मनी के ग्रुप चरण में बाहर होने के बाद से ओजिल को नफरत भरे मेल और धमकियां मिल रही हैं।
इससे आहत होकर उन्होंने जर्मनी की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम को छोड़ने का ऐलान करने के साथ ही अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल को भी अलविदा कर ही दिया। ट्विटर पर लिखे पत्र में ओजिल ने लिखा कि उनके साथ हमेशा अप्रवासी होने की वजह से भेदभाव किया जाता रहा है।
तुर्की मूल के हैं ओजिल
ओजिल जर्मनी में ही पैदा हुए और पले-बढ़े हैं। पर वह तुर्की मूल के हैं। उनके पूर्वज तुर्की छोड़ जर्मनी में बेहतर जीवन के लिए आए थे। तुर्की के राष्ट्रपति के साथ खिंचवाई फोटो पर सफाई देते हुए ओजिल ने लिखा कि इसके पीछे कोई राजनीतिक मंशा नहीं थी। मैं अपने परिवार के देश के शीर्ष नेता के प्रति सम्मान व्यक्त कर रहा था।
तुर्किश-जर्मन क्यों : ओजिल ने लिखा कि उनके साथ मुस्लिम होने की वजह से भी ऐसा व्यवहार किया जाता है। जर्मनी की टीम में मेरे अलावा और भी प्रवासी हैं। उनको कभी जर्मन-पोलिश नहीं कहा जाता तो मुझे क्यों तुर्किश-जर्मन बुलाया जाता है? क्या इसलिए कि मैं तुर्की से हूं या इसलिए क्योंकि मैं मुसलमान हूं? जब मैं जर्मनी में ही पैदा हुआ पला-बढ़ा तो क्यों लोग नहीं मानते कि मैं एक जर्मन हूं।