वो 5 कारण, जिनकी वजह से फीफा विश्व कप 2018 की चैंपियन बन सकती है क्रोएशिया
आखिरकार लंबे इंतजार के बाद रविवार को दुनिया के सामने अगली फीफा विश्व कप विजेता टीम सामने आ ही जाएगी। खिताबी जंग के लिए दो ऐसी टीम आमने-सामने हैं, जिसने पूरे टूर्नामेंट में गजब का खेल दिखाया।
दोनों ही टीम पूरे विश्व कप के दौरान अपराजित रहीं हैं। फ्रांस जहां 1998 का विश्व कप अपने नाम कर चुका है तो महज 40 लाख की आबादी वाला देश क्रोएशिया पहली बार फाइनल तक पहुंचने में कामयाब रहा है। पूरे विश्व कप में उसने जिस तरह का खेल दिखाया, उससे फ्रांस वाकई फाइनल से पहले सकते में होगा। आइए जानते हैं वो 5 कारण जिसके चलते क्रोएशिया बन सकती है विश्व विजेता
जबरदस्त मिडफिल्ड
जबरदस्त मिडफिल्ड: पूरी टीम मैदान पर योगदान देने को आतुर है। इसका उदाहरण आठ खिलाड़ियों का टीम के लिए 10 गोल करना है। यह किसी स्टार खिलाड़ी की टीम नहीं बल्कि खिलाड़ियों ने मिलकर टीम को स्टार सी चमक दिलाई है। आक्रमण या डिफेंस टीम की मिडफिल्ड की जितनी तारीफ की जाए कम।
बेहतरीन गोलकीपर
बेहतरीन गोलकीपर: दो पेनल्टी शूटआउट में जीत के साथ क्रोएशियाई टीम के गोलकीपर सुबासिच हीरो बन गए हैं। पहले डेनमार्क फिर रूस दोनों को ही क्रोएशिया ने अपने बेहतरीन गोलकीपर के बूते ही मात दी। फ्रांस के खिलफ वह सभी की निगाहों में रहेंगे।
करिश्माई कप्तान
करिश्माई कप्तान: लुका मॉड्रिक अपनी टीम के लिए आदर्श बनकर उभरे हैं। पूरे विश्व कप के सबसे एक्टिव मिडफिल्डर मॉड्रिक की न सिर्फ कहानी प्रेरणादायी है बल्कि वह अपने खेल से भी साथी खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन कर रहे होंगे। मॉड्रिक ने पांच मैचों में दो गोल किए हैं। फ्रांस के खिलाफ क्रोएशिया को उनसे करिश्माई प्रदर्शन की उम्मीद होगी।
कोच
बूढ़े शेर, गजब के भूखे
डैनिएल सुबासिच 33, इवान स्त्रिनिच 30, दोनों सेंट्रल-डिफेंडर्स 29, इवान रैकिटिच 30, इवान पेरिसिच 29, लूका मॉड्रिच 32 और मारियो मंजुकिच भी इसी उम्र के हैं। टीम की पूरी रीढ़ जानती है कि विश्व के सबसे बड़े स्टेज पर अपनी छाप छोड़ने का यह उनके पास आखिरी मौका है। साथ-साथ इनका अनुभव और जोश का कॉकटेल ही तो क्रोएशिया को दूसकी टीम से अलग बनाता है।