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Football: 85 साल में पहली बार FIFA ने भारतीय फुटबॉल महासंघ को निलंबित किया, नियमों के उल्लंघन पर लिया फैसला
Tue, 16 Aug 2022 09:22 AM IST
स्वप्निल शशांक
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Tue, 16 Aug 2022 09:22 AM IST
सार
AIFF को सस्पेंड करने का मतलब है कि अंडर-17 महिला फुटबॉल वर्ल्ड कप टूर्नामेंट, जो कि देश में 11 अक्तूबर से 30 अक्तूबर के बीच में आयोजित होने वाला था, अब तय समय पर नहीं होगा। इसकी मेजबानी भारत से छीनी भी जा सकती है।
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भारतीय फुटबॉल टीम
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
विश्व फुटबॉल संचालन संस्था फीफा ने तीसरे पक्ष के हस्तक्षेप के कारण भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ/AIFF) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। फीफा के नियमों के गंभीर उल्लंघन की वजह से यह निर्णय लिया गया है। भारतीय फुटबॉल महासंघ (AIFF) को अपने 85 साल के इतिहास में पहली बार फीफा से निलंबन झेलना पड़ा है।
AIFF को सस्पेंड करने का मतलब है कि अंडर-17 महिला फुटबॉल वर्ल्ड कप टूर्नामेंट, जो कि देश में 11 अक्तूबर से 30 अक्तूबर के बीच में आयोजित होने वाला था, अब तय समय पर नहीं होगा। इसकी मेजबानी भारत से छीनी भी जा सकती है। वहीं दूसरी ओर आज मंगलवार 16 अगस्त से कोलकाता में डूरंड कप शुरू होने जा रहा है।
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AIFF को सस्पेंड करने का मतलब है कि अंडर-17 महिला फुटबॉल वर्ल्ड कप टूर्नामेंट, जो कि देश में 11 अक्तूबर से 30 अक्तूबर के बीच में आयोजित होने वाला था, अब तय समय पर नहीं होगा। इसकी मेजबानी भारत से छीनी भी जा सकती है। वहीं दूसरी ओर आज मंगलवार 16 अगस्त से कोलकाता में डूरंड कप शुरू होने जा रहा है।
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फीफा और एआईएफएफ
- फोटो : सोशल मीडिया
इस महीने की शुरुआत में ही विश्व फुटबॉल संचालन संस्था फीफा ने तीसरे पक्ष (प्रशासकों की समिति/सीओए) के हस्तक्षेप के कारण भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ) को निलंबित करने की धमकी दी थी। इसके साथ ही फीफा ने अक्तूबर में होने वाले महिला अंडर-17 विश्वकप की मेजबानी के अपने अधिकार भी छीन लेने की चेतावनी दी थी। यह चेतावनी एआईएफएफ के चुनाव कराने के सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के कुछ ही दिनों बाद दी गई थी। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट की ओर से नियुक्त प्रशासकों की समिति (सीओए) ने चुनावी प्रक्रिया शुरू कर दी है। 28 अगस्त को चुनाव होने हैं।
क्या है पूरा मामला?
भारतीय फुटबॉल टीम
- फोटो : सोशल मीडिया
भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने मई में एआईएफएफ को भंग कर दिया था और खेल को संचालित करने, एआईएफएफ के संविधान में संशोधन करने और 18 महीने से लंबित चुनाव कराने के लिए तीन सदस्यीय समिति की नियुक्त की थी। जवाब में, फीफा और एशियाई फुटबॉल परिसंघ ने एएफसी महासचिव विंडसर जॉन के नेतृत्व में एक टीम को भारतीय फुटबॉल के हितधारकों से मिलने के लिए भेजा और एआईएफएफ के लिए जुलाई के अंत तक अपनी विधियों में संशोधन करने और बाद में 15 सितंबर तक नवीनतम चुनाव संपन्न करने के लिए एक रोडमैप तैयार किया था।
एआईएफएफ के चुनाव फीफा परिषद के सदस्य प्रफुल्ल पटेल के नेतृत्व में दिसंबर 2020 तक होने थे, लेकिन इसके संविधान में संशोधन पर गतिरोध के कारण इसमें देरी हुई। इसके बाद इसी महीने की शुरुआत में (तीन अगस्त) सुप्रीम कोर्ट ने तुरंत चुनाव कराने का आदेश दिया था और कहा था कि निर्वाचित समिति (सीओए) तीन महीने की अवधि के लिए एक अंतरिम निकाय होगी।
इस पर पांच अगस्त को फीफा ने तीसरे पक्ष के हस्तक्षेप को लेकर भारतीय फुटबॉल महासंघ (AIFF) को को निलंबित करने की धमकी दी थी। फीफा के नियमों के मुताबिक, सदस्य संघों को अपने-अपने देशों में कानूनी और राजनीतिक हस्तक्षेप से मुक्त होना चाहिए। फीफा ने पहले इसी तरह के मामलों में अन्य राष्ट्रीय संघों को भी निलंबित किया है।
एआईएफएफ के चुनाव फीफा परिषद के सदस्य प्रफुल्ल पटेल के नेतृत्व में दिसंबर 2020 तक होने थे, लेकिन इसके संविधान में संशोधन पर गतिरोध के कारण इसमें देरी हुई। इसके बाद इसी महीने की शुरुआत में (तीन अगस्त) सुप्रीम कोर्ट ने तुरंत चुनाव कराने का आदेश दिया था और कहा था कि निर्वाचित समिति (सीओए) तीन महीने की अवधि के लिए एक अंतरिम निकाय होगी।
इस पर पांच अगस्त को फीफा ने तीसरे पक्ष के हस्तक्षेप को लेकर भारतीय फुटबॉल महासंघ (AIFF) को को निलंबित करने की धमकी दी थी। फीफा के नियमों के मुताबिक, सदस्य संघों को अपने-अपने देशों में कानूनी और राजनीतिक हस्तक्षेप से मुक्त होना चाहिए। फीफा ने पहले इसी तरह के मामलों में अन्य राष्ट्रीय संघों को भी निलंबित किया है।
कब निलंबन हटाएगा फीफा?
प्रफुल्ल पटेल
फीफा ने सोमवार के बयान में कहा- एआईएफएफ कार्यकारी समिति की शक्तियों को ग्रहण करने के लिए प्रशासकों की एक समिति गठित करने के आदेश के निरस्त होने और एआईएफएफ प्रशासन एआईएफएफ के दैनिक मामलों पर पूर्ण नियंत्रण हासिल करने के बाद निलंबन हटा लिया जाएगा।
छेत्री ने कहा था- फीफा की धमकी ध्यान न दें
,सुनील छेत्री
इधर, भारतीय फुटबॉल कप्तान और अनुभवी स्ट्राइकर सुनील छेत्री ने बीते रविवार को ही अपने साथी खिलाड़ियों से कहा था कि फीफा की भारतीय फुटबॉल को निलंबित या प्रतिबंधित करने की धमकियों पर ध्यान देने की जरूरत नहीं है। उन्होंने खिलाड़ियों से कहा कि आप मैदान में अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने पर ध्यान दें।
11 अक्तूबर से शुरू होना था अंडर-17 महिला फुटबॉल विश्वकप
ये 2017 में भारत में हुए अंडर-17 फुटबॉल वर्ल्ड कप के दौरान की है
अंडर-17 महिला फुटबॉल विश्वकप 11 से 30 अक्तूबर तक भुवनेश्वर, गोवा और मुंबई में आयोजित होना प्रस्तावित था। इसकी सफल मेजबानी के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल ने जवाबदेही पत्र पर हस्ताक्षर कर अपनी मंजूरी पहले ही दे दी थी। हालांकि अब फीफा पर प्रतिबंध के परिणामस्वरूप 11-30 अक्तूबर तक होने वाला आगामी फीफा अंडर-17 महिला विश्व कप स्थगित रहेगा। फीफा ने कहा कि टूर्नामेंट का भविष्य तय समय में तय किया जाएगा और अगर जरूरत पड़ी तो इस मामले को ब्यूरो ऑफ काउंसिल को भेजा जा सकता है। फीफा ने साफ कहा है कि अब यह आयोजन अपने तय समय के अनुसार भारत में आयोजित नहीं हो सकता है।