लॉन बॉल क्या है?: किस तरह खेला जाता है, कैसे मिलते हैं अंक? जानिए कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के इस अनोखे खेल के नियम
कॉमनवेल्थ गेम्स के दौरान लॉन बॉल्स एक बार फिर चर्चा में है। आखिर यह खेल कैसे खेला जाता है? इसमें अंक कैसे मिलते हैं, 'जैक' क्या होता है और गेंद सीधी क्यों नहीं चलती? आइए आसान भाषा में समझते हैं इस रणनीति और सटीक निशाने वाले अनोखे खेल के सभी नियम...
विस्तार
कॉमनवेल्थ गेम्स में जब भी लॉन बॉल्स की प्रतियोगिताएं होती हैं तो यह खेल अचानक सुर्खियों में आ जाता है। भारत ने 2022 बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों में महिला फोर्स टीम के जरिए ऐतिहासिक स्वर्ण पदक जीतकर इसे देश में लोकप्रिय बना दिया। अब ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में भी भारतीय खिलाड़ी इस खेल में दम दिखा रहे हैं। लेकिन आखिर लॉन बॉल है क्या? इसे कैसे खेला जाता है और इसमें जीत-हार कैसे तय होती है? आइए आसान भाषा में समझते हैं।
क्या है लॉन बॉल?
लॉन बॉल (Lawn Bowls) एक ऐसा खेल है, जिसमें खिलाड़ियों का लक्ष्य अपनी गेंद (बॉल) को एक छोटी सफेद या पीली गेंद, जिसे 'जैक' कहा जाता है, के सबसे करीब पहुंचाना होता है। पहली नजर में यह खेल आसान लगता है, लेकिन इसमें ताकत से ज्यादा रणनीति, धैर्य, संतुलन और सटीक निशाने की जरूरत होती है।
कैसा होता है मैदान?
यह खेल हरी घास या सिंथेटिक सतह पर खेला जाता है। मैदान पूरी तरह समतल होता है और इसे ग्रीन कहा जाता है। खिलाड़ी एक छोटी मैट (Mat) पर खड़े होकर अपनी गेंद को जैक की दिशा में रोल करते हैं।
जैक क्या होता है?
- जैक एक छोटी गेंद होती है, जो पूरे खेल का लक्ष्य होती है।
- मुकाबले की शुरुआत में खिलाड़ी पहले जैक को मैदान में एक तय दूरी तक रोल करता है।
- इसके बाद दोनों टीमें बारी-बारी से अपनी गेंदें उसी जैक के करीब पहुंचाने की कोशिश करती हैं।
- ध्यान देने वाली बात यह है कि जैक किसी एक निश्चित जगह पर नहीं होता।
- हर नए राउंड (एंड) में इसकी स्थिति बदल सकती है।
गेंद सीधी क्यों नहीं चलती?
- टलॉन बॉल की गेंद बिल्कुल गोल नहीं होती। इसके एक हिस्से का वजन दूसरे हिस्से से थोड़ा ज्यादा होता है।
- इसी कारण गेंद सीधी जाने के बजाय हल्का घुमाव लेते हुए आगे बढ़ती है।
- यही वजह है कि खिलाड़ियों को गेंद छोड़ते समय उसकी दिशा, गति और कलाई की मूवमेंट का खास ध्यान रखना पड़ता है।
लॉन बॉल कैसे खेला जाता है?
- मुकाबले की शुरुआत टॉस से होती है। इसके बाद एक टीम पहले जैक फेंकती है और फिर दोनों टीमें बारी-बारी से अपनी गेंदें रोल करती हैं।
- खेल कई राउंड में खेला जाता है। हर राउंड को 'एंड' कहा जाता है।
- प्रतियोगिता के प्रारूप के अनुसार मैच सिंगल्स, पेयर्स, ट्रिपल्स और फोर्स में खेला जाता है।
- सिंगल्स: एक-एक खिलाड़ी
- पेयर्स: दो-दो खिलाड़ी
- ट्रिपल्स: तीन-तीन खिलाड़ी
- फोर्स: चार-चार खिलाड़ियों की टीम
कॉमनवेल्थ गेम्स के फोर्स मुकाबलों में हर खिलाड़ी को प्रत्येक एंड में दो-दो गेंदें फेंकने का मौका मिलता है। यानी एक टीम एक एंड में कुल आठ गेंदें खेलती है।
अंक कैसे मिलते हैं?
- हर एंड खत्म होने के बाद अंक दिए जाते हैं।
- जिस टीम की गेंद जैक के सबसे करीब होती है, वही अंक हासिल करती है।
- अगर किसी टीम की तीन गेंदें विरोधी टीम की सबसे नजदीकी गेंद से भी ज्यादा करीब हैं तो उस टीम को तीन अंक मिलेंगे।
- जरूरत पड़ने पर गेंद और जैक के बीच की दूरी विशेष माप उपकरण से नापी जाती है।
मैच कब खत्म होता है?
प्रतियोगिता के नियमों के अनुसार मैच दो तरह से खत्म हो सकता है।
- सिंगल्स में जो खिलाड़ी पहले 21 अंक हासिल कर ले, वह विजेता बन जाता है।
- टीम इवेंट्स में तय संख्या (आमतौर पर 15, 18 या 21 एंड) पूरी होने के बाद जिस टीम के सबसे ज्यादा अंक होते हैं, वही मैच जीतती है।
- लॉन बॉल्स राष्ट्रमंडल खेलों के सबसे पुराने खेलों में से एक है। यह 1930 में हुए पहले कॉमनवेल्थ गेम्स से ही खेला जा रहा है।
- इस खेल में इंग्लैंड सबसे सफल देशों में गिना जाता है, जबकि ऑस्ट्रेलिया और स्कॉटलैंड भी लगातार मजबूत प्रदर्शन करते रहे हैं।
- भारत ने पहली बार 2022 बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों में महिला फोर्स स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर इस खेल में इतिहास रचा था।
- इसके बाद से देश में लॉन बॉल्स को नई पहचान मिली और अब भारतीय खिलाड़ी लगातार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी चुनौती पेश कर रहे हैं।