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PR Sreejesh: पीआर श्रीजेश ने जमीनी स्तर पर निवेश पर दिया जोर, ओलंपिक 2036 में सफलता के लिए दी ये सलाह
Sat, 15 Mar 2025 09:17 AM IST
शोभित चतुर्वेदी
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शोभित चतुर्वेदी
Updated Sat, 15 Mar 2025 09:17 AM IST
सार
श्रीजेश टोक्यो ओलंपिक और पेरिस ओलंपिक 2024 में कांस्य पदक जीतने वाली पुरुष हॉकी टीम का हिस्सा थे। उन्होंने पेरिस ओलंपिक के बाद अंतरराष्ट्रीय हॉकी से संन्यास ले लिया था।
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पीआर श्रीजेश
- फोटो : ANI
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विस्तार
दो बार ओलंपिक पदक जीत चुके भारतीय पुरुष हॉकी टीम के पूर्व गोलकीपर पीआर श्रीजेश ने बताया है कि भारत को 2026 ओलंपिक में किस तरह अधिक सफलता मिल सकती है। श्रीजेश का कहना है कि अगर भारत को ओलंपिक में अच्छा प्रदर्शन करते हैं तो जमीनी स्तर पर निवेश और प्रतिभा की पहचान करना जरूरी है। श्रीजेश टोक्यो ओलंपिक और पेरिस ओलंपिक 2024 में कांस्य पदक जीतने वाली पुरुष हॉकी टीम का हिस्सा थे। उन्होंने पेरिस ओलंपिक के बाद अंतरराष्ट्रीय हॉकी से संन्यास ले लिया था।
श्रीजेश ने एक कार्यक्रम में कहा, एक्सपोजर जरूरी है। विश्व स्तर पर खेलना और अच्छा प्रदर्शन करना हर किसी का सपना होता है। ओलंपिक इस मायने में भी अनूठे हैं क्योंकि उसमें मानसिक दबाव काफी होता है। इस स्तर पर अच्छे प्रदर्शन के लिए खिलाड़ियों को तैयार करना महत्वपूर्ण है। जब हमने खेलना शुरू किया तो खेल के इतिहास के बारे में सुना करते थे। अब हम युवाओं को बता सकते हैं कि हम विश्व स्तर पर क्या हासिल कर सकते हैं। जब मैं हॉकी इंडिया के लिए अंडर 21 खिलाड़ियों के साथ काम करता हूं तो मैं उन्हें यह विश्वास दिलाना चाहता हूं कि वे भी सफलता हासिल कर सकते हैं।
उन्होंने कहा, 2036 ओलंपिक की बात करें तो हमें 12 से 14 साल के बीच की प्रतिभायें तलाशनी होंगी। हमें अपने तंत्र में खेल संस्कृति डालनी होगी। सिर्फ पदक जीतने के लिए ही नहीं बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी।
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श्रीजेश ने एक कार्यक्रम में कहा, एक्सपोजर जरूरी है। विश्व स्तर पर खेलना और अच्छा प्रदर्शन करना हर किसी का सपना होता है। ओलंपिक इस मायने में भी अनूठे हैं क्योंकि उसमें मानसिक दबाव काफी होता है। इस स्तर पर अच्छे प्रदर्शन के लिए खिलाड़ियों को तैयार करना महत्वपूर्ण है। जब हमने खेलना शुरू किया तो खेल के इतिहास के बारे में सुना करते थे। अब हम युवाओं को बता सकते हैं कि हम विश्व स्तर पर क्या हासिल कर सकते हैं। जब मैं हॉकी इंडिया के लिए अंडर 21 खिलाड़ियों के साथ काम करता हूं तो मैं उन्हें यह विश्वास दिलाना चाहता हूं कि वे भी सफलता हासिल कर सकते हैं।
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उन्होंने कहा, 2036 ओलंपिक की बात करें तो हमें 12 से 14 साल के बीच की प्रतिभायें तलाशनी होंगी। हमें अपने तंत्र में खेल संस्कृति डालनी होगी। सिर्फ पदक जीतने के लिए ही नहीं बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी।
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