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Dahi Handi: महाराष्ट्र में दही हांडी को मिला खेल का दर्जा, गोविन्दों को सरकारी नौकरी, मौत हुई तो 10 लाख
Thu, 18 Aug 2022 07:59 PM IST
शक्तिराज सिंह
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: शक्तिराज सिंह
Updated Thu, 18 Aug 2022 07:59 PM IST
सार
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने एलान किया है कि अब महाराष्ट्र में दही हांडी आधिकारिक रूप से खेल माना जाएगा और इस खेल में अच्छा प्रदर्शन करने वाले गोविंदों को सरकारी नौकरी में भी तवज्जो दी जाएगी।
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दही हांडी
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
महाराष्ट्र सरकार ने दही हांडी को एडवेंचर स्पोर्ट का दर्जा देने का फैसला किया है। इस खेल में कई लोग मिलकर एक पिरामिड बनाते हैं और हाव में लटक रही मटकी को फोड़ते हैं, जिसमें दही भरा होता है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने विधानसभा में एलान करते हुए बताया कि इस बार भी दही हांडी के दौरान चोटिल होने वाले या मृतकों को सरकार मुआवजा देगी।
एकनाथ शिंदे ने कहा कि महाराष्ट्र में खेल श्रेणी के तहत 'दही-हांडी' को मान्यता दी जाएगी। 'प्रो-दही-हांडी' पेश किया जाएगा। गोविन्दों को खेल श्रेणी के तहत नौकरी मिलेगी। हम सभी 'गोविंदा' के लिए 10 लाख रुपये का बीमा कवर प्रदान करेंगे। साथ ही प्रशासन ने निर्णय लिया है कि चूकि कल ही यह उत्सव है तो अभी बीमा प्रक्रिया तुरंत नहीं हो सकती जिसके लिए किसी तरह की दुर्घटना घटी तो मृतक को 10 लाख, गंभीर रूप से घायलों को साढ़े सात लाख और जो घायल होंगे उन्हें पांच लाख रूपए देने का निर्णय लिया गया है।
खेल कोटा के तरत मिलेगी नौकरी
इस खेल में शामिल होने वाले खिलाड़ियों को गोविंदा कहा जाता है। दही हांडी को खेल का दर्जा मिलने के बाद गोविंदा राज्य सरकारी नौकरी के लिए भी खेल कोटा के तहत आवेदन कर सकेंगे और उन्हें नौकरी भी दी जाएगी। इस बार दही हांडी का खेल बिना किसी रोक-टोक के आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री शिंदे ने कहा है कि इस खेल के दौरान चोटिल होने वाले गोविंदा के इलाज का खर्च भी राज्य सरकार वहन करेगी।
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कोरोनाकाल से पहले महाराष्ट्र में यह खेल बड़े स्तर पर होता था, लेकिन कोरोना वायरस के आने के बाद इसमें कई तरह की रोक लग गई। अब लगभग दो साल बाद यहां यह खेल बिना की पाबंदी के साथ होगा। इस त्योहार में गोविंदों की टोली गली मोहल्ले में घूमती रहती है और हर जगह हवा में लटकी मटकी को तोड़ने की कोशिश करती है। सबसे पहले मटकी तोड़ने वाली टीम को विजेता घोषित किया जाता है और पुरस्कार दिया जाता है।
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एकनाथ शिंदे ने कहा कि महाराष्ट्र में खेल श्रेणी के तहत 'दही-हांडी' को मान्यता दी जाएगी। 'प्रो-दही-हांडी' पेश किया जाएगा। गोविन्दों को खेल श्रेणी के तहत नौकरी मिलेगी। हम सभी 'गोविंदा' के लिए 10 लाख रुपये का बीमा कवर प्रदान करेंगे। साथ ही प्रशासन ने निर्णय लिया है कि चूकि कल ही यह उत्सव है तो अभी बीमा प्रक्रिया तुरंत नहीं हो सकती जिसके लिए किसी तरह की दुर्घटना घटी तो मृतक को 10 लाख, गंभीर रूप से घायलों को साढ़े सात लाख और जो घायल होंगे उन्हें पांच लाख रूपए देने का निर्णय लिया गया है।
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खेल कोटा के तरत मिलेगी नौकरी
इस खेल में शामिल होने वाले खिलाड़ियों को गोविंदा कहा जाता है। दही हांडी को खेल का दर्जा मिलने के बाद गोविंदा राज्य सरकारी नौकरी के लिए भी खेल कोटा के तहत आवेदन कर सकेंगे और उन्हें नौकरी भी दी जाएगी। इस बार दही हांडी का खेल बिना किसी रोक-टोक के आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री शिंदे ने कहा है कि इस खेल के दौरान चोटिल होने वाले गोविंदा के इलाज का खर्च भी राज्य सरकार वहन करेगी।
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कोरोनाकाल से पहले महाराष्ट्र में यह खेल बड़े स्तर पर होता था, लेकिन कोरोना वायरस के आने के बाद इसमें कई तरह की रोक लग गई। अब लगभग दो साल बाद यहां यह खेल बिना की पाबंदी के साथ होगा। इस त्योहार में गोविंदों की टोली गली मोहल्ले में घूमती रहती है और हर जगह हवा में लटकी मटकी को तोड़ने की कोशिश करती है। सबसे पहले मटकी तोड़ने वाली टीम को विजेता घोषित किया जाता है और पुरस्कार दिया जाता है।