{"_id":"ac8857d64b6e34e74c358a632945a9bb","slug":"cwg-2014-india-can-win-3-more-gold-at-7th-day-sv","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"CWG : कुश्ती ने दिलाए भारत को 4 सिल्वर ","category":{"title":"Sports","title_hn":"खेल ","slug":"sports"}}
CWG : कुश्ती ने दिलाए भारत को 4 सिल्वर
अमर उजाला, दिल्ली
Updated Thu, 31 Jul 2014 09:23 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ग्लासगो में हो रहे 20वें राष्ट्रमंडल खेलों के छठे दिन भारत ने कुश्ती में गोल्डन हैट्रिक लगाई थी और खेल के सातवें दिन बुधवार को भी देश के पास 4 और स्वर्ण पदक जीतने का मौका था। लेकिन भारतीय पहलवान इतिहास रचने से चूक गए।
पुरुष वर्ग में 61 किग्रा भार में भारतीय पहलवान बजरंग पीला तमगा हासिल करने में नाकाम रहे। जबकि सत्यव्रत कादयान भी भारत को सोना नहीं दिला सके।
दूसरी ओर, महिला पहलवानों ने भी फाइनल में अपने प्रशंसकों को निराश किया। हालांकि दोनों पहलवानों ने रजत पदक जरूर अपने नाम कर लिए। 53 किलो में ललिता ललिता और 58 किग्रा भार वर्ग में साक्षी मलिक स्वर्ण अपने नाम नहीं कर सकीं।
इसके अलावा महिला वर्ग से ही नवजोत कौर ने भारत को कुश्ती में एक और पदक दिला दिया।
विज्ञापन
पुरुष वर्ग में 61 किग्रा भार में भारतीय पहलवान बजरंग पीला तमगा हासिल करने में नाकाम रहे। जबकि सत्यव्रत कादयान भी भारत को सोना नहीं दिला सके।
दूसरी ओर, महिला पहलवानों ने भी फाइनल में अपने प्रशंसकों को निराश किया। हालांकि दोनों पहलवानों ने रजत पदक जरूर अपने नाम कर लिए। 53 किलो में ललिता ललिता और 58 किग्रा भार वर्ग में साक्षी मलिक स्वर्ण अपने नाम नहीं कर सकीं।
विज्ञापन
इसके अलावा महिला वर्ग से ही नवजोत कौर ने भारत को कुश्ती में एक और पदक दिला दिया।
गोल्ड से चूके बजरंग, जीता रजत पदक
सुशील कुमार और अमित कुमार की कामयाबी को दोहराने का लक्ष्य लेकर उतरे भारतीय पहलवान बजरंग ने भी फाइनल में पहुंचकर भारत को एक और स्वर्ण पदक की आस जगा दी थी लेकिन वहां उन्हें हार का सामना करना पड़ा।
हरियाणा के झज्जर में जन्में बजरंग 61 किग्रा भार वर्ग के फाइनल में कनाडा के डेविड ट्रेग्बले से एकतरफा मुकाबले में 12-1 से हार गए। हालांकि इस हार के बावजूद बजरंग रजत पदक जरूर हासिल करने में कामयाब रहे।
20 साल के पहलवान बजरंग ने बेहतरीन खेल दिखाते हुए प्री-क्वार्टर फाइनल में इंग्लैंड के पहलवान को 4-0 से हराया। क्वार्टर फाइनल में उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के पहलवान को 4-1 से धूल चटाई। जबकि सेमीफाइनल में बजरंग एकतरफा मुकाबले में नाइजीरिया के डैनियल को 3-1 से चित कर दिया था।
हरियाणा के झज्जर में जन्में बजरंग 61 किग्रा भार वर्ग के फाइनल में कनाडा के डेविड ट्रेग्बले से एकतरफा मुकाबले में 12-1 से हार गए। हालांकि इस हार के बावजूद बजरंग रजत पदक जरूर हासिल करने में कामयाब रहे।
20 साल के पहलवान बजरंग ने बेहतरीन खेल दिखाते हुए प्री-क्वार्टर फाइनल में इंग्लैंड के पहलवान को 4-0 से हराया। क्वार्टर फाइनल में उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के पहलवान को 4-1 से धूल चटाई। जबकि सेमीफाइनल में बजरंग एकतरफा मुकाबले में नाइजीरिया के डैनियल को 3-1 से चित कर दिया था।
कादयान भी नहीं दिला पाए पीले तमगा
पुरुषों की फ्रीस्टाइल कुश्ती के 97 किलो भार वर्ग में भी भारत के पास स्वर्ण पदक जीतने का मौका था। लेकिन रोहतक में जन्में सत्यव्रत कादयान ने फाइनल मुकाबला जीत नहीं सके और उन्हें रजत पदक से ही संतोष करना पड़ा।
बजरंग की तरह 20 साल के ही पहलवान सत्यव्रत कादयान ने अंतिम 16 में श्रीलंका के पहलवान को हराया। इसके बाद उन्होंने क्रमशः क्वार्टर फाइनल और सेमीफाइनल में नाइजीरिया और इंग्लैंड के पहलवानों को हराया।
फाइनल में कादयान का मुकाबला कनाडा के भारतीय मूल के पहलवाना अर्जुन गिल से था। दोनों के बीच मुकाबला कांटे का रहा और मैच खत्म होने के समय दोनों के 4-4 अंक थे लेकिन तकनीकी आधार पर कनाडाई पहलवान बाजी मार गया।
बजरंग की तरह 20 साल के ही पहलवान सत्यव्रत कादयान ने अंतिम 16 में श्रीलंका के पहलवान को हराया। इसके बाद उन्होंने क्रमशः क्वार्टर फाइनल और सेमीफाइनल में नाइजीरिया और इंग्लैंड के पहलवानों को हराया।
फाइनल में कादयान का मुकाबला कनाडा के भारतीय मूल के पहलवाना अर्जुन गिल से था। दोनों के बीच मुकाबला कांटे का रहा और मैच खत्म होने के समय दोनों के 4-4 अंक थे लेकिन तकनीकी आधार पर कनाडाई पहलवान बाजी मार गया।
20 साल की ललिता से भी स्वर्ण की उम्मीद खत्म
हिसार की 20 साल की उभरती पहलवान ललिता ललिता का यह पहला राष्ट्रमंडल खेल है और अपने ही इस बड़े मुकाबले में शानदार खेल दिखाया और देश को एक रजत पदक दिलाया।
53 किग्रा भार वर्ग में ललिता ने क्वार्टर फाइनल मुकाबले में दक्षिण अफ्रीकी पहलवान एम मैडी को 4-0 से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया। इसके बाद उन्होंने सेमीफाइनल में मेजबान स्कॉटलैंड की एस हैवकी को भी एकतरफा मुकाबले में हराया।
उन्होंने यह मुकाबला 5-0 से जीता। फाइनल में नाइजीरियाई पहलवान से पहले ही दौर में हार गई और रजत पदक से संतोष करना पड़ा।
नवजोत कौर (फोटो) को हालांकि 69 किग्रा वर्ग के सेमीफाइनल में हार का सामना करना पड़ा लेकिन कांस्य पदक के लिए हुए मुकाबले में जीत हासिल करने में कामयाब रहीं।
नवजोत कौर को 69 किग्रा के सेमीफाइनल में कनाडा की डोरी यीट्स से 0-10 से हार का सामना करना पड़ा। कांस्य पदक के लिए हुए मुकाबले में नवजोत ने मेजबान स्काटलैंड की सारा जोंस को 4-0 से हराया।
53 किग्रा भार वर्ग में ललिता ने क्वार्टर फाइनल मुकाबले में दक्षिण अफ्रीकी पहलवान एम मैडी को 4-0 से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया। इसके बाद उन्होंने सेमीफाइनल में मेजबान स्कॉटलैंड की एस हैवकी को भी एकतरफा मुकाबले में हराया।
उन्होंने यह मुकाबला 5-0 से जीता। फाइनल में नाइजीरियाई पहलवान से पहले ही दौर में हार गई और रजत पदक से संतोष करना पड़ा।
नवजोत कौर (फोटो) को हालांकि 69 किग्रा वर्ग के सेमीफाइनल में हार का सामना करना पड़ा लेकिन कांस्य पदक के लिए हुए मुकाबले में जीत हासिल करने में कामयाब रहीं।
नवजोत कौर को 69 किग्रा के सेमीफाइनल में कनाडा की डोरी यीट्स से 0-10 से हार का सामना करना पड़ा। कांस्य पदक के लिए हुए मुकाबले में नवजोत ने मेजबान स्काटलैंड की सारा जोंस को 4-0 से हराया।
58 किलो में साक्षी भी नहीं दिला सकी सोना
आज कुश्ती में फाइनल में पहुंचने वाली साक्षी मलिक भारत की ओर से चौथी पहलवान रही। साक्षी से पहले ललिता के अलावा पुरुष वर्ग से दो भारतीय पहलवान भी फाइनल में पहुंचे थे। लेकिन आज अन्य भारतीय पहलवानों की तरह साक्षी भी अपने पदक को गोल्ड में नहीं बदल पाई।
58 किग्रा भार वर्ग में साक्षी मलिक को पहले दौर में बाई मिली और क्वार्टर फाइनल में उन्होंने कैमरून की एडविग एनगोनो को 4-0 से और फिर सेमीफाइनल में कनाडा की ब्रैक्सटन स्टोन को 8-5 से हराकर स्वर्ण पदक के लिए आस जगाई।
स्वर्ण पदक के लिए हुए मुकाबले में साक्षी नाइजीरिया की एमिनेट एडिनियी से 0-10 से हार गई।
58 किग्रा भार वर्ग में साक्षी मलिक को पहले दौर में बाई मिली और क्वार्टर फाइनल में उन्होंने कैमरून की एडविग एनगोनो को 4-0 से और फिर सेमीफाइनल में कनाडा की ब्रैक्सटन स्टोन को 8-5 से हराकर स्वर्ण पदक के लिए आस जगाई।
स्वर्ण पदक के लिए हुए मुकाबले में साक्षी नाइजीरिया की एमिनेट एडिनियी से 0-10 से हार गई।
भारोत्तोलन में चंद्रकांत ने दिलाया कांसा
भारत के चंद्रकांत माली ने 20वें राष्ट्रमंडल खेलों में भारोत्तोलन स्पर्धा में देश के पदक जीतने के अभियान को आगे बढ़ाते हुए मंगलवार रात पुरुषों के 94 किग्रा वजन वर्ग में कांस्य पदक जीत लिया।
महाराष्ट्र के कोल्हापुर के चंद्रकांत ने कुल 338 किग्रा वजन उठाकर देश को कांस्य पदक दिलाया। इसी प्रतियोगिता में पापुआ न्यू गिनी के स्टीवन कुकुना कारी ने 349 किग्रा वजन उठाकर स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया जबकि ऑस्ट्रेलिया के सिमप्लिइस रिबोम ने 349 किग्रा वजन उठाकर रजत पदक हासिल किया।
26 वर्षीय चंद्रकांत ने स्नैच में 150 किग्रा और क्लीन एंड जर्क में 188 किग्रा वजन उठाया। हालांकि रिबोम ने स्नैच में कुकुना कारी (149 किग्रा) से ज्यादा 153 वजन उठाया लेकिन क्लीन एंड जर्क में कुकुना ने 200 किग्रा वजन उठाकर सोना अपने नाम किया। रिबोम ने क्लीन एंड जर्क में 196 किग्रा का वजन उठाया।
भारत का भारोत्तोलन में यह 12वां पदक है जिसमें 3 स्वर्ण, 3 रजत और 6 कांस्य शामिल हैं।
महाराष्ट्र के कोल्हापुर के चंद्रकांत ने कुल 338 किग्रा वजन उठाकर देश को कांस्य पदक दिलाया। इसी प्रतियोगिता में पापुआ न्यू गिनी के स्टीवन कुकुना कारी ने 349 किग्रा वजन उठाकर स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया जबकि ऑस्ट्रेलिया के सिमप्लिइस रिबोम ने 349 किग्रा वजन उठाकर रजत पदक हासिल किया।
26 वर्षीय चंद्रकांत ने स्नैच में 150 किग्रा और क्लीन एंड जर्क में 188 किग्रा वजन उठाया। हालांकि रिबोम ने स्नैच में कुकुना कारी (149 किग्रा) से ज्यादा 153 वजन उठाया लेकिन क्लीन एंड जर्क में कुकुना ने 200 किग्रा वजन उठाकर सोना अपने नाम किया। रिबोम ने क्लीन एंड जर्क में 196 किग्रा का वजन उठाया।
भारत का भारोत्तोलन में यह 12वां पदक है जिसमें 3 स्वर्ण, 3 रजत और 6 कांस्य शामिल हैं।
मुक्केबाजी में भारत को झटका, 3 खिलाड़ी हारे
भारतीय मुक्केबाजों ने मंगलवार देर रात हुए मुकाबले में काफी निराश किया। सुमित सांगवान को 81 किग्रा पुरुष लाइटवेट वर्ग में, मनोज कुमार को पुरुष लाइट वेल्टर वर्ग के क्वार्टर फाइनल में और पूजा रानी (फोटो) को महिला मिडल के राउंड ऑफ 16 में हार का सामना करना पड़ा।
केवल लैशराम देवी ने महिलाओं के 57-60 किग्रा वर्ग के क्वार्टर फाइनल में पहुंचकर देश के पदक जीतने की उम्मीदों को बरकरार रखा।
32 वर्षीय लैशराम ने नाइजीरिया की केहिंदे ओबरेह को पराजित किया। उनका अगला मुकाबला वेल्स की चार्लेन जोंस से होगा। हरियाणा के शेखुपुरा सोहना के 21 वर्षीय सांगवान को न्यूजीलैंड के 18 वर्षीय डेविड निका से हार का सामना करना पड़ा।
हरियाणा के ही 27 वर्षीय मनोज को इंग्लैंड के सैमुअल मैक्सवेल के हाथों हार का मुंह देखना पड़ा। महिलाओं के 69-75 किग्रा वर्ग में पूजा को इंग्लिश मुक्केबाज सावनाह मार्शल ने हराया।
केवल लैशराम देवी ने महिलाओं के 57-60 किग्रा वर्ग के क्वार्टर फाइनल में पहुंचकर देश के पदक जीतने की उम्मीदों को बरकरार रखा।
32 वर्षीय लैशराम ने नाइजीरिया की केहिंदे ओबरेह को पराजित किया। उनका अगला मुकाबला वेल्स की चार्लेन जोंस से होगा। हरियाणा के शेखुपुरा सोहना के 21 वर्षीय सांगवान को न्यूजीलैंड के 18 वर्षीय डेविड निका से हार का सामना करना पड़ा।
हरियाणा के ही 27 वर्षीय मनोज को इंग्लैंड के सैमुअल मैक्सवेल के हाथों हार का मुंह देखना पड़ा। महिलाओं के 69-75 किग्रा वर्ग में पूजा को इंग्लिश मुक्केबाज सावनाह मार्शल ने हराया।