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CWG: कांस्य जीतने वाले लवप्रीत ने अमर उजाला से कहा- घर में कोई नहीं वेटलिफ्टर, क्लीन एंड जर्क ज्यादा मुश्किल
Thu, 04 Aug 2022 08:26 AM IST
रोहित राज
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, बर्मिंघम
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, बर्मिंघम
Published by: रोहित राज
Updated Thu, 04 Aug 2022 08:26 AM IST
सार
लवप्रीत 355 किग्रा भार उठाने में सफल रहे। लवप्रीत ने स्नैच राउंड में 163 और क्लीन एंड जर्क राउंड में 192 किलो भार उठाया। कैमरून के जूनियर पेरिसलेक्स 361 किलो भार के साथ स्वर्ण जीतने में कामयाब रहे।
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लवप्रीत सिंह
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राष्ट्रमंडल खेलों में भारत को 14वां पदक वेटलिफ्टिंग से मिला। बुधवार (तीन अगस्त) को लवप्रीत सिंह ने 109 किग्रा भारवर्ग में कांस्य पदक अपने नाम किया। उन्होंने पहली बार राष्ट्रमंडल खेलों में कोई पदक जीता है। यह कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत का वेटलिफ्टिंग में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। उसने 10 पदक जीते हैं। इससे पहले इस खेल में भारत का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन 2018 में रहा था, जब भारतीय खिलाड़ियों ने नौ पदक जीते थे।
मैच के बाद लवप्रीत सिंह ने प्रेस कांफ्रेंस के दौरान कहा कि वेटलिफ्टिंग में वह गांव के खिलाड़ियों को देखकर आए थे। उनके परिवार में कोई भी इस खेल में नहीं रहा है। इसके अलावा लवप्रीत ने अपनी ट्रेनिंग, मैच के दौरान दबाव और प्रधानमंत्री से मिले बधाई संदेश को लेकर भी बात की। अमर उजाला ने उनसे कई सवाल पूछे। पढ़े उन सवालों पर लवनप्रीत ने क्या कहा...
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मैच के बाद लवप्रीत सिंह ने प्रेस कांफ्रेंस के दौरान कहा कि वेटलिफ्टिंग में वह गांव के खिलाड़ियों को देखकर आए थे। उनके परिवार में कोई भी इस खेल में नहीं रहा है। इसके अलावा लवप्रीत ने अपनी ट्रेनिंग, मैच के दौरान दबाव और प्रधानमंत्री से मिले बधाई संदेश को लेकर भी बात की। अमर उजाला ने उनसे कई सवाल पूछे। पढ़े उन सवालों पर लवनप्रीत ने क्या कहा...
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लवप्रीत सिंह
- फोटो : सोशल मीडिया
आपने वेटलिफ्टिंग को कब और क्यों चुना?
लवप्रीत: मैंने नौवीं क्लास में वेटलिफ्टिंग शुरू की थी। 2013-14 में पहला जूनियर नेशनल में भाग लिया था। गांव में कुछ लोग वेटलिफ्टिंग करते थे। उन्हें देखकर मैंने इस खेल को चुना। मैं अमृतसर का रहने वाला हूं और घर में माता-पिता, भाई-बहन हैं। फैमिली में कोई इस खेल में नहीं रहा है।
लॉकडाउन के दौरान आपने कैसे ट्रेनिंग की?
लवप्रीत: मैं उस समय छुट्टी पर था और घर पर ही था। घर पर ही अभ्यास करता था। फिजिकल ट्रेनिंग किसी तरह कर लेता था।
लवप्रीत: मैंने नौवीं क्लास में वेटलिफ्टिंग शुरू की थी। 2013-14 में पहला जूनियर नेशनल में भाग लिया था। गांव में कुछ लोग वेटलिफ्टिंग करते थे। उन्हें देखकर मैंने इस खेल को चुना। मैं अमृतसर का रहने वाला हूं और घर में माता-पिता, भाई-बहन हैं। फैमिली में कोई इस खेल में नहीं रहा है।
लॉकडाउन के दौरान आपने कैसे ट्रेनिंग की?
लवप्रीत: मैं उस समय छुट्टी पर था और घर पर ही था। घर पर ही अभ्यास करता था। फिजिकल ट्रेनिंग किसी तरह कर लेता था।
लवप्रीत सिंह
- फोटो : अमर उजाला
क्लीन एंड जर्क के दौरान क्या चल रहा था दिमाग में?
उस समय बस यही सोच रहा था कि किसी तरह अपना बेस्ट देना है। जिस वजन का चुनाव किया था बस उसे उठा लेने के बारे में सोच रहा था। विपक्षी खिलाड़ी भी मेहनत करके आते हैं। अगर दूसरा भी कोई जीत लेता तो मैं उसे बधाई देता।
उस समय बस यही सोच रहा था कि किसी तरह अपना बेस्ट देना है। जिस वजन का चुनाव किया था बस उसे उठा लेने के बारे में सोच रहा था। विपक्षी खिलाड़ी भी मेहनत करके आते हैं। अगर दूसरा भी कोई जीत लेता तो मैं उसे बधाई देता।
कौन सा एथलीट सबसे ज्यादा पसंद है?
जो भी सीनियर खिलाड़ी मुझे सिखाते हैं वह मेरे पसंदीदा हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आपके लिए ट्वीट किया। आपको कैसा लगा?
मैं प्रधानमंत्री जी को बहुत-बहुत धन्यवाद देना चाहता हूं।
वेटलिफ्टिंग में सबसे ज्यादा चुनौती क्या है?
वेटलिफ्टिंग में सबकुछ मुश्किल है, लेकिन क्लीन एंड जर्क सबसे ज्यादा मुश्किल भरा है। मुझे शुरू से ही यह मुश्किल लगता है।
जो भी सीनियर खिलाड़ी मुझे सिखाते हैं वह मेरे पसंदीदा हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आपके लिए ट्वीट किया। आपको कैसा लगा?
मैं प्रधानमंत्री जी को बहुत-बहुत धन्यवाद देना चाहता हूं।
वेटलिफ्टिंग में सबसे ज्यादा चुनौती क्या है?
वेटलिफ्टिंग में सबकुछ मुश्किल है, लेकिन क्लीन एंड जर्क सबसे ज्यादा मुश्किल भरा है। मुझे शुरू से ही यह मुश्किल लगता है।
लवप्रीत सिंह
- फोटो : अमर उजाला
लवप्रीत ने 355 किग्रा भार उठाया
लवप्रीत 355 किग्रा भार उठाने में सफल रहे। लवप्रीत ने स्नैच राउंड में 163 और क्लीन एंड जर्क राउंड में 192 किलो भार उठाया। कैमरून के जूनियर पेरिसलेक्स 361 किलो भार के साथ स्वर्ण जीतने में कामयाब रहे। वहीं, समोआ के जैक हितिला ओपेलोग ने 358 किलो के साथ रजत पदक जीता।
लवप्रीत 355 किग्रा भार उठाने में सफल रहे। लवप्रीत ने स्नैच राउंड में 163 और क्लीन एंड जर्क राउंड में 192 किलो भार उठाया। कैमरून के जूनियर पेरिसलेक्स 361 किलो भार के साथ स्वर्ण जीतने में कामयाब रहे। वहीं, समोआ के जैक हितिला ओपेलोग ने 358 किलो के साथ रजत पदक जीता।