{"_id":"63c019823c76cc75f1285fca","slug":"bed-ridden-for-3-years-former-india-basketball-captain-jagdeep-had-contemplated-suicide","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Jagdeep Singh: चोट के चलते तीन साल तक बेड पर रहे, पत्नी ने सुसाइड करने से रोका फिर 37 साल की उम्र में की वापसी","category":{"title":"Sports","title_hn":"खेल","slug":"sports"}}
Jagdeep Singh: चोट के चलते तीन साल तक बेड पर रहे, पत्नी ने सुसाइड करने से रोका फिर 37 साल की उम्र में की वापसी
Thu, 12 Jan 2023 08:00 PM IST
शक्तिराज सिंह
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शक्तिराज सिंह
Updated Thu, 12 Jan 2023 08:00 PM IST
सार
पीठ की चोट के चलते तीन साल तक बिस्तर पर रहने वाले जगदीप सिंह ने 37 साल की उम्र में शानदार वापसी की है। वह अब एलीट प्रो बास्केटबॉल लीग में खेलते दिखेंगे।
विज्ञापन
जगदीप सिंह
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
भारतीय बास्केटबॉल टीम के पूर्व कप्तान जगदीप सिंह बैंस ने 37 साल की उम्र में शानदार वापसी की है। एलीट प्रो बास्केटबॉल लीग में खेलते दिखेंगे। एक खिलाड़ी के रूप में जगदीप का सपर आसान नहीं रहा है। 2012 में चोटिल होने के बाद वह तीन साल तक बिस्तर पर रहे थे। इस समय लग रहा था कु उनका करियर लगभग खत्म हो चुका है। हालांकि, उनकी पत्नी ने हौसला बढ़ाया और वह हिम्मत नहीं हारे। अब उन्होंने 37 साल की उम्र में वापसी कर बाकी खिलाड़ियों के सामने उदाहरण पेश किया है।
एलीट प्रो बास्केटबॉल लीग में जगदीप मुंबई स्टार्स के लिए खेलने के लिए उत्सुक हैं। अपनी चोट को याद करते हुए उन्होंने कहा "यह मेरे जीवन का सबसे बुरा दौर था, मैं लगभग बेहोशी की हालत में था, मुश्किल से चल पा रहा था। दर्द इतना था कि मैं इसे सहन नहीं कर सकता था। मेरा रोने का मन हो रहा था। मैंने लगभग आत्महत्या के बारे में सोचा था क्योंकि मैं उस तरह जीना नहीं चाहता था। मैंने हाल ही में तब शादी की थी और यह मेरी पत्नी थी, जिसने मुझे ताकत दी और वह एकमात्र कारण था जिसके कारण मैंने आत्महत्या नहीं की। मैं न केवल अपने जीवन बल्कि सब कुछ के लिए उसका आभारी हूं।"
विज्ञापन
एलीट प्रो बास्केटबॉल लीग में जगदीप मुंबई स्टार्स के लिए खेलने के लिए उत्सुक हैं। अपनी चोट को याद करते हुए उन्होंने कहा "यह मेरे जीवन का सबसे बुरा दौर था, मैं लगभग बेहोशी की हालत में था, मुश्किल से चल पा रहा था। दर्द इतना था कि मैं इसे सहन नहीं कर सकता था। मेरा रोने का मन हो रहा था। मैंने लगभग आत्महत्या के बारे में सोचा था क्योंकि मैं उस तरह जीना नहीं चाहता था। मैंने हाल ही में तब शादी की थी और यह मेरी पत्नी थी, जिसने मुझे ताकत दी और वह एकमात्र कारण था जिसके कारण मैंने आत्महत्या नहीं की। मैं न केवल अपने जीवन बल्कि सब कुछ के लिए उसका आभारी हूं।"
विज्ञापन
बैंस ने एशियाई खेलों, राष्ट्रमंडल खेलों और कई एशियाई चैंपियनशिप सहित 20 से अधिक अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में भाग लिया है। 2016 में उन्होंने सर्जरी कराई और जल्द ही उन्हें यूबीए से फोन आया। उनका कहना है कि अगर चोट पर उन्हें सही सलाह मिलती तो वह जल्दी वापसी कर सकते थे। उन्होंने कहा "अगर किसी ने मुझे चोट को गंभीरता से लेने की सलाह दी होती, तो मैं अपने जीवन के चार साल नहीं गंवाता और जिस खेल को मैं प्यार करता था, उसे और भी बहुत कुछ दे सकता था। मेरी सर्जरी हुई और तीन महीने के भीतर मैंने वापसी की और यूबीए लीग का पहला सीजन खेला। उन्होंने मुझे ठीक होने में बहुत मदद की और मुझे हर तरह का समर्थन दिया। उन्होंने जो किया उसके लिए मैं उन्हें पर्याप्त धन्यवाद नहीं दे सकता।"
भारतीय महासंघ से नाराज हैं बैंस
जगदीप ने कहा "आर्थिक मदद तो दूर महासंघ ने मुझे फोन करने और यह पूछने की भी जहमत नहीं उठाई कि मैं कैसा था। मैं इस बात से बहुत नाराज था कि मैंने इस देश के लिए अपना सब कुछ दे दिया और मेरे सबसे बुरे समय में महासंघ ने अपना समर्थन वापस ले लिया।"
यूबीए में तीन सीजन खेलने के बाद जगदीप ने 2019 में बहरीन में विश्व कप क्वालीफायर खेलकर भारतीय टीम में वापसी की। एलीट प्रो बास्केटबॉल लीग में खेलने के लिए तैयार बैंस ने कहा, "भारत को ऐसी लीगों की जरूरत है ताकि लोग बास्केटबॉल को करियर विकल्प के रूप में देख सकें और देश में इस खेल को बढ़ावा दे सकें।"
बैंस ने कहा, "हमने देखा है कि आईपीएल ने क्रिकेट के लिए क्या किया है। हमें देश में इसी तरह की लीग की जरूरत है। श्रीलंका, मालदीव और बांग्लादेश जैसे अन्य देशों में पहले से ही पेशेवर लीग हैं और हमें भी युवाओं के लिए इस तरह के प्लेटफॉर्म की जरूरत है। पेशेवर लीग में, खिलाड़ियों को अच्छा भुगतान किया जाता है, और उनके आहार, चिकित्सा सहायता, चोट प्रबंधन के मामले में अच्छी तरह से देखभाल की जाती है, जो खिलाड़ियों को और प्रेरित करती है।"
जगदीप ने कहा "आर्थिक मदद तो दूर महासंघ ने मुझे फोन करने और यह पूछने की भी जहमत नहीं उठाई कि मैं कैसा था। मैं इस बात से बहुत नाराज था कि मैंने इस देश के लिए अपना सब कुछ दे दिया और मेरे सबसे बुरे समय में महासंघ ने अपना समर्थन वापस ले लिया।"
यूबीए में तीन सीजन खेलने के बाद जगदीप ने 2019 में बहरीन में विश्व कप क्वालीफायर खेलकर भारतीय टीम में वापसी की। एलीट प्रो बास्केटबॉल लीग में खेलने के लिए तैयार बैंस ने कहा, "भारत को ऐसी लीगों की जरूरत है ताकि लोग बास्केटबॉल को करियर विकल्प के रूप में देख सकें और देश में इस खेल को बढ़ावा दे सकें।"
बैंस ने कहा, "हमने देखा है कि आईपीएल ने क्रिकेट के लिए क्या किया है। हमें देश में इसी तरह की लीग की जरूरत है। श्रीलंका, मालदीव और बांग्लादेश जैसे अन्य देशों में पहले से ही पेशेवर लीग हैं और हमें भी युवाओं के लिए इस तरह के प्लेटफॉर्म की जरूरत है। पेशेवर लीग में, खिलाड़ियों को अच्छा भुगतान किया जाता है, और उनके आहार, चिकित्सा सहायता, चोट प्रबंधन के मामले में अच्छी तरह से देखभाल की जाती है, जो खिलाड़ियों को और प्रेरित करती है।"