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हलफनामा तो देगा पर बोर्ड नहीं मानेगा सभी सिफारिशें

Sat, 05 Nov 2016 03:41 AM IST
हेमंत रस्तोगी/अमर उजाला, नई दिल्ली
हेमंत रस्तोगी/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sat, 05 Nov 2016 03:41 AM IST
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BCCI file affidavit in the Supreme Court today
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर बीसीसीआई अध्यक्ष अनुराग ठाकुर और सचिव अजय शिर्के की ओर से शनिवार को जस्टिस आरएम लोढ़ा समिति के समक्ष हलफनामा दाखिल किया जा रहा है। बोर्ड हलफनामा तो दाखिल कर रहा है, लेकिन उसने अपना पक्ष नहीं बदला है।
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हलफनामे में अब तक स्वीकार की गई सिफारिशों का ब्योरा दिया जाएगा, लेकिन राज्य एसोसिएशनों का हवाला देकर मुख्य सिफारिशों से किनारा किया जाएगा। हालांकि सुप्रीम कोर्ट यह पहले ही आदेश दे चुकी है कि बोर्ड को समिति की सभी सिफारिशें माननी हैं।
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वहीं लोढ़ा समिति ने भी यह साफ कर दिया है कि भारत और इंग्लैंड के बीच श्रृंखला कराना या नहीं कराना यह उसका अधिकार क्षेत्र नहीं है। यह बीसीसीआई और ईसीबी के बीच का मामला है।
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बोर्ड को समिति के समक्ष शुक्रवार तक हलफनामा दाखिल करना था, लेकिन बोर्ड का कहना है कि 15 दिन का समय दिया गया था जो शनिवार को पूरे हो रहे हैं। इस बार बोर्ड ने हलफनामे में समिति की सिफारिशें नहीं स्वीकार की तो उनका मुश्किलों में घिरना तय है।

सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई पांच दिसंबर को रखी है, लेकिन कोशिशें यह भी चल रही हैं कि अगर बोर्ड समिति की सभी सिफारिशें नहीं मानता है तो इसके खिलाफ भी सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की जाए।

हालांकि लोढ़ा समिति की ओर से आईपीएल मीडिया राइट्स टेंडर को लेकर कुछ दिन पूर्व मांगी गई जानकारी के जवाब बोर्ड की ओर से सोमवार को दिए जा रहे हैं। सूत्र यह भी बताते हैं कि बीसीसीआई के उलट आईसीसी चेयरमैन शशांक मनोहर ने लोढ़ा समिति के समक्ष आज हलफनामा दाखिल कर दिया है।

डेढ़ करोड़ के खर्च पर ईसीबी ने नहीं दिया जवाब 

BCCI file affidavit in the Supreme Court today
बीसीसीआई की ओर से इंग्लैंड श्रृंखला को लेकर खेला गया दांव भी उल्टा पड़ता दिख रहा है। सच्चाई यह है कि बोर्ड ने ईसीबी को पत्र लिखकर अपने खिलाड़ियों के भत्ते और होटल में ठहरने का खर्च उठाने की जो बात कही है। यह खर्च महज डेढ़ करोड़ रुपये के आसपास बनता है।

यह राशि इतनी बड़ी नहीं है जिसको नहीं देने पर ईसीबी श्रृंखला रद्द करने पर तुल जाए। उसे भी यह अंदाजा है एमओयू पर हस्ताक्षर नहीं होने के बावजूद उसे देर सवेर यह राशि मिल ही जाएगी। सूत्र यह भी बताते हैं कि बोर्ड ने ईसीबी को पत्र लिखकर खर्च नहीं उठा पाने की बात तो लिख दी है, लेकिन उसने अब तक इसका बोर्ड को कोई जवाब नहीं दिया है।
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