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Hindi News ›   Sports ›   Baichung Bhutias sixth defeat in 10 years in Sikkim elections, Rikshal Dhorjee defeated him by 4346 votes

Baichung Bhutia: सिक्किम चुनाव में बाईचुंग भूटिया की 10 साल में छठी हार, रिक्शल धोरजी ने 4346 वोटों से हराया

Sun, 02 Jun 2024 05:11 PM IST
Mayank Tripathi स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, गैंगटॉक
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, गैंगटॉक Published by: Mayank Tripathi Updated Sun, 02 Jun 2024 05:11 PM IST
सार

भूटिया ने 2018 में अपनी खुद की हमरो सिक्किम पार्टी बनाई थी, लेकिन पिछले साल इस पार्टी का सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट (एसडीएफ) के साथ विलय हो गया था।

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Baichung Bhutias sixth defeat in 10 years in Sikkim elections, Rikshal Dhorjee defeated him by 4346 votes
बाइचुंग भूटिया - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

भारतीय फुटबॉल टीम के पूर्व कप्तान बाइचुंग भूटिया को राजनीति में एक बार फिर हार सामना करना पड़ा है। रविवार को सिक्किम चुनाव के नतीजे जारी हुए, जिसमें सत्तारूढ़ सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा के रिक्शल धोरजी ने  4346 मतों से हराया। भूटिया बारफुंग सीट से उम्मीदवार थे। हालांकि, वह जीत नहीं सके। 
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चुनावी रुझानों के अनुसार भूटिया की सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट पार्टी इस चुनाव में सिर्फ एक सीट जीत सकी जबकि एसकेएम ने 32 में से 31 सीटें जीतीं। सिक्किम विधानसभा चुनाव 2024 के लिए मतदान 19 अप्रैल को किया गया था। शुरुआती रुझानों में सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट पार्टी एक सीट छोड़कर सभी सीटें हार रही है लेकिन परिणाम अभी आधिकारिक रूप से घोषित नहीं किए गए हैं।
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2018 में बनाई खुद की पार्टी
भूटिया ने 2018 में अपनी खुद की हमरो सिक्किम पार्टी बनाई थी, लेकिन पिछले साल इस पार्टी का सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट (एसडीएफ) के साथ विलय हो गया था। फिलहाल वह सिक्किम की मुख्य विपक्षी पार्टी एसडीएफ में उपाध्यक्ष पद पर बने हुए हैं। 
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2014 में मिली थी हार
पूर्व कप्तान इससे पहले लोकसभा चुनाव 2014 में तृणमूल कांग्रेस की तरफ से मैदान पर उतरे थे। हालांकि, उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद 2016 में उन्हें टीएमसी की तरफ से सिलीगुड़ी सीट से विधानसभा चुनाव लड़ने का मौका मिला था। हालांकि, एक बार फिर उन्हें हार का स्वाद चखना पड़ा था। इसके बाद उन्होंने अपनी खुद की पार्टी बनाई। 201 के लोकसभा चुनाव में वह गैंगटोक और तुमेन-लिंगी से चुनाव लड़े, लेकिन जीत नहीं सके। इसके बाद 2019 के उपचुनावों में भी उन्हें हार का सामना करना पड़ा।
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