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Badminton Asia Team Championships: भारत की बेटियों ने रचा इतिहास, पहली बार इस टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंचीं
Sat, 17 Feb 2024 08:08 PM IST
स्वप्निल शशांक
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Sat, 17 Feb 2024 08:08 PM IST
सार
सिंधू आया ओहोरी के खिलाफ अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं कर सकीं और पहले मैच यानी एकल मैच में उन्हें 13-21, 20-22 से हार का सामना करना पड़ा। हालांकि, इसके बाद भारतीय टीम ने जबरदस्त वापसी की और इतिहास रच दिया।
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पीवी सिंधू, गायत्री-त्रिशा, अश्मिता, पोनप्पा
- फोटो : BAI Media/PTI
विस्तार
भारतीय महिला बैडमिंटन टीम ने इतिहास रच दिया है। टीम ने अपना स्वप्निल अभियान जारी रखते हुए शनिवार को रोमांचक सेमीफाइनल में दो बार के पूर्व चैंपियन जापान को 3-2 से हरा दिया और पहली बार बैडमिंटन एशिया टीम चैंपियनशिप के फाइनल में प्रवेश किया। त्रिशा जॉली और गायत्री गोपीचंद की दुनिया की 23वें नंबर की जोड़ी, दुनिया की 53वें नंबर की अश्मिता चालिहा और 17 साल की अनमोल खरब ने पहले युगल और दूसरे और निर्णायक एकल में शानदार जीत दर्ज करके भारत को खिताबी मुकाबले में पहुंचाया। फाइनल में रविवार को भारत का सामना थाईलैंड से होगा
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सिंधू पहले मैच में हारीं
पीवी सिंधू
- फोटो : BAI Media
जापान की टीम हालांकि दुनिया की चौथे नंबर की खिलाड़ी अकाने यामागुची, दुनिया की सातवें नंबर की युकी फुकुशिमा और सयाका हिरोता तथा दुनिया की आठवें नंबर की जोड़ी मायू मात्सुमोतो और वकाना नागहारा के बिना खेल रही थी। चोट के कारण लंबे समय बाद वापसी कर रही सिंधू ने चीन की हान युए और हांगकांग की लो सिन यान हैप्पी के खिलाफ जीत दर्ज की थी, लेकिन वह बाएं हाथ की आया ओहोरी के खिलाफ अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं कर सकीं और पहले मैच यानी एकल मैच में उन्हें 13-21, 20-22 से हार का सामना करना पड़ा।
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त्रिशा-गायत्री ने कराई वापसी
गायत्री और त्रिशा
- फोटो : सोशल मीडिया
त्रिशा और गायत्री की जोड़ी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 73 मिनट तक चले मुकाबले में दुनिया की छठे नंबर की खिलाड़ी नामी मात्सुयामा और चिहारू शिदा को 21-17 16-21 22-20 से हराया जिससे भारत ने 1-1 से बराबरी हासिल की। पूर्व विश्व चैंपियन और मौजूदा नंबर 20 नोजोमी ओकुहारा के खिलाफ बाएं हाथ की अश्मिता ने आक्रामक खेल दिखाया। अश्मिता ने अपने ओवरहेड क्रॉस ड्रॉप और जंप स्मैश का अच्छा उपयोग किया। वह ओकुहारा को 21-17, 21-14 से हराने में कामयाब रहीं और भारत को 2-1 की बढ़त दिलाई।
अनमोल ने दिलाई बड़ी जीत
अश्मिता चलिहा
- फोटो : BAI Media
तनीषा क्रैस्टो की चोट के कारण सिंधू ने इसके बाद अश्विनी पोनप्पा के साथ जोड़ी बनाई, लेकिन वह दुनिया की 11वें नंबर की जोड़ी रेना मियाउरा और अयाको सकुरामोतो की जोड़ी को हरा नहीं सकीं। 43 मिनट तक चले मुकाबले में सिंधू-पोनप्पा की जोड़ी को 14-21, 11-21 से हार का सामना करना पड़ा। ऐसे में मुकाबला 2-2 से बराबर हो गया और निर्णायक पांचवें मैच में पहुंचा। ऐसे में अनमोल को दुनिया के 29वें नंबर के खिलाड़ी नात्सुकी निदैरा को हराने की जिम्मेदारी सौंपी गई और भारतीय खिलाड़ी ने एक बार फिर उम्मीद पर खरा उतरते हुए 52 मिनट में 21-14, 21-18 से जीत दर्ज की।
श्रीकांत और प्रणय
- फोटो : सोशल मीडिया
फाइनल में पहुंचने के बाद अब भारत की महाद्वीपीय चैंपियनशिप में पहला स्वर्ण जीतने की उम्मीदें बरकरार हैं। भारत ने 2016 और 2020 संस्करणों में पुरुषों की टीम स्पर्धा में दो कांस्य पदक जीते थे। भारतीय महिला बैडमिंटन टीम ने क्वार्टर फाइनल में हॉन्गकॉन्ग को 3-0 से शिकस्त दी थी। वहीं, भारतीय पुरुष टीम को क्वार्टर फाइनल में जापान से 2-3 से हार का सामना करना पड़ा था।