{"_id":"64a140cb90a282211d06598b","slug":"asian-games-deepak-bhoria-and-nishant-dev-included-in-the-asian-games-team-amit-panghal-could-not-make-it-2023-07-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Asian Games: दीपक भोरिया और निशांत देव एशियाई खेलों की टीम में शामिल, अमित पंघाल नहीं बना पाए जगह","category":{"title":"Sports","title_hn":"खेल","slug":"sports"}}
Asian Games: दीपक भोरिया और निशांत देव एशियाई खेलों की टीम में शामिल, अमित पंघाल नहीं बना पाए जगह
Sun, 02 Jul 2023 02:48 PM IST
रोहित राज
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: रोहित राज
Updated Sun, 02 Jul 2023 02:48 PM IST
सार
मौजूदा एशियाई खेलों के विजेता और 2019 विश्व चैंपियनशिप के रजत विजेता अमित पंघाल अपने खिताब का बचाव नहीं कर पाएंगे क्योंकि वह एक बार फिर दीपक से पिछड़ गए और टीम में जगह नहीं बना पाए।
विज्ञापन
दीपक भोरिया और अमित पंघाल
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
विश्व चैंपियनशिप के कांस्य पदक विजेता मुक्केबाज हरियाणा के हिसार के दीपक भोरिया (51 किग्रा) और हरियाणा के ही करनाल के निशांत देव (71 किग्रा) को शनिवार को चीन के हांगझोऊ में होने वाले एशियाई खेलों की भारतीय मुक्केबाजी टीम में शामिल किया गया है। एशियाई खेलों का आयोजन 23 सितंबर से आठ अक्तूबर तक होगा। एशियाई खेलों की मुक्केबाजी प्रतियोगिता का महत्व इसलिए भी महत्वपूर्ण हैं क्योंकि यह मुक्केबाजों के लिए 2024 पेरिस ओलंपिक का टिकट पक्का करने का पहला क्वालिफायर टूर्नामेंट भी है।
मौजूदा एशियाई खेलों के विजेता और 2019 विश्व चैंपियनशिप के रजत विजेता अमित पंघाल अपने खिताब का बचाव नहीं कर पाएंगे क्योंकि वह एक बार फिर दीपक से पिछड़ गए और टीम में जगह नहीं बना पाए। दो बार के राष्ट्रमंडल खेलों के पदक विजेता और 2019 के एशियाई चैंपियन पंघाल भारतीय मुक्केबाजी महासंघ (बीएफआई) की नई चयन नीति के तहत इस साल की विश्व चैंपियनशिप में भी जगह बनाने के मामले में दीपक से पिछड़ गए थे। बीएफआई अपनी नई चयन नीति के तहत मुक्केबाजों का आकलन दो-तीन सप्ताह तक विभिन्न मापदंडों पर करता है। दीपक और निशांत ने मई में विश्व चैंपियनशिप में दमदार प्रदर्शन किया था। दोनों को सेमीफाइनल के करीबी मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा था।
शिव थापा जगह बनाने में हुए सफल
पुरुषों में अनुभवी शिव थापा सुपर लाइटवेट वर्ग (63.5 किग्रा) में देश का प्रतिनिधित्व करेंगे। विश्व युवा चैंपियन (2021) सचिन सिवाच विश्व चैंपियनशिप के कांस्य पदक विजेता मोहम्मद हुसामुद्दीन की अनुपस्थिति में 54 की जगह 57 किग्रा भार वर्ग में चुनौती पेश करेंगे। हुसामुद्दीन मई में विश्व चैंपियनशिप के क्वार्टर फाइनल में लगी चोट से उबर रहे हैं। पूर्व एशियाई चैंपियन संजीत (92 किग्रा), लक्ष्य चाहर (80 किग्रा) और नरेंद्र बेरवाल भी टीम में जगह बनाने में सफल रहे।
विज्ञापन
परवीन, जैस्मीन और अरुंधति महिला टीम में शामिल
पिछले साल विश्व चैंपियनशिप की कांस्य विजेता हरियाणा के रुरकी की परवीन हुड्डा (57 किग्रा), राष्ट्रमंडल खेलों की कांस्य विजेता जैस्मीन लंबोरिया (60 किग्रा), अरुंधति चौधरी और प्रीति पवार को महिला टीम में जगह मिली है जिसमें ओलंपिक पदक विजेता निकहत जरीन (51 किग्रा) और लवलीना बोरगोहेन (75 किग्रा) भी शामिल हैं।
दो बार की विश्व चैंपियन निकहत और तोक्यो ओलंपिक की कांस्य विजेता लवलीना ने मार्च में विश्व चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचने के कारण स्वत: ही एशियाई खेलों के लिए क्वालिफाई कर लिया था। मौजूदा 48 किग्रा महिला विश्व चैंपियन नीतू घंघास भी कट में जगह नहीं बना सकीं क्योंकि उन्हें 54 किग्रा भार वर्ग में प्रीति पवार ने पछाड़ दिया था।
विज्ञापन
मौजूदा एशियाई खेलों के विजेता और 2019 विश्व चैंपियनशिप के रजत विजेता अमित पंघाल अपने खिताब का बचाव नहीं कर पाएंगे क्योंकि वह एक बार फिर दीपक से पिछड़ गए और टीम में जगह नहीं बना पाए। दो बार के राष्ट्रमंडल खेलों के पदक विजेता और 2019 के एशियाई चैंपियन पंघाल भारतीय मुक्केबाजी महासंघ (बीएफआई) की नई चयन नीति के तहत इस साल की विश्व चैंपियनशिप में भी जगह बनाने के मामले में दीपक से पिछड़ गए थे। बीएफआई अपनी नई चयन नीति के तहत मुक्केबाजों का आकलन दो-तीन सप्ताह तक विभिन्न मापदंडों पर करता है। दीपक और निशांत ने मई में विश्व चैंपियनशिप में दमदार प्रदर्शन किया था। दोनों को सेमीफाइनल के करीबी मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा था।
विज्ञापन
शिव थापा जगह बनाने में हुए सफल
पुरुषों में अनुभवी शिव थापा सुपर लाइटवेट वर्ग (63.5 किग्रा) में देश का प्रतिनिधित्व करेंगे। विश्व युवा चैंपियन (2021) सचिन सिवाच विश्व चैंपियनशिप के कांस्य पदक विजेता मोहम्मद हुसामुद्दीन की अनुपस्थिति में 54 की जगह 57 किग्रा भार वर्ग में चुनौती पेश करेंगे। हुसामुद्दीन मई में विश्व चैंपियनशिप के क्वार्टर फाइनल में लगी चोट से उबर रहे हैं। पूर्व एशियाई चैंपियन संजीत (92 किग्रा), लक्ष्य चाहर (80 किग्रा) और नरेंद्र बेरवाल भी टीम में जगह बनाने में सफल रहे।
विज्ञापन
परवीन, जैस्मीन और अरुंधति महिला टीम में शामिल
पिछले साल विश्व चैंपियनशिप की कांस्य विजेता हरियाणा के रुरकी की परवीन हुड्डा (57 किग्रा), राष्ट्रमंडल खेलों की कांस्य विजेता जैस्मीन लंबोरिया (60 किग्रा), अरुंधति चौधरी और प्रीति पवार को महिला टीम में जगह मिली है जिसमें ओलंपिक पदक विजेता निकहत जरीन (51 किग्रा) और लवलीना बोरगोहेन (75 किग्रा) भी शामिल हैं।
दो बार की विश्व चैंपियन निकहत और तोक्यो ओलंपिक की कांस्य विजेता लवलीना ने मार्च में विश्व चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचने के कारण स्वत: ही एशियाई खेलों के लिए क्वालिफाई कर लिया था। मौजूदा 48 किग्रा महिला विश्व चैंपियन नीतू घंघास भी कट में जगह नहीं बना सकीं क्योंकि उन्हें 54 किग्रा भार वर्ग में प्रीति पवार ने पछाड़ दिया था।