पाक टीम की ऐसी दुर्गति, आजादी के बाद हुआ ऐसा बुरा हाल
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पाकिस्तान अपने वजूद में आने के 68 साल के इतिहास में पहली बार अपने खेल
तीन बार की ओलंपिक चैंपियन पाकिस्तान की हॉकी टीम 2016 में रियो ओलंपिक में प्रवेश करने से चूक गई है। ओलंपिक के इतिहास में यह पहला मौका होगा जब पाक टीम इसमें खेलती नहीं दिखाई देगी।
पाक 1947 में भारत से अलग होकर स्वतंत्र राष्ट्र बना और इसके बाद एक नए राष्ट्र के रूप में खेलों में व अन्य गतिविधियों में भाग लेने लगा। 1948 में उसने पहली बार पाकिस्तान के नाम से ओलपिंक में हिस्सा लिया। जिसमें पाक की हॉकी टीम सेमीफाइनल में पहुंचने में कामयाब रही और चौथे स्थान पर रही।
1948 के बाद से पाक की हॉकी टीम हर बार ओलंपिक में हिस्सा लेती रही है, लेकिन 1980 में मास्को में हुए ओलंपिक गेम्स में जानबूझकर भाग नहीं लिया। वह 1960, 1968 और 1984 में पुरुष हॉकी में स्वर्ण पदक जीतने में जरूर कामयाब रहा।
ओलंपिक टिकट के लिए पाक को वर्ल्ड लीग सेमीफाइनल्स में टॉप छह में रहना था
पाक टीम पिछले वर्ष विश्वकप के लिए भी क्वालीफाई नहीं कर सकी थी। पाक को
हॉकी वर्ल्ड लीग सेमीफाइनल्स प्लेऑफ में आयरलैंड ने 1-0 से हरा दिया। यह
मुकाबला पांचवें से आठवें स्थान के लिए खेला जा रहा था। पाक टीम इस
टूर्नामेंट में शीर्ष छह में स्थान नहीं बना सकी। 12 टीमों के बीच ओलंपिक
में प्रवेश करने के लिए वर्ल्ड लीग सेमीफाइनल्स में शीर्ष छह में रहना
जरूरी था।
इसके अलावा मेजबान बेल्जियम की टीम ने हॉकी वर्ल्ड सेमीफाइनल्स के सेमीफाइनल मुकाबले
में भारतीय टीम को 4-0 से हराकर फाइनल में प्रवेश कर लिया। बेल्जियम की ओर
से फ्लोरेंट वान ऐबुल (2, 41, 53 मिनट) ने तीन गोल किए। भारतीय टीम को तीन
पेनाल्टी कॉर्नर के अलावा भी मौके मिले लेकिन टीम भुनाने में असफल रही।
फाइनल
में बेल्जियम का मुकाबला विश्व चैंपियन ऑस्ट्रेलिया और ग्रेट ब्रिटेन के
बीच होने वाले दूसरे सेमीफाइनल के विजेता से होगा। भारतीय टीम तीसरे स्थान
के लिए भिड़ेगी। विश्व में चौथे नंबर की मेजबान टीम ने शुरुआत में ही बढ़त
बना ली थी जब फ्लोरेंट ने सर्किल के टॉप पर मिली गेंद पर जोरदार रिवर्स
फ्लिक से गोल कर दिया।
आठवें मिनट में बेल्जियम ने बढ़त 2-0 कर दी
जब भारतीय डिफेंडर जसजीत के पांव पर गेंद लगने से बेल्जियम को पेनाल्टी
कॉर्नर मिला और गोसियंस ने रिबाउंड हुई गेंद पर शॉट लगाकर गोल कर दिया।
दूसरे क्वार्टर में भारतीय टीम ने मौके गंवाए। 17वें मिनट में रमनदीप मौके
का फायदा नहीं उठा सके। अगले ही मिनट में भारत के पास बेहतरीन मौका था जब
सतबीर ने गेंद छीनकर अकेले ही तेजी से डी में प्रवेश किया लेकिन उनकी हिट
को गोलची ने रोक लिया।
37वें मिनट में भारत को पेनाल्टी कॉर्नर मिला
लेकिन रूपिंदर का शॉट निशाने पर नहीं था। चार मिनट बाद पेनाल्टी कॉर्नर
मिला जिस पर फ्लोरेंट ने गोल कर दिया। अंतिम क्वार्टर में बेल्जियम ने तीन
पेनाल्टी कॉर्नर हासिल किए और उनमें से 53 वें मिनट में फिर फ्लोरेंट ने
गोल कर दिया।
पाकिस्तानी हॉकी टीम के पूर्व कप्तान समीउल्लाह ने कहा
कि पाक हॉकी के लिए यह सबसे शर्मनाक दिन है। हॉकी महासंघ के अधिकारियों,
टीम प्रबंधन और चयनकर्ताओं को तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए। वहीं पूर्व
फॉरवर्ड हनीफ खान ने कहा कि आयरलैंड से हारने के बाद हमारी हॉकी गर्त में
चली गई।