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Asian Games: कॉमनवेल्थ में चमके भारतीय सितारे, अब एशियन गेम्स जीतने की बारी; बोले- जश्न बाद में, तैयारी पहले
Tue, 04 Aug 2026 04:36 PM IST
मयंक त्रिपाठी
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: मयंक त्रिपाठी
Updated Tue, 04 Aug 2026 04:36 PM IST
सार
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करने वाले भारतीय मुक्केबाजों और पैरा एथलीटों ने कहा कि अब उनका पूरा फोकस अगले महीने होने वाले एशियन गेम्स पर है। खिलाड़ियों का कहना है कि कॉमनवेल्थ की सफलता से मिला आत्मविश्वास उन्हें एशियन गेम्स और 2028 ओलंपिक में बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करेगा।
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कॉमनवेल्थ गेम्स के पदक विजेता
- फोटो : PTI
विस्तार
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन कर लौटे भारतीय खिलाड़ियों का मंगलवार तड़के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (आईजीआई) एयरपोर्ट पर भव्य स्वागत किया गया। ढोल-नगाड़ों, देशभक्ति गीतों, फूल-मालाओं और समर्थकों की जोरदार मौजूदगी के बीच खिलाड़ियों ने अपने परिवार और प्रशंसकों से मुलाकात की। हालांकि खिलाड़ियों ने साफ कर दिया कि अब उनका पूरा ध्यान अगले महीने होने वाले एशियन गेम्स (आइची-नागोया) पर है। भारतीय मुक्केबाजों ने कॉमनवेल्थ गेम्स में 10 पदक जीतकर शानदार प्रदर्शन किया। इसमें महिला मुक्केबाजों ने छह और पुरुष खिलाड़ियों ने चार पदक अपने नाम किए। वहीं पैरा एथलेटिक्स टीम ने भी इतिहास रचते हुए रिकॉर्ड सात पदक जीते, जिससे भारत पदक तालिका में चौथे स्थान पर पहुंचा।
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एशियन गेम्स है सबसे बड़ा लक्ष्य: प्रिया घंघास
स्वर्ण पदक विजेता मुक्केबाज प्रिया घंघास ने कहा कि कॉमनवेल्थ गेम्स में राष्ट्रगान सुनना उनके जीवन का सबसे यादगार पल रहा, लेकिन अब उनका पूरा फोकस एशियन गेम्स पर है। उन्होंने कहा, 'इतने बड़े मंच पर राष्ट्रगान सुनना अविस्मरणीय अनुभव है। लेकिन अब मेरा लक्ष्य एशियन गेम्स में भी स्वर्ण पदक जीतना है।'
स्वर्ण पदक विजेता मुक्केबाज प्रिया घंघास ने कहा कि कॉमनवेल्थ गेम्स में राष्ट्रगान सुनना उनके जीवन का सबसे यादगार पल रहा, लेकिन अब उनका पूरा फोकस एशियन गेम्स पर है। उन्होंने कहा, 'इतने बड़े मंच पर राष्ट्रगान सुनना अविस्मरणीय अनुभव है। लेकिन अब मेरा लक्ष्य एशियन गेम्स में भी स्वर्ण पदक जीतना है।'
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सपना हुआ पूरा, अब एशियन गेम्स की तैयारी: साक्षी चौधरी
इंग्लैंड की रूबी व्हाइट को पहली बार किसी अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में हराकर स्वर्ण पदक जीतने वाली साक्षी चौधरी ने कहा कि उन्होंने हर रात इस पल का सपना देखा था। उन्होंने कहा, 'मैंने हमेशा खुद को गोल्ड जीतते और देश का राष्ट्रगान बजते हुए देखा था। अब वही सपना सच हो गया है। लेकिन अगला लक्ष्य एशियन गेम्स है और वहां भी यही प्रदर्शन दोहराना चाहती हूं।'
इंग्लैंड की रूबी व्हाइट को पहली बार किसी अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में हराकर स्वर्ण पदक जीतने वाली साक्षी चौधरी ने कहा कि उन्होंने हर रात इस पल का सपना देखा था। उन्होंने कहा, 'मैंने हमेशा खुद को गोल्ड जीतते और देश का राष्ट्रगान बजते हुए देखा था। अब वही सपना सच हो गया है। लेकिन अगला लक्ष्य एशियन गेम्स है और वहां भी यही प्रदर्शन दोहराना चाहती हूं।'
बीमारी से उबरकर गोल्ड जीतने वाली जैसमीन ने ओलंपिक को बनाया लक्ष्य
महिला मुक्केबाज जैसमीन लांबोरिया ने बताया कि बीमारी के कारण वह कॉमनवेल्थ गेम्स से पहले सिर्फ तीन सप्ताह ही अभ्यास कर सकी थीं। उन्होंने कहा, 'रिंग में उतरने के बाद मैंने सारी परेशानियां भूलकर सिर्फ भारत के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश की।' जैसमीन ने कहा कि एशियन गेम्स और उसके बाद के सभी टूर्नामेंट लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 की तैयारी का हिस्सा होंगे।
तकनीकी सुधार का मिला फायदा: सचिन सिवाच
स्वर्ण पदक विजेता सचिन सिवाच ने सफलता का श्रेय कोचों और लंबे समय तक चली मेहनत को दिया। उन्होंने कहा, 'कोचों ने हमारी कमियों की पहचान की और उन पर लगातार काम कराया। अब उसका परिणाम सामने आ रहा है। लगातार जीतने से आत्मविश्वास भी बढ़ता है।'
महिला मुक्केबाज जैसमीन लांबोरिया ने बताया कि बीमारी के कारण वह कॉमनवेल्थ गेम्स से पहले सिर्फ तीन सप्ताह ही अभ्यास कर सकी थीं। उन्होंने कहा, 'रिंग में उतरने के बाद मैंने सारी परेशानियां भूलकर सिर्फ भारत के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश की।' जैसमीन ने कहा कि एशियन गेम्स और उसके बाद के सभी टूर्नामेंट लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 की तैयारी का हिस्सा होंगे।
तकनीकी सुधार का मिला फायदा: सचिन सिवाच
स्वर्ण पदक विजेता सचिन सिवाच ने सफलता का श्रेय कोचों और लंबे समय तक चली मेहनत को दिया। उन्होंने कहा, 'कोचों ने हमारी कमियों की पहचान की और उन पर लगातार काम कराया। अब उसका परिणाम सामने आ रहा है। लगातार जीतने से आत्मविश्वास भी बढ़ता है।'
कजाकिस्तान और उज्बेकिस्तान से मिलेगी कड़ी चुनौती: नरेंद्र बरवाल
मुक्केबाज नरेंद्र बरवाल ने कहा कि भारतीय टीम हर प्रतिद्वंद्वी का वीडियो देखकर रणनीति तैयार करती है। उन्होंने कहा, 'एशियन गेम्स में कजाकिस्तान और उज्बेकिस्तान जैसे मजबूत देशों के मुक्केबाजों से मुकाबला होगा, लेकिन हम पूरी तैयारी के साथ उतरेंगे।'
सिल्वर से संतुष्ट नहीं, अब गोल्ड जीतने की तैयारी: जादूमणि सिंह
रजत पदक विजेता जादूमणि सिंह ने माना कि फाइनल में हार का मलाल है। उन्होंने कहा, 'थोड़ी निराशा जरूर है क्योंकि लक्ष्य गोल्ड था। अब कोचों के साथ कमियों पर काम करूंगा और एशियन गेम्स में मजबूत वापसी करूंगा।'
मुक्केबाज नरेंद्र बरवाल ने कहा कि भारतीय टीम हर प्रतिद्वंद्वी का वीडियो देखकर रणनीति तैयार करती है। उन्होंने कहा, 'एशियन गेम्स में कजाकिस्तान और उज्बेकिस्तान जैसे मजबूत देशों के मुक्केबाजों से मुकाबला होगा, लेकिन हम पूरी तैयारी के साथ उतरेंगे।'
सिल्वर से संतुष्ट नहीं, अब गोल्ड जीतने की तैयारी: जादूमणि सिंह
रजत पदक विजेता जादूमणि सिंह ने माना कि फाइनल में हार का मलाल है। उन्होंने कहा, 'थोड़ी निराशा जरूर है क्योंकि लक्ष्य गोल्ड था। अब कोचों के साथ कमियों पर काम करूंगा और एशियन गेम्स में मजबूत वापसी करूंगा।'
विश्व कप पर फोकस करेंगी अरुंधति चौधरी
70 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण जीतने वाली अरुंधति चौधरी ने कहा कि उनकी स्पर्धा एशियन गेम्स में शामिल नहीं है, इसलिए अब उनका पूरा ध्यान वर्ल्ड कप पर रहेगा। उन्होंने कहा, 'डिफेंडिंग चैंपियन को हराने से मेरा आत्मविश्वास काफी बढ़ा है। यह जीत आगे भी बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करेगी।'
70 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण जीतने वाली अरुंधति चौधरी ने कहा कि उनकी स्पर्धा एशियन गेम्स में शामिल नहीं है, इसलिए अब उनका पूरा ध्यान वर्ल्ड कप पर रहेगा। उन्होंने कहा, 'डिफेंडिंग चैंपियन को हराने से मेरा आत्मविश्वास काफी बढ़ा है। यह जीत आगे भी बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करेगी।'
पैरा एथलीटों ने भी रचा इतिहास
दिलीप गावित बोले- अब पैरालंपिक गोल्ड का सपनापुरुष 100 मीटर टी-47 वर्ग में स्वर्ण और गेम्स रिकॉर्ड बनाने वाले दिलीप महादू गावित ने कहा कि ग्लासगो की ठंड और नई स्पर्धा दोनों चुनौतीपूर्ण थीं। उन्होंने कहा, 'मेरा अंतिम लक्ष्य पैरालंपिक में स्वर्ण जीतकर भारत का झंडा सबसे ऊंचा लहराना है।'
शॉटपुट में स्वर्ण जीतने वाली शर्मिला को मिला नया आत्मविश्वास
महिला एफ-57 वर्ग की स्वर्ण पदक विजेता शर्मिला धनखड़ ने कहा कि इस उपलब्धि से बड़े टूर्नामेंटों के लिए उनका आत्मविश्वास बढ़ा है।
सहयोगी स्टाफ का भी बड़ा योगदान: सोमन राणा
पुरुष एफ-57 वर्ग में स्वर्ण जीतने वाले सोमन राणा ने कहा कि खिलाड़ियों की सफलता के पीछे सपोर्ट स्टाफ की मेहनत भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती है।
पहला कॉमनवेल्थ पदक हमेशा रहेगा यादगार: शिल्पा
महिला एफ-57 वर्ग की कांस्य पदक विजेता शिल्पा के. शायला ने कहा कि भारत के लिए पहला कॉमनवेल्थ पदक जीतना उनके करियर का सबसे गर्व का क्षण है। उन्होंने भविष्य में पैरालंपिक स्वर्ण जीतने का लक्ष्य भी जताया।
जूडो के स्वर्ण पदक विजेताओं का भी हुआ जोरदार स्वागत
जूडो में स्वर्ण जीतने वाले हर्ष सिंह और अस्मिता डे का भी एयरपोर्ट पर शानदार स्वागत हुआ। हर्ष ने कहा, 'कभी नहीं सोचा था कि इस तरह का स्वागत मिलेगा। सभी से मिलकर बहुत अच्छा लग रहा है।' वहीं उत्तर प्रदेश पुलिस में सब-इंस्पेक्टर अस्मिता डे ने कहा, 'यह पहली बार है जब मुझे इस तरह का स्वागत मिला है। यह पल हमेशा याद रहेगा।'
भारत का अगला मिशन: एशियन गेम्स
कॉमनवेल्थ गेम्स की सफलता के बाद भारतीय खिलाड़ियों के उत्साह का स्तर काफी ऊंचा है। हालांकि अधिकांश खिलाड़ियों का मानना है कि अब जश्न मनाने का समय नहीं, बल्कि अगले महीने होने वाले एशियन गेम्स की तैयारी का समय है। खिलाड़ियों का लक्ष्य कॉमनवेल्थ की सफलता को एशियन गेम्स और फिर ओलंपिक तक जारी रखना है।