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Geeta Updesh: श्रीकृष्ण के ये उपदेश तनाव को दूर करने में करेंगे आपकी मदद, जीवन होगा सकारात्मक

Mon, 14 Oct 2024 03:08 PM IST
ज्योति मेहरा धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: ज्योति मेहरा Updated Mon, 14 Oct 2024 03:08 PM IST
सार

गीता में जीवन की हर एक समस्या का समाधान मिल जाता है। इसलिए जब कभी भी आप खुद को मुश्किल या परेशानी से घिरा पाएं तो गीता के इन उपदेश को जरूर याद रखना चाहिए। आज हम आपको कुछ ऐसे ही गीता के अनमोल उपदेशों के बारे में बताने जा रहे हैं।

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Geeta updesh in hindi shri krishna quotes for stress free life geeta ka gyan
shri krishna - फोटो : freepik

विस्तार

Geeta Ka Gyan: जीवन में उतार चढ़ाव आते रहते हैं। कभी-कभी मुश्किल के समय में व्यक्ति को कोई रास्ता नजर नहीं आता और ऐसे में मन उदास हो जाता है। ऐसे में लोगों का मन अशांत रहने लगता है और कई बार तनाव या अवसाद जैसी समस्या भी होने लगती है। ऐसे में यदि आप भगवान श्रीकृष्ण के उपदेशों का स्मरण करते हैं, तो आप खुद को तनाव से दूर रख सकते हैं। श्रीमद्भागवत गीता में भगवान श्रीकृष्ण के उपदेशों का वर्णन किया गया है, जिसे श्रीकृष्ण ने महाभारत युद्ध के दौरान अर्जुन से कहा था।

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श्रीकृष्ण के ये उपदेश मनुष्य को जीवन जीने का सही तरीका सिखाते है। गीता में जीवन की हर एक समस्या का समाधान मिल जाता है। इसलिए जब कभी भी आप खुद को मुश्किल या परेशानी से घिरा पाएं तो गीता के इन उपदेश को जरूर याद रखना चाहिए। आज हम आपको कुछ ऐसे ही गीता के अनमोल उपदेशों के बारे में बताने जा रहे हैं, जो व्यक्ति के जीवन से तनाव को कम करते हैं।
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तनाव से मुक्त रखते हैं गीता के ये उपदेश 

  1. जिंदगी में तनाव मुक्त रहने के लिए सबसे पहले श्रीकृष्ण की ये बात जरूर गांठ बांध लें, कि भविष्य की चिंता व्यर्थ और वर्तमान में जीना सर्वोचित है। गीता में श्रीकृष्ण ने कहा है कि बीते हुए कल और आने वाले कल के बारे में सोचकर कुछ हासिल नहीं किया जा सकता है। इससे केवल आपका मन अशांत रहता है। वर्तमान में अच्छे कर्म करने पर अधिक ध्यान देना चाहिए।। इससे आपका भविष्य अपने आप बेहतर हो जाएगा।
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  3. दरअसल हमारा मन ही हमारे दुखों का कारण होता है। श्रीकृष्ण गीता में कहते हैं कि जिस व्यक्ति ने अपने मन पर काबू पा लिया वह व्यर्थ की चिंता और इच्छाओं से भी मुक्त हो जाता है। ऐसा व्यक्ति अपने लक्ष्य पर भी आसानी ध्यान केंद्रित कर सकता है और उसे हासिल कर सकता है।
  4. कोई भी व्यक्ति पूरी तरह से परफेक्ट नहीं होता। हर किसी से कभी न कभी गलतियां होती हैं। ऐसे में अपनी गलतियों और हार से सीख लेकर आगे बढ़ना चाहिए। इससे निराश होकर मन को दुखी नहीं करना चाहिए। इससे किसी भी समस्या का हल नहीं होता, बल्कि आप परेशान होने लगते हैं।
  5. कभी भी अपनी तुलना किसी अन्य व्यक्ति से न करनी चाहिए। श्रीकृष्ण कहते हैं कि जो व्यक्ति अपनी तुलना दूसरों से करता है वह कभी खुश नहीं रहता। आप जैसे हैं वैसे ही खुद को स्वीकार करना चाहिए।
  6. गीता में भगवान श्रीकृष्ण ने कहा है कि मनुष्य को खुद को ईश्वर में लीन कर देना चाहिए। पूरे जग में भगवान के सिवाय मनुष्य का कोई नहीं होता। मनुष्य को हमेशा यह मान कर कर्म करना चाहिए कि वह भी किसी का नहीं है।

 

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। 

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