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Chankya Niti: स्त्रियों के ये गुण बनाते हैं उन्हें श्रेष्ठ, पुरुषों को देती हैं टक्कर
Mon, 25 Nov 2024 11:51 AM IST
ज्योति मेहरा
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: ज्योति मेहरा
Updated Mon, 25 Nov 2024 11:51 AM IST
सार
चाणक्य द्वारा रचित श्लोकों और नीतियों में महिलाओं को लेकर कुछ विशेष गुणों का उल्लेख किया गया है, जो उन्हें पुरुषों से अलग और श्रेष्ठ बनाते हैं। चाणक्य के अनुसार महिलाएं कई मामलों में पुरुषों से अधिक सक्षम होती हैं।
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चाणक्य नीति
- फोटो : amar ujala
विस्तार
Chankya Niti: आचार्य चाणक्य को कौटिल्य के नाम से भी जाना जाता है। चाणक्य एक अद्वितीय विद्वान, राजनीतिज्ञ, कूटनीतिज्ञ, अर्थशास्त्री और मार्गदर्शक थे। उनकी नीतियां और शिक्षाएं आज भी प्रासंगिक मानी जाती हैं और दुनियाभर में सम्मानित हैं। चाणक्य ने अपने अनुभव और ज्ञान के आधार पर कई विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत किए। उनकी नीतियां न केवल व्यक्तिगत जीवन को सुधारने में सहायक हैं, बल्कि समाज और राष्ट्र के निर्माण में भी मार्गदर्शक सिद्ध होती हैं।
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चाणक्य द्वारा रचित श्लोकों और नीतियों में महिलाओं को लेकर कुछ विशेष गुणों का उल्लेख किया गया है, जो उन्हें पुरुषों से अलग और श्रेष्ठ बनाते हैं। चाणक्य के अनुसार महिलाएं कई मामलों में पुरुषों से अधिक सक्षम होती हैं। ऐसे में आइए चाणक्य के विचारों के अनुसार महिलाओं के इन गुणों को विस्तार से समझते हैं...
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श्लोक
स्त्रीणां द्विगुण आहारो बुद्धिस्तासां चतुर्गुणा।
साहसं षड्गुणं चैव कामोSष्टगुण उच्यते।।
स्त्रीणां द्विगुण आहार
चाणक्य के अनुसार महिलाओं को पुरुषों की तुलना में दो गुना अधिक भूख लगती है। इसका कारण उनकी शारीरिक संरचना और ऊर्जा की अधिक आवश्यकता है। महिलाएं शारीरिक रूप से अधिक सक्रिय रहती हैं, जिससे उनके शरीर को अधिक पोषण और ऊर्जा की जरूरत होती है। यही वजह है कि वे पुरुषों की तुलना में अधिक भोजन ग्रहण करती हैं।
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बुद्धिस्तासां चतुर्गुणा
चाणक्य का मानना था कि महिलाएं बुद्धिमत्ता में पुरुषों से चार गुना आगे होती हैं। वे तेज दिमाग वाली होती हैं और अपनी चतुराई और समझदारी से जीवन की कठिन परिस्थितियों का सामना बेहतर तरीके से कर पाती हैं। उनकी त्वरित सोच और समस्या-समाधान की क्षमता उन्हें और भी सक्षम बनाती है।
साहसं षड्गुणं
साहस के संदर्भ में भी महिलाएं पुरुषों से कहीं अधिक आगे रहती हैं। चाणक्य कहते हैं कि महिलाएं छह गुना अधिक साहसी होती हैं। उनका साहस कठिन समय में स्पष्ट रूप से दिखाई देता है, चाहे वह परिवार की रक्षा हो, संकट का समाधान हो या सामाजिक चुनौतियों का सामना करना।
कामोऽष्टगुण उच्यते
चाणक्य ने यह भी उल्लेख किया कि कामुकता के मामले में महिलाएं पुरुषों से आठ गुना अधिक प्रबल होती हैं। इसका तात्पर्य है कि उनकी भावनाएं और संवेदनशीलता गहराई लिए होती हैं, जो उनके व्यक्तित्व का एक अनूठा पहलू है। चाणक्य द्वारा प्रस्तुत ये गुण यह दर्शाते हैं कि महिलाएं शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक रूप से पुरुषों से कई मायनों में श्रेष्ठ होती हैं।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।