फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Spirituality ›   Religion ›   why women use kumkum bindi

हैरान रह जाएंगे, लड़कियां इसलिए लगाती हैं माथे पर बिंदी

Tue, 18 Feb 2014 08:42 AM IST
राकेश झा/अमर उजाला, दिल्ली
राकेश झा/अमर उजाला, दिल्ली Updated Tue, 18 Feb 2014 08:42 AM IST
विज्ञापन
why women use kumkum bindi

लड़कियों को माथे पर बिंदी लगाए हुए आपने कई बार देखा होगा। कई बार बिंदियों को देखकर आपकी नजरें ठहर भी गई होगी, लेकिन शायद ही कभी सोचा होगा कि लड़कियां आखिर बिंदी लगाती है तो क्यों।

विज्ञापन


चालिए अब तक अगर इस रहस्य को नहीं जान पाएं हैं तो आज इस रहस्य से हम आप मिलकर पर्दा उठाते हैं। दरअसल लड़कियों के माथे पर बिंदी लगाने का शास्त्रीय मत वही है जो पुरुषों के द्वारा माथे पर चंदन और सिंदूर लगाने का कारण माना जाता है।
विज्ञापन


शास्त्रों के अनुसार कुंवारी कन्याएं नवदुर्गा का प्रतीक होती है और विवाहित लड़कियां लक्ष्मी और गौरी का स्वरुप मानी जाती है। यह दोनों देवियां चिर सुहाग का प्रतीक मानी जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसलिए इनके प्रतीक चिन्ह के रुप में विवाहित महिलाओं द्वारा लाल बिंदी या कुमकुम की बिंदी लगाने का विधान है। माना जाता है कि इससे सौभाग्य और समृद्घि बढ़ती है। पति-पत्नी के बीच आपसी प्रेम बढ़ता है।


बिंदी ज्योतिष और विज्ञान

जबकि ज्योतिष और विज्ञान की दृष्टि से यह माना जाता है कि स्त्रियों में शुक्र और चन्द्र का प्रभाव अधिक होता है। इससे इनका मन अधिक चंचल होता है।

माथे पर जहां बिंदी लगाई जाती है वहां आज्ञा चक्र होता है। आज्ञा चक्र के संतुलित रहने से चंचलता में कमी आती है। बिंदी और कुमकुम लगाने से यह चक्र नियंत्रित होता है। इस कारण से भी लड़कियों के माथे पर बिंदी लगाने की परंपरा सदियों से चली आ रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed