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वीर लक्ष्मी

Sat, 10 Nov 2012 01:14 PM IST
राकेश/इंटरनेट डेस्क।
राकेश/इंटरनेट डेस्क। Updated Sat, 10 Nov 2012 01:14 PM IST
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veer laxmi mata
योद्घा और वीरों की अराध्य देवी हैं वीर लक्ष्मी। देवी वीर लक्ष्मी के स्वरूप हैं। चार भुजाधारी वीर लक्ष्मी। यह कमल पर पद्मासन मुद्रा में विराजमान रहती हैं। दो हाथों में कमल व दो हाथ क्रमश: वरद और अभयमुद्रा में होते हैं। इनकी उपासना सौभाग्यवान बना देती है। द्विभुजा वीरलक्ष्मी मां दो भुजाधारी है।
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इनका एक हाथ अभय मुद्रा में और दूसरा वरद मुद्रा में होता है। इनकी उपासना सौभाग्य के साथ स्वास्थ्य भी देने वाली होती है। अष्टभुजा वीरलक्ष्मी  मां की आठ भुजाएं हैं। आठ भुजाओं में पाश, गदा, कमल वरद मुद्रा, अभय मुद्रा, अंकुश, अक्ष सूत्र और पात्र होते हैं। मां का यह स्वरूप आयु, संपत्ति, ऐश्वर्य और सभी सुख देने वाला माना गया है।
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