Surya Grahan 2020: तिथि, महत्व और जानें सूर्य ग्रहण के बारे में सब कुछ

ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला Updated Sun, 14 Jun 2020 12:12 AM IST
विज्ञापन
सूर्य ग्रहण 2020
सूर्य ग्रहण 2020 - फोटो : अमर उजाला

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹299 Limited Period Offer. HURRY UP!

ख़बर सुनें
इस महीने 21 जून को सूर्य ग्रहण लगेगा। इससे पहले इसी महीने 5 तारीख को उपच्छाया चंद्र ग्रहण लगा था, यानी जून 2020 में यह दूसरा ग्रहण होगा। यह सूर्य ग्रहण वलयाकार होगा और भारत में दिखाई देगा, इसलिए यहां ग्रहण का सूतक काल भी मान्य होगा। सूर्य ग्रहण का सूतक काल ग्रहण के समय से 12 घंटे पूर्व लग जाता है। आइए जानते हैं 21 जून को लगने वाले सूर्य ग्रहण से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण बातें। 
विज्ञापन

सूर्य ग्रहण- तिथि, नक्षत्र और राशि
यह साल 2020 का पहला सूर्य ग्रहण है जो आषाढ़ अमावस्या तिथि पर लगेगा। सूर्य ग्रहण हमेशा अमावस्या के दिन और चंद्र ग्रहण हमेशा पूर्णिमा तिथि पर ही लगता है। यह सूर्य ग्रहण मिथुन राशि और मृगशिरा नक्षत्र में लगेगा। मिथुन बुध ग्रह की राशि है और मृगशिरा नक्षत्र का स्वामी मंगल ग्रह है। ग्रहण का सर्वाधिक प्रभाव मिथुन राशि पर पड़ेगा। यह सूर्य ग्रहण सुबह 10 बजकर 13 मिनट से दोपहर 1 बजकर 29 मिनट तक रहेगा। ग्रहण की कुल अवधि लगभग 3 घंटे की रहेगी।


वलयाकार सूर्य ग्रहण
वलयाकार सूर्य ग्रहण का एक प्रकार है, जैसे आंशिक और पूर्ण होता वैसे। जब सूर्य के मध्य से चंद्रमा की छाया गुजरती है तो उसके चारों तरफ एक चमकीला गोल घेरा बन जाता है, जिसे वलयाकार सूर्य ग्रहण कहा जाता है। वलयाकार सूर्य ग्रहण रिंग ऑफ फायर के समान दिखाई देता है। सूर्य ग्रहण को नंगी आंखों से देखना आंखों के लिए हानिकारक है। इसलिए ग्रहण को देखने के लिए सोलर चश्मों या अन्य प्रकार के वैज्ञानिक उपकरणों का प्रयोग करें।

सूर्य ग्रहण का महत्व
भले ही सूर्य ग्रहण को विज्ञान की नजर में महज एक खगोलीय घटना माना जाता है, लेकिन आस्था के नजरिए से यह एक अशुभ घटना होती है। इसलिए ग्रहण में कई चीजों का विचार किया जाता है। हिन्दू धार्मिक आस्था केन्द्रों के कपाट बंद कर दिए जाते हैं। लोग ग्रहण के अशुभ प्रभाव से बचने के लिए गंगा जैसी पवित्र नदी में डुबकी लगाते हैं। पूजा पाठ एवं अन्य प्रकार के मंगल अनुष्ठान रुक जाते हैं। जब ग्रहण समाप्त होता है तो गंगा जल से घरों, मंदिरों, मूर्तियों को शुद्ध किया जाता है ताकि उनके ऊपर से ग्रहण की अशुभ छाया दूर हो जाए।

सूर्य ग्रहण में सावधानियां
सूर्य ग्रहण के दौरान विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता होती है। विशेषकर गर्भवती महिलाओं को। उन्हें घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए और न ही उन्हें चाकू छुरी या नुकीली चीजों का प्रयोग करना चाहिए। कहा जाता है कि इसका सीधा असर गर्भ में पल रहे शिशु के ऊपर पड़ता है। इस सूर्य ग्रहण के बाद स्नान, दान और मंत्र जाप करना विशेष फलदायी रहेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all Astrology News in Hindi related to daily horoscope, tarot readings, birth chart report in Hindi etc. Stay updated with us for all breaking news from Astro and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us

X

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00
X