{"_id":"102e3a0e9251a5bb285cd88d79c320b3","slug":"story-of-sriyantra","type":"story","status":"publish","title_hn":"श्रीयंत्र खरीदना कितना फायदेमंद है आपके लिए","category":{"title":"Religion","title_hn":"धर्म","slug":"religion"}}
श्रीयंत्र खरीदना कितना फायदेमंद है आपके लिए
टीम डिजिटल
Updated Mon, 28 Oct 2013 12:24 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ज्योतिषशास्त्र में धन वृद्घि के लिए तंत्र, मंत्र एवं यंत्र का प्रयोग किया जाता है। इनमें एक यंत्र बहुत ही प्रमुख है, इसे श्रीयंत्र के नाम से जाना जाता है। श्री का अर्थ होता है लक्ष्मी। इस नाम से ही स्पष्ट है कि यह लक्ष्मी माता का यंत्र है।
विज्ञापन
माना जाता है कि जिस घर में श्रीयंत्र की श्रद्घाभाव से नियमित पूजा होती है उस घर में निरंतर धन समृद्घि बढ़ती रहती है। इस संदर्भ में मान्यता यह है कि देवी लक्ष्मी ने स्वयं गुरू बृहस्पति से कहा है कि श्रीयंत्र साक्षात् लक्ष्मी का स्वरूप है। श्रीयंत्र की पूजा करें या लक्ष्मी की मतलब एक है। श्रीयंत्र में लक्ष्मी की आत्मा और शक्ति समाहित हैं।
विज्ञापन
गुरू बृहस्पति से लक्ष्मी ने तब कही थी जब पृथ्वीवासियों से रूठकर लक्ष्मी बैकुण्ठ चली गई थीं। लक्ष्मी के धरती छोड़कर चले जाने से धरती पर आकाल और दरिद्रता का साम्राज्य हो गया था। पाप प्रवृति बढ़ गयी थी। इस स्थिति को देखकर वशिष्ठ मुनि तपस्या में लीन हो गए। विशिष्ठ मुनि की तपस्या देखकर विष्णु भगवान ने देवी लक्ष्मी से पृथ्वी वासियों को क्षम करके उन पर कृपा करने का अनुरोध किया।
विज्ञापन
लेकिन देवी लक्ष्मी नहीं मानी। तब गुरू बृहस्पति ने वशिष्ठ मुनि से कहा कि अब एक ही उपाय है कि, श्रीयंत्र की स्थापना करके इसकी पूजा की जाए। गुरू बृहस्पति के नेतृत्व में श्री यंत्र का निर्माण शुरू हुआ और धनतेरस के दिन इसकी स्थापना करके विधिवत पूजा होने लगी। देवी लक्ष्मी दीपावली के दिन प्रकट हुई और कहने लगी, श्रीयंत्र की पूजा के कारण मुझे विवश होकर आना पड़ा। अब मैं आप सभी से प्रसन्न हूं, पृथ्वीवासी अब मेरी कृपा से धन समृद्घि प्राप्त कर सकेंगे।
कितना शक्तिशाली श्रीयंत्र
माना जाता है कि सोने का श्री यंत्र हमेशा प्रभावशाली रहता है। जबकि चांदी का श्रीयंत्र ग्यारह साल तक असरकारी होता है। तांबे से बने श्रीयंत्र की शक्ति दो साल बाद समाप्त हो जाती है।