Sita Navami 2020: समस्त जगत का कल्याण करने वाली हैं मां सीता, जानिए सीता नवमी पूजा विधि
- गोस्वामी तुलसीदासजी ने मां सीता को समस्त जगत का कल्याण करने वाली राम वल्लभा कहा है। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार मां सीता जगतमाता, एकमात्र सत्य, योगमाया का साक्षात् स्वरुप व समस्त शक्तियों की स्त्रोत तथा मुक्तिदायनी हैं।
- हनुमान जी को उनकी सेवा-भक्ति से प्रसन्न होकर मां सीताजी ने ही उन्हें अष्ट सिद्धियों तथा नव निधियों का स्वामी बनाया।
सीता नवमी के दिन भगवान राम और माता सीता की पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं। आइए जानते हैं पूजा विधि...
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सुबह स्नान करने के घर के मंदिर में दीप प्रज्वलित करें।
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दीप प्रज्वलित करने के बाद अगर संभव हो तो व्रत का संकल्प लें।
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इस दिन व्रत करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है।
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मंदिर में देवताओं को स्नान करवाएं।
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अगर घर में गंगा जल है तो, देवताओं को स्नान वाले जल में गंगा जल मिलाएं।
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भगवान राम और माता सीता का ध्यान करें।
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इस दिन भगवान राम और माता सीता की आरती अवश्य करें।
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भगवान राम और माता सीता को भोग लगाएं। आप अपनी इच्छानुसार भगवान राम और माता सीता को भोग लगा सकते हैं। भोग में इस बात का ध्यान रखें कि भगवान को सिर्फ सात्विक भोजन का ही भोग लगाया जाता है। भोग में कुछ मीठा अवश्य लगाएं।
- सीता नवमी 2020 का मुहूर्त
सीता नवमी मुहूर्त - सुबह 10:58 से दोपहर 01:38 बजे तक (2 मई 2020)
कुल अवधि - 02 घंटे 40 मिनट
नवमी तिथि प्रारंभ - दोपहर 01:26 बजे से (01 मई 2020)
नवमी तिथि समाप्त - सुबह 11:35 तक (02 मई 2020)