फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Spirituality ›   Religion ›   Shrimad Bhagwat Gita Shri Ram Geeta Read Ram Gita of Lord Shriram Before Shri ramcharitmanas

आस्था: श्रीरामचरितमानस से पहले पढ़ें भगवान श्रीराम की 'राम गीता'

Thu, 26 Jan 2023 11:18 AM IST
विनोद शुक्ला शैली प्रकाश
शैली प्रकाश Published by: विनोद शुक्ला Updated Thu, 26 Jan 2023 11:18 AM IST
सार

श्रीमद्भागवत गीता की तरह ही बहुत सी 'श्रीराम गीताओं' का उल्लेख मिलता है। इन गीताओं में वेदान्त के आधार पर श्रीराम के परमब्रह्म स्वरूप का प्रतिपादन किया गया है।

विज्ञापन
Shrimad Bhagwat Gita Shri Ram Geeta Read Ram Gita of Lord Shriram Before Shri ramcharitmanas
श्रीमद्भागवत गीता की तरह ही बहुत सी 'श्रीराम गीताओं' का उल्लेख मिलता है। - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

आपने तुलसीदास कृत रामचरित मानस और वाल्मीकि कृत रामायण तो पढ़ी ही होगी और आपने श्रीमद्भागवत गीता भी पढ़ी होगी, लेकिन क्या आपने श्रीराम गीता पढ़ी है? श्रीमद्भागवत गीता की तरह ही बहुत सी 'श्रीराम गीताओं' का उल्लेख मिलता है। इन गीताओं में वेदान्त के आधार पर श्रीराम के परमब्रह्म स्वरूप का प्रतिपादन किया गया है।  हमें राम गीता के नाम से गई गीताएं मिलती है।

विज्ञापन


पहली रामगीता : इस श्रीरामगीता को गुरु ज्ञानवासिष्ठ तत्वसारायण का एक भाग माना गया है। इस रामगीता में गीता की तरह ही 18 अध्याय हैं। यह रामगीता श्रीराम और हनुमान संवाद के रूप में प्रचलित हैं।
विज्ञापन


दूसरी रामगीता : श्रीराम अयोध्या लौटते हैं तो उसके बाद माता सीता को लेकर लोग तरह तरह की बातें करते हैं। अंत में श्रीराम के आदेश पर जब लक्ष्मणजी अयोध्या से माता सीता को वाल्मिकी आश्रम के वन में छोड़कर आते हैं तो वे बहुत दु:खी हो जाते हैं। उनके दु:ख को समझकर तब श्रीराम जी उन्हें सांत्वना देते हैं। श्रीराम और लक्ष्मणजी के इसी संवाद को या कहें कि श्रीराम के इन्हीं प्रवचनों को राम गीता कहा गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


तीसरी रामगीता : ब्रह्मांड पुराण के उत्तरखंड में अध्यात्म रामायण है। इस अध्यात्म रामायण के पांचवें सर्ग में भी श्रीराम गीता के नाम से एक गीता का उल्लेख है। इसमें कुल 62 श्लोक बताए जाते हैं। लक्ष्मणजी के आग्रह पर इसे श्री रामजी ने उन्हें सुनाया था। इसमें कर्म की प्रवृत्ति और निवृत्ति की विवेचना की गई है। 


चौथी रामगीता : स्कन्दपुराण के निर्वाणखंड में हमें 'रामगीता सटीका' पढ़ने को मिलती है। यह स्कंद पुराण का ही एक अंश है। इसके तीन अध्यायों में श्री राम के परब्रह्म स्वरूप का प्रतिपादन किया गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed