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Hindi News ›   Spirituality ›   Religion ›   Shradh Paksha 2024 Know Tarpana Rules Related To Daughters Kya Ladkiya Pitaro Ka Shradh Kar Sakti Hai

Shradh Paksha 2024: बेटी कर सकती है अपने पितरों का श्राद्ध? गरुड़ पुराण में मिलेगा आपके हर सवाल का जवाब

Tue, 24 Sep 2024 10:38 AM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: श्वेता सिंह Updated Tue, 24 Sep 2024 10:38 AM IST
सार

गरुड़ पुराण के अनुसार जो पूर्वज इस धरती को छोड़कर चले गए वे हमारे पितर हैं। मृत्यु के बाद आत्मा 1 से 100 वर्ष तक अपने पूर्वजों के लोक में ही रहती है। गरुड़ पुराण के अनुसार पितरों की मुक्ति से संबंधित सभी धार्मिक कार्य और अनुष्ठान शुभ माने जाते हैं।

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Shradh Paksha 2024  Know Tarpana Rules Related To Daughters Kya Ladkiya Pitaro Ka Shradh Kar Sakti Hai
pitru paksha 2024 - फोटो : amar ujala

विस्तार

Pitru Paksha 2024: क्या लड़कियां श्राद्ध या पितृ तर्पण कर सकती हैं? यह सवाल शायद कभी न कभी आपके मन में आया होगा। वहीं समाज में ऐसे भी लोग हैं जिन्हें न तो धर्म का पूरा ज्ञान है और न ही पुराणों का, लेकिन समाज की संरचना या यूं कहें कि अपनी सीमाओं के कारण वे लड़कियों को कुछ विशेष धार्मिक कार्यों से पूरी तरह बाहर कर देते हैं, लेकिन हमारे पुराणों में , हर चीज़ के सवालों के जवाब दिए गए। यदि आप पुराणों को उनके मूल रूप में पढ़ेंगे तो आपको सही जानकारी मिलेगी।

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गरुड़ पुराण के अनुसार जो पूर्वज इस धरती को छोड़कर चले गए वे हमारे पितर हैं। मृत्यु के बाद आत्मा 1 से 100 वर्ष तक अपने पूर्वजों के लोक में ही रहती है। गरुड़ पुराण के अनुसार पितरों की मुक्ति से संबंधित सभी धार्मिक कार्य और अनुष्ठान शुभ माने जाते हैं। पितरों को तर्पण करने से न केवल पितरों की आत्मा को शांति मिलती है, बल्कि पीड़ित व्यक्ति के लिए सुख-समृद्धि के द्वार भी खुल जाते हैं। आइए जानते हैं गरुड़ पुराण में लड़कियों द्वारा अपने पितरों का श्राद्ध करने से जुड़ी खास बातें। 
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Shradh Paksha 2024  Know Tarpana Rules Related To Daughters Kya Ladkiya Pitaro Ka Shradh Kar Sakti Hai
shradh - फोटो : Amar Ujala

पितरों का श्राद्ध कौन कर सकता है?
गरुड़ पुराण में कहा गया है कि पितृ श्राद्ध को सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक अनुष्ठानों में से एक माना जाता है और इसे किसी भी कारण से रोका नहीं जाना चाहिए। गरुड़ पुराण के अनुसार, परिवार में हर बच्चा यानी पुत्र हो या पुत्री, पितरों का श्राद्ध करते हैं। यानि कि अगर किसी के माता-पिता धरती छोड़कर पितरों के लोक में चले जाते हैं तो ऐसी स्थिति में उस माता-पिता की संतान यानी बेटा हो या बेटी, माता-पिता का श्राद्ध या तर्पण अवश्य करें। क्योंकि दोनों बच्चे अपने माता-पिता का हिस्सा हैं, दोनों का अपना खून है जो उन्हें एक जनजाति के रूप में एकजुट करता है।

Shradh Paksha 2024  Know Tarpana Rules Related To Daughters Kya Ladkiya Pitaro Ka Shradh Kar Sakti Hai
pitru paksha - फोटो : amar ujala

क्या कन्या कर सकती है तर्पण? 
गरुड़ पुराण के अनुसार यदि किसी व्यक्ति का पुत्र नहीं है तो उसकी पुत्री भी उसका श्राद्ध या तर्पण कर सकती है। इसके अलावा, बेटी बेटे को जन्म देने के बाद भी अपने पूर्वजों या मृत माता-पिता को तर्पण दे सकती है। इसका मतलब यह है कि दो बच्चे अलग-अलग स्थानों पर श्राद्ध कर सकते हैं। इससे कोई नुकसान नहीं होता। पितर अपने पुत्र, पुत्रियों तथा पौत्रों द्वारा किये गये श्राद्ध कर्म को अवश्य स्वीकार करते हैं। बेटियां भी परिवार का हिस्सा हैं, इसलिए अपने पूर्वजों की आत्मा की रक्षा के लिए धार्मिक अनुष्ठान करना उनका कर्तव्य है।

Shradh Paksha 2024  Know Tarpana Rules Related To Daughters Kya Ladkiya Pitaro Ka Shradh Kar Sakti Hai
pitru paksha - फोटो : amar ujala

विवाहित पुत्रियां भी कर सकती हैं श्राद्ध और तर्पण
कई लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि क्या एक विवाहित लड़की अपने माता-पिता, दादा-दादी, नाना-नानी या अन्य पूर्वजों को तर्पण दे सकती है? गरुड़ पुराण में कहा गया है कि विवाहित लड़कियां भी अपने पूर्वजों को "तर्पण" दे सकती हैं क्योंकि दूसरे कुल में विवाह के बाद भी उनका अपने कुल के साथ संबंध बना रहता है। लड़कियां परिवार का हिस्सा हैं और उनकी उपस्थिति हमेशा बनी रहेगी। इस स्थिति में भी जो लोग लड़कियों के माता-पिता हैं उन्हें चिंता करने की कोई आवश्यकता नहीं है।

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। 

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